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पूरे सप्ताह खेतों में जा रहे कच्चे रास्तों का डाटा ढूंढने में जुटा रहा राजस्व विभाग
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:20 AM IST
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किसानों को खेतों में जाने में नहीं होगी परेशानी, जिले में 10 हजार कच्चे रास्ते होंगे पक्के
सरकार ने लिया है फैसला, पूरे सप्ताह खेतों में जा रहे कच्चे रास्तों का डाटा ढूंढने में जुटा रहा राजस्व विभाग
सरकार ने मांगी है कच्चे रास्तों की रिपोर्ट, सभी गांवों व शहरों के आस-पास मौजूद कच्चे रास्तों की रिपोर्ट की जा रही है तैयार
फोटो संख्या-11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार द्वारा लिए गए फैसले से अब किसानों का खेतों में वाहनों को लेकर आना-जाना अब और भी सुगम होने जा रहा है। कैथल जिले में 10 हजार कच्चे रास्तों का चयन किया गया है। जिन्हें सरकार द्वारा पक्का किया जाएगा। इसके लिए पिछले सप्ताह राजस्व विभाग कच्चे रास्तों का डाटा ढूंढने में जुटा रहा। इस डाटा की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को पंचायती राज विभाग के माध्यम से भेज दी गई है। संभावनाएं हैं कि यह काम पंचायती राज विभाग की ओर से ही करवाया जाए।
कच्चे रास्तों के कारण होती है परेशानियां : जिले भर में हजारों ऐसे कच्चे रास्ते हैं, जिनके माध्यम से किसान हर रोज खेतों में आते-जाते हैं। इन रास्तों में थोड़ी सी बारिश होने के बाद तो निकलना मुश्किल हो जाता है। कई जगह हालात ये हो जाते हैं कि वहां साइकिल लेकर भी जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक कार्यों में खेतों से चारा लाने में आती है। क्योंकि उन्हें बोगी आदि के माध्यम से भी खेतों में आने-जाने में परेशानी होती है। गांवों में किसान अपने स्तर पर इन रास्तों का रखरखाव करते हैं और कई बार लोग धनराशि एकत्रित करके इन रास्तों में मिट्टी भी डलवाते हैं।
सरकार ने लिया है रास्तों को पक्का करने का निर्णय : दो दिन पूर्व ही सरकार द्वारा एलान किया गया है कि अगले पांच सालों में सभी कच्चे रास्तों को पक्का किया जाएगा। गांवों से खेतों में जाने वाले रास्तों में शामिल इन सभी मार्गों के लिए पहले रिपोर्ट तैयार करवाई गई। पिछला पूरा सप्ताह राजस्व एवं पंचायती राज विभाग द्वारा यह रिपोर्ट तैयार की गई है। राजस्व विभाग में पटवारियों के माध्यम से यह रिपोर्ट जुटाई गई। एक-दो ब्लॉकों में रिपोर्ट तैयार होने में देरी होने पर खुद डीसी धर्मवीर सिंह को संज्ञान लेना पड़ा। उन्होंने नायब तहसीलदारों को बुलाकर निर्देश दिए कि जल्द यह रिपोर्ट तैयार की जाए। राजस्व विभाग ने रिपोर्ट तैयार की। जिसे पंचायती राज विभाग के माध्यम से सरकार को भेज दिया गया।
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जिले में लगभग 10 हजार रास्तों की रिपोर्ट भेजी गई : प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिले में 10 हजार रास्तों की पहचान की गई है, जो कच्चे हैं। गांवों व शहरों व कस्बों से खेतों की ओर जाते हैं। किसान इन रास्तों का दैनिक कार्यों में आने-जाने के लिए प्रयोग करते हैं। इनमें कैथल ब्लॉक में करीब 1350, कलायत ब्लॉक में लगभग 3100, पूंडरी ब्लॉक में लगभग 2800, गुहला ब्लॉक में लगभग 2700 रास्तों की पहचान की गई है। अब सरकार के अगले आदेश आते ही इन रास्तों को पक्का करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
डीसी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से रास्तों की रिपोर्ट मांगी गई थी। जिसे भेज दिया गया है। आगामी आदेश मिलते ही उनका पालन किया जाएगा।
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सरकार ने लिया है फैसला, पूरे सप्ताह खेतों में जा रहे कच्चे रास्तों का डाटा ढूंढने में जुटा रहा राजस्व विभाग
सरकार ने मांगी है कच्चे रास्तों की रिपोर्ट, सभी गांवों व शहरों के आस-पास मौजूद कच्चे रास्तों की रिपोर्ट की जा रही है तैयार
फोटो संख्या-11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार द्वारा लिए गए फैसले से अब किसानों का खेतों में वाहनों को लेकर आना-जाना अब और भी सुगम होने जा रहा है। कैथल जिले में 10 हजार कच्चे रास्तों का चयन किया गया है। जिन्हें सरकार द्वारा पक्का किया जाएगा। इसके लिए पिछले सप्ताह राजस्व विभाग कच्चे रास्तों का डाटा ढूंढने में जुटा रहा। इस डाटा की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को पंचायती राज विभाग के माध्यम से भेज दी गई है। संभावनाएं हैं कि यह काम पंचायती राज विभाग की ओर से ही करवाया जाए।
कच्चे रास्तों के कारण होती है परेशानियां : जिले भर में हजारों ऐसे कच्चे रास्ते हैं, जिनके माध्यम से किसान हर रोज खेतों में आते-जाते हैं। इन रास्तों में थोड़ी सी बारिश होने के बाद तो निकलना मुश्किल हो जाता है। कई जगह हालात ये हो जाते हैं कि वहां साइकिल लेकर भी जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक कार्यों में खेतों से चारा लाने में आती है। क्योंकि उन्हें बोगी आदि के माध्यम से भी खेतों में आने-जाने में परेशानी होती है। गांवों में किसान अपने स्तर पर इन रास्तों का रखरखाव करते हैं और कई बार लोग धनराशि एकत्रित करके इन रास्तों में मिट्टी भी डलवाते हैं।
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सरकार ने लिया है रास्तों को पक्का करने का निर्णय : दो दिन पूर्व ही सरकार द्वारा एलान किया गया है कि अगले पांच सालों में सभी कच्चे रास्तों को पक्का किया जाएगा। गांवों से खेतों में जाने वाले रास्तों में शामिल इन सभी मार्गों के लिए पहले रिपोर्ट तैयार करवाई गई। पिछला पूरा सप्ताह राजस्व एवं पंचायती राज विभाग द्वारा यह रिपोर्ट तैयार की गई है। राजस्व विभाग में पटवारियों के माध्यम से यह रिपोर्ट जुटाई गई। एक-दो ब्लॉकों में रिपोर्ट तैयार होने में देरी होने पर खुद डीसी धर्मवीर सिंह को संज्ञान लेना पड़ा। उन्होंने नायब तहसीलदारों को बुलाकर निर्देश दिए कि जल्द यह रिपोर्ट तैयार की जाए। राजस्व विभाग ने रिपोर्ट तैयार की। जिसे पंचायती राज विभाग के माध्यम से सरकार को भेज दिया गया।
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जिले में लगभग 10 हजार रास्तों की रिपोर्ट भेजी गई : प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिले में 10 हजार रास्तों की पहचान की गई है, जो कच्चे हैं। गांवों व शहरों व कस्बों से खेतों की ओर जाते हैं। किसान इन रास्तों का दैनिक कार्यों में आने-जाने के लिए प्रयोग करते हैं। इनमें कैथल ब्लॉक में करीब 1350, कलायत ब्लॉक में लगभग 3100, पूंडरी ब्लॉक में लगभग 2800, गुहला ब्लॉक में लगभग 2700 रास्तों की पहचान की गई है। अब सरकार के अगले आदेश आते ही इन रास्तों को पक्का करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
डीसी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से रास्तों की रिपोर्ट मांगी गई थी। जिसे भेज दिया गया है। आगामी आदेश मिलते ही उनका पालन किया जाएगा।