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पहुंचे थे लोगों को जागरूक करने, आपस में ही उलझ गए
Updated Wed, 15 Nov 2017 12:07 AM IST
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पहुंचे थे लोगों को जागरूक करने, आपस में ही उलझ बैठे
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लोगों को सड़क हादसों के प्रति जागरूक करने के लिए मंगलवार को सड़क सुरक्षा संगठन के माध्यम से पुलिस की ओर से पिहोवा चौक पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वाहनों को रिफ्लेक्टर लगाए गए। एसपी सुमेर प्रताप सिंह इस अभियान की शुरुआत करने पहुंचे। उन्होंने कई वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए और मौके से चले गए। इसके बाद सड़क सुरक्षा संगठन (आरएसओ) को लेकर दो गुटों में जमकर वाकयुद्ध हुआ और एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। एक गुट ने तो 500 से 1000 रुपये लेकर आरएसओ का सदस्य बनाए जाने तक के आरोप जड़ दिए। दोनों गुटों ने अपनी-अपनी विज्ञप्ति जारी कर अपने-अपने प्रधान बनाए जाने का ऐलान कर दिया। हालांकि एसपी ने रुलदू राम गुट को स्वीकृति देने की बात कही है।
घटना के बाद एसपी से मिले लोगों में मदन खन्ना, तेजिंद्र पाल भाटिया, सुबेदार राम सिंह, राजू डोहर, मनोहर लाल, लाजपत सिंगला, नरेश, सोमदत्त शर्मा, ओमप्रकाश मढाड व राजेंद्र सिह मौजूद रहे। मदन खन्ना ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर सभी सदस्यों को निमंत्रण दिया गया था। लेकिन संगठन के कुछ सदस्य आरएसओ के अपने अलग कार्यक्रम बनाने का कार्य कर रहे हैं। जो संगठन को तोड़ने का कार्य है।
वहीं दूसरे पक्ष से रुलदु राम ने बताया कि संगठन के कुछ सदस्य अपने आप को प्रधान बताकर आरएसओ के आई कार्ड बनाने का कार्य कर रहे हैं। लेकिन यह बात एसपी की जानकारी में भी नहीं है। यह सरासर गलत है। दूसरे पक्ष की ओर से आरोप लगाए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि एसपी ने स्वयं ही बैठक के माध्यम से नई कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया था। लेकिन कुछ लोग संगठन में फूट डालने का कार्य कर रहे हैं।
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विज्ञप्ति में किया अलग-अलग प्रधान का दावा : रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन के लेटर पैड पर जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि आरएसओ की बैठक प्रधान मदन लाल खन्ना की अध्यक्षता में हुई। जिसमें एसपी ने वाहनों को रिफ्लेक्टर लगाए। एसपी ने अभी तक कार्यकारिणी में प्रधान, उप-प्रधान या चेयरमैन नहीं बनाया है। विचार-विमर्श करके राजू डोहर को कार्यवाहक प्रधान बनाया गया।
दूसरी ओर सड़क सुरक्षा संगठन के नाम से जारी विज्ञप्ति में रिफ्लेक्टर कार्यक्रम की जानकारी देने के अलावा बताया गया कि एसपी द्वारा सड़क सुरक्षा संगठन के नए पदाधिकारियों में एसपी को चेयरमैन, रुलदू राम को वाइस चेयरमैन, सुरेंद्र गोयल पैटर्न, नवीन को चीफ पैटर्न, धर्मेंद्र गुप्ता को प्रधान, ओमप्रकाश को उपाध्यक्ष व रोहित शर्मा, हरिकृष्ण गुप्ता, मांगें राम कैलरम, हरिशरण सहित कई लोगों को सदस्य बनाया गया।
जिले में निष्क्रिय है सड़क सुरक्षा संगठन : बेशक सड़क सुरक्षा संगठन में प्रधान सहित पदों को लेकर विवाद हो रहा है। लेकिन यह संगठन जागरूकता के नाम पर जमीनी स्तर पर कुछ करता नजर नहीं आ रहा है। सड़कों पर सफेद पट्टी से लेकर संकेतकों तक की खामियां अभी तक हैं। लोग कोहरे में जान गंवा रहे हैं। संगठन का प्रयास होना चाहिए कि सड़क हादसों को रोकने के लिए तमाम विभागों के बीच आपसी तालमेल से इन समस्याओं का समाधान करवाए।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि आरएसओ को लेकर कोई विवाद नहीं है। रुलदू राम को वाइस चेयरमैन बनाते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इस बार नए लोगों को इस संगठन में लिया गया है।
- एसपी के जाने के बाद सडक़ सुरक्षा संगठन के गुटों में हुआ वाकयुद्ध, एक दूसरे पर लगाए आरोप
-आरएसओ को लेकर किया अपना-अपना दावा, अपने-अपने प्रधान नियुक्त किए
फोटो नंबर-1 से 4
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लोगों को सड़क हादसों के प्रति जागरूक करने के लिए मंगलवार को सड़क सुरक्षा संगठन के माध्यम से पुलिस की ओर से पिहोवा चौक पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वाहनों को रिफ्लेक्टर लगाए गए। एसपी सुमेर प्रताप सिंह इस अभियान की शुरुआत करने पहुंचे। उन्होंने कई वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए और मौके से चले गए। इसके बाद सड़क सुरक्षा संगठन (आरएसओ) को लेकर दो गुटों में जमकर वाकयुद्ध हुआ और एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। एक गुट ने तो 500 से 1000 रुपये लेकर आरएसओ का सदस्य बनाए जाने तक के आरोप जड़ दिए। दोनों गुटों ने अपनी-अपनी विज्ञप्ति जारी कर अपने-अपने प्रधान बनाए जाने का ऐलान कर दिया। हालांकि एसपी ने रुलदू राम गुट को स्वीकृति देने की बात कही है।
घटना के बाद एसपी से मिले लोगों में मदन खन्ना, तेजिंद्र पाल भाटिया, सुबेदार राम सिंह, राजू डोहर, मनोहर लाल, लाजपत सिंगला, नरेश, सोमदत्त शर्मा, ओमप्रकाश मढाड व राजेंद्र सिह मौजूद रहे। मदन खन्ना ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर सभी सदस्यों को निमंत्रण दिया गया था। लेकिन संगठन के कुछ सदस्य आरएसओ के अपने अलग कार्यक्रम बनाने का कार्य कर रहे हैं। जो संगठन को तोड़ने का कार्य है।
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वहीं दूसरे पक्ष से रुलदु राम ने बताया कि संगठन के कुछ सदस्य अपने आप को प्रधान बताकर आरएसओ के आई कार्ड बनाने का कार्य कर रहे हैं। लेकिन यह बात एसपी की जानकारी में भी नहीं है। यह सरासर गलत है। दूसरे पक्ष की ओर से आरोप लगाए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि एसपी ने स्वयं ही बैठक के माध्यम से नई कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया था। लेकिन कुछ लोग संगठन में फूट डालने का कार्य कर रहे हैं।
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विज्ञप्ति में किया अलग-अलग प्रधान का दावा : रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन के लेटर पैड पर जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि आरएसओ की बैठक प्रधान मदन लाल खन्ना की अध्यक्षता में हुई। जिसमें एसपी ने वाहनों को रिफ्लेक्टर लगाए। एसपी ने अभी तक कार्यकारिणी में प्रधान, उप-प्रधान या चेयरमैन नहीं बनाया है। विचार-विमर्श करके राजू डोहर को कार्यवाहक प्रधान बनाया गया।
दूसरी ओर सड़क सुरक्षा संगठन के नाम से जारी विज्ञप्ति में रिफ्लेक्टर कार्यक्रम की जानकारी देने के अलावा बताया गया कि एसपी द्वारा सड़क सुरक्षा संगठन के नए पदाधिकारियों में एसपी को चेयरमैन, रुलदू राम को वाइस चेयरमैन, सुरेंद्र गोयल पैटर्न, नवीन को चीफ पैटर्न, धर्मेंद्र गुप्ता को प्रधान, ओमप्रकाश को उपाध्यक्ष व रोहित शर्मा, हरिकृष्ण गुप्ता, मांगें राम कैलरम, हरिशरण सहित कई लोगों को सदस्य बनाया गया।
जिले में निष्क्रिय है सड़क सुरक्षा संगठन : बेशक सड़क सुरक्षा संगठन में प्रधान सहित पदों को लेकर विवाद हो रहा है। लेकिन यह संगठन जागरूकता के नाम पर जमीनी स्तर पर कुछ करता नजर नहीं आ रहा है। सड़कों पर सफेद पट्टी से लेकर संकेतकों तक की खामियां अभी तक हैं। लोग कोहरे में जान गंवा रहे हैं। संगठन का प्रयास होना चाहिए कि सड़क हादसों को रोकने के लिए तमाम विभागों के बीच आपसी तालमेल से इन समस्याओं का समाधान करवाए।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि आरएसओ को लेकर कोई विवाद नहीं है। रुलदू राम को वाइस चेयरमैन बनाते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इस बार नए लोगों को इस संगठन में लिया गया है।
- एसपी के जाने के बाद सडक़ सुरक्षा संगठन के गुटों में हुआ वाकयुद्ध, एक दूसरे पर लगाए आरोप
-आरएसओ को लेकर किया अपना-अपना दावा, अपने-अपने प्रधान नियुक्त किए
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