फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   8 roadways buses will be declared dilapidated today, affecting routes

Kaithal News: रोडवेज में आज 8 बसें जर्जर घोषित होंगी, रूटों पर पड़ेगा असर

Mon, 08 Dec 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 08 Dec 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
8 roadways buses will be declared dilapidated today, affecting routes
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। कैथल रोडवेज डिपो का बस बेड़ा सोमवार को एक बार फिर घटने जा रहा है। निर्धारित 10 वर्ष की वैधता पूरी कर चुकी आठ रोडवेज बसों को आज जर्जर घोषित कर रूट से हटा दिया जाएगा। इन बसों के बंद होने से डिपो के पास अब केवल 192 बसें (169 रोडवेज और 23 लीज पर) ही शेष रह जाएंगी। बसों की संख्या घटने का सीधा असर लोकल के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज रूटों पर पड़ने की संभावना है।

इन रूटों पर रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है और ऐसे में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान यात्री भार और जिले की जनसंख्या के अनुपात में कैथल डिपो को कम से कम 58 नई बसों की तुरंत आवश्यकता है। डिपो की स्वीकृत क्षमता 250 बसों की है, लेकिन अब यह संख्या घटकर 192 रह गई है। पहले डिपो के पास 177 अपनी बसें और लीज पर मिलाकर करीब 200 बसें थीं।
विज्ञापन


नई बसें नहीं, पुरानी ही बोझ बनीं : जानकारी के मुताबिक बीते तीन वर्षों में डिपो को 121 नई बसें आवंटित की गई थीं, लेकिन इनमें से 48 बीएस-6 बसों को पानीपत, भिवानी, पलवल, झज्जर सहित अन्य डिपो में स्थानांतरित कर दिया गया। बदले में कैथल डिपो को पुरानी और जर्जर बसें मिलीं, जिन्हें वर्कशॉप में मरम्मत कर किसी तरह सड़कों पर उतारा जा रहा है। कई बार ये बसें बीच रास्ते में ही खराब हो जाती हैं। वर्तमान में डिपो में केवल 65 बसें ही नई स्थिति में शेष हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


तकनीकी कमेटी करती है बसों को ‘जर्जर’ घोषित : 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी बसों का निरीक्षण मुख्यालय द्वारा गठित तकनीकी टीम द्वारा किया जाता है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर बसों को जर्जर घोषित कर रूट से हटा दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि कैथल डिपो की पुरानी बसों का मुद्दा विधानसभा में भी उठ चुका है, इसके बावजूद बसों की कमी बनी हुई है।

इन रूटों पर बढ़ेगी सबसे ज्यादा परेशानी : बसों की संख्या घटने से कुरुक्षेत्र, करनाल, असंध, जींद, गुहला-चीका और नरवाना रूटों पर यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

इन रूटों पर फिलहाल इन्हीं बसों का संचालन किया जा रहा था।

रोजाना 20 हजार यात्रियों का सफर, 16 से 18 लाख तक की आमदनी : डिपो की बसों से प्रतिदिन करीब 20 हजार यात्री सफर करते हैं, जिससे रोडवेज विभाग को रोजाना 16 से 18 लाख रुपये तक की आय होती है।

यात्रियों की मांग : जल्द भेजी जाएं नई बसें

यात्री मनोज, राजेंद्र, राजेश व रामकुमार ने बताया कि कैथल डिपो की कई बसें अब बिल्कुल खटारा हो चुकी हैं। कई बार यात्रा बीच रास्ते में ही रुक जाती है। सरकार को चाहिए कि पुरानी बसों को कंडम कर नई बसें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।



विभाग को जल्द नई बसें मिलने की उम्मीद ः अनिल

वर्कशॉप मैनेजर अनिल ने बताया कि कैथल डिपो की आठ बसें जर्जर घोषित की जा रही हैं। विभाग को जल्द नई बसें मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले महीने कैथल डिपो को 10 नई बसें उपलब्ध करवाई गई थीं।




कर्मचारी नेता संदीप बोले- खरीदी जाएं नई बसें

रोडवेज कर्मचारी नेता संदीप ने कहा कि डिपो में तत्काल 250 बसें शामिल की जानी चाहिए। पुरानी बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ चालक और परिचालक भी परेशान होते हैं। सरकार को तुरंत नई बसें खरीदनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed