{"_id":"5c23daa0bdec2256eb0d1824","slug":"71545853600-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोशालाओं को 42 लाख रुपये की ग्रांट देने पहुंचे गो सेवा आयोग के सदस्य भानी राम मंगला को सुनाई खरी-खरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोशालाओं को 42 लाख रुपये की ग्रांट देने पहुंचे गो सेवा आयोग के सदस्य भानी राम मंगला को सुनाई खरी-खरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोशालाओं को 42 लाख रुपये की ग्रांट देने पहुंचे गो सेवा आयोग के सदस्य भानी राम मंगला को सुनाई खरी-खरी
कैथल। जिले की गोशालाओं को 42 लाख रुपये की ग्रांट देने पहुंचे गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला को लघु सचिवालय में कई गोशाला संचालकों ने खरी-खरी सुनाई। जिनके जवाब में भानी राम मंगला ने भी कहा कि इससे पूर्व किसी ने इतनी भी सुध ली थी जितनी की हमने तीन सालों में ली हैं। करीब दस मिनट तक एक गोशाला संचालक खूब सुनाते रहे और चेयरमैन ने अंत में हाथ जोड़कर कहा कि आप बैठ जाइए। समस्याओं का हमें भी पता है। एक-एक करके सभी का समाधान हो रहा है। सभी गोशाला संचालकों ने गोशालाओं में पशु डॉक्टरों की ड्यूटी के बावजूद न पहुंचने का मुद्दा उठाया। जिस पर जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड ने गोशलाओं को सालाना दी गई ग्रांट की जानकारी देकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
चीका में गोशाला के प्रधान रमेश सिंगला ने कहा कि वे 2 एकड़ में 2300 गाय संभाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 9 एकड़ जमीन देने की बात कही थी आज तक कोई सुनवाई नहीं? गो सेवा आयोग, डीसी या कोई अधिकारी या नेता कभी गोशाला में जाकर भी देखता है। हर रोज दस-दस गाय मर रही हैं। हमें जितनी उम्मीद थी उतना नहीं हो पाया गोशालाओं के लिए। 1 लाख का खर्च है हर रोज का। उन्हें न सोलर प्लांट मिला और न ही गोमूत्र प्लांट के लिए मशीनरी। इस पर भानी राम मंगला व सिंगला के बीच कई बार तीखी नौक-झौंक भी हुई। बाद में मंगला ने कहा कि हमें पता है कि समस्याएं हैं लेकिन उनका एक-एक कर समाधान किया जा रहा है। इसके बाद मोर्चा जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ने संभाला। उन्होंने कहा कि गोशाला में करीब 10 लाख रुपये की ग्रांट दी जा चुकी है तो आप कैसे कह सकते हैं कि अभी तक कुछ नहीं हुआ? इसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। वहीं गोशाला संचालकों जिसमें कई संत भी शामिल थे ने एक सुर में कहा कि गोशालाओं में डॉक्टर नहीं मिलते। जिस कारण गायों का इलाज नहीं हो पा रहा है। इस पर मंगला ने कहा कि इस बारे में प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी।
इन्होंने भी रखी समस्याएं : पूंडरी निवासी चंादी राम गोयल ने बताया कि जयराम आश्रम में चार एकड़ भूमि पर गोशाला बनी है। जिसमें 1800 गाएं है। जगह कम है।
बलबीर शर्मा ने बताया कि गोपाल गोशाला में मृत गासयों को उठाने की समस्या है। इसका समाधान किया जाए। क्या मृत गाय उठाने की जिम्मेदारी गोशालाओं की है?
कुरुक्षेत्र जिले से एक गोशाला संचालक कैथल के गांवों में करवाता है सांग, उसे रोका जाए : सीता राम ढांड ने बताया कि गांव मथाना की अखंड गोशाला का बाबा प्रत्येक गांव में सांग करवाता है जिसमें 25 प्रतिशत खुद लेता है और 75 प्रतिशत राशि सांगियों को देता है। इस व्यवस्था को बंद किया जाए। जिस पर मंगला ने कहा कि यह शिकायत उन्हें लिख कर दें। यदि कोई गलत काम कर रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सरकार जमीन दे तभी मिलेगी ग्रांट: नई अनाज मंडी के निकट गोशाला समिति प्रधान रामफल खुरानिया ने बताया कि उनकी गोशाला में 3 हजार से अधिक गाय हैं। यह गोशाला सरकारी जमीन में चल रही है। यदि यह जमीन सरकार को दे दी जाए तो इसमें गोशाला का रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। इसके बाद ही सरकारी सहायता का रास्ता साफ होगा। अभी तक इस गोशाला को समाज के सहयोग से ही चलाया जा रहा है। इसमें सरकार की ओर से कोई ग्रांट नहीं मिली है। श्री कृष्ण गो संरक्षण धाम ट्रस्ट की मांग है कि सरकार इस जमीन को गोशाला को हस्तांतरित कर दे। नगर परिषद ने गोबर के लिए उन्हें नोटिस जारी किया है। सरकार से मांग है कि गोबर डालने के लिए जगह उपलब्ध करवाएं।
गोशालाओं में दी है 22 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि
कैथल। लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में मीडिया से बातचीत में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला ने कहा कि हरियाणा पहला ऐसा राज्य है जिसमें गाय भक्त प्रदेश सरकार द्वारा गायों के संरक्षण हेतू गौ वंश संरक्षण व संवर्धन अधिनियम लागू किया है। पिछले वर्ष 22 करोड़ 87 लाख रुपये की सहायता राशि विभिन्न गोशालाओं को उपलब्ध करवाई है। इस साल अब तक 10 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। पूरे प्रदेश में 520 गोशालाएं हैं तथा इनमें लगभग 20000 गोवंश रखा गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि कोई गाय भूखी, प्यासी व बेसहारा न रहे तथा कोई गौ वंश सड़कों पर न रहे तथा सभी गोशालाएं स्वावलंबी व आत्म निर्भर बनें। सरकार द्वारा गोपाष्टमी पर्व मनाने पर संबंधित गोशालाओं को 21 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते हैं। 3 वर्ष पूर्व प्रदेश में 360 गोशालएं थीं तथा अब बढ़कर 520 हो गई हैं। गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री गोशाला जगमग योजना क्रियान्वित की जा रही है। 278 गोशालाओं से सोलर प्लांट बारे दस्तावेज उपलब्ध हुए हैं। हिसार व पानीपत में गो अभ्यारण स्थापित किए गए हैं तथा गुरुग्राम में बायो सीएनजी का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करवाया जा रहा है। साथ ही गोशालाओं में बायो सीएनजी, बायो एलपीजी, बायो इलेक्ट्रिसिटी की संभावनाओं का भी पता लगाया जाएगा। अगले 2 माह में टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जिस पर सड़क पर बेसहारा गौ वंश की जानकारी मिलते ही तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से उसे गऊशाला पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड, पूर्व विधायक लीला राम, आयोग के सदस्य अमित बंसल, जिला परिषद के उपाध्यक्ष मनीष कठवाड़, सुभाष गोयल, पशु पालन विभाग के एसडीओ डा. निरंजन दास गोयल मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैथल। जिले की गोशालाओं को 42 लाख रुपये की ग्रांट देने पहुंचे गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला को लघु सचिवालय में कई गोशाला संचालकों ने खरी-खरी सुनाई। जिनके जवाब में भानी राम मंगला ने भी कहा कि इससे पूर्व किसी ने इतनी भी सुध ली थी जितनी की हमने तीन सालों में ली हैं। करीब दस मिनट तक एक गोशाला संचालक खूब सुनाते रहे और चेयरमैन ने अंत में हाथ जोड़कर कहा कि आप बैठ जाइए। समस्याओं का हमें भी पता है। एक-एक करके सभी का समाधान हो रहा है। सभी गोशाला संचालकों ने गोशालाओं में पशु डॉक्टरों की ड्यूटी के बावजूद न पहुंचने का मुद्दा उठाया। जिस पर जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड ने गोशलाओं को सालाना दी गई ग्रांट की जानकारी देकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
चीका में गोशाला के प्रधान रमेश सिंगला ने कहा कि वे 2 एकड़ में 2300 गाय संभाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 9 एकड़ जमीन देने की बात कही थी आज तक कोई सुनवाई नहीं? गो सेवा आयोग, डीसी या कोई अधिकारी या नेता कभी गोशाला में जाकर भी देखता है। हर रोज दस-दस गाय मर रही हैं। हमें जितनी उम्मीद थी उतना नहीं हो पाया गोशालाओं के लिए। 1 लाख का खर्च है हर रोज का। उन्हें न सोलर प्लांट मिला और न ही गोमूत्र प्लांट के लिए मशीनरी। इस पर भानी राम मंगला व सिंगला के बीच कई बार तीखी नौक-झौंक भी हुई। बाद में मंगला ने कहा कि हमें पता है कि समस्याएं हैं लेकिन उनका एक-एक कर समाधान किया जा रहा है। इसके बाद मोर्चा जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ने संभाला। उन्होंने कहा कि गोशाला में करीब 10 लाख रुपये की ग्रांट दी जा चुकी है तो आप कैसे कह सकते हैं कि अभी तक कुछ नहीं हुआ? इसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। वहीं गोशाला संचालकों जिसमें कई संत भी शामिल थे ने एक सुर में कहा कि गोशालाओं में डॉक्टर नहीं मिलते। जिस कारण गायों का इलाज नहीं हो पा रहा है। इस पर मंगला ने कहा कि इस बारे में प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी।
विज्ञापन
इन्होंने भी रखी समस्याएं : पूंडरी निवासी चंादी राम गोयल ने बताया कि जयराम आश्रम में चार एकड़ भूमि पर गोशाला बनी है। जिसमें 1800 गाएं है। जगह कम है।
बलबीर शर्मा ने बताया कि गोपाल गोशाला में मृत गासयों को उठाने की समस्या है। इसका समाधान किया जाए। क्या मृत गाय उठाने की जिम्मेदारी गोशालाओं की है?
कुरुक्षेत्र जिले से एक गोशाला संचालक कैथल के गांवों में करवाता है सांग, उसे रोका जाए : सीता राम ढांड ने बताया कि गांव मथाना की अखंड गोशाला का बाबा प्रत्येक गांव में सांग करवाता है जिसमें 25 प्रतिशत खुद लेता है और 75 प्रतिशत राशि सांगियों को देता है। इस व्यवस्था को बंद किया जाए। जिस पर मंगला ने कहा कि यह शिकायत उन्हें लिख कर दें। यदि कोई गलत काम कर रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सरकार जमीन दे तभी मिलेगी ग्रांट: नई अनाज मंडी के निकट गोशाला समिति प्रधान रामफल खुरानिया ने बताया कि उनकी गोशाला में 3 हजार से अधिक गाय हैं। यह गोशाला सरकारी जमीन में चल रही है। यदि यह जमीन सरकार को दे दी जाए तो इसमें गोशाला का रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। इसके बाद ही सरकारी सहायता का रास्ता साफ होगा। अभी तक इस गोशाला को समाज के सहयोग से ही चलाया जा रहा है। इसमें सरकार की ओर से कोई ग्रांट नहीं मिली है। श्री कृष्ण गो संरक्षण धाम ट्रस्ट की मांग है कि सरकार इस जमीन को गोशाला को हस्तांतरित कर दे। नगर परिषद ने गोबर के लिए उन्हें नोटिस जारी किया है। सरकार से मांग है कि गोबर डालने के लिए जगह उपलब्ध करवाएं।
गोशालाओं में दी है 22 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि
कैथल। लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में मीडिया से बातचीत में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला ने कहा कि हरियाणा पहला ऐसा राज्य है जिसमें गाय भक्त प्रदेश सरकार द्वारा गायों के संरक्षण हेतू गौ वंश संरक्षण व संवर्धन अधिनियम लागू किया है। पिछले वर्ष 22 करोड़ 87 लाख रुपये की सहायता राशि विभिन्न गोशालाओं को उपलब्ध करवाई है। इस साल अब तक 10 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। पूरे प्रदेश में 520 गोशालाएं हैं तथा इनमें लगभग 20000 गोवंश रखा गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि कोई गाय भूखी, प्यासी व बेसहारा न रहे तथा कोई गौ वंश सड़कों पर न रहे तथा सभी गोशालाएं स्वावलंबी व आत्म निर्भर बनें। सरकार द्वारा गोपाष्टमी पर्व मनाने पर संबंधित गोशालाओं को 21 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते हैं। 3 वर्ष पूर्व प्रदेश में 360 गोशालएं थीं तथा अब बढ़कर 520 हो गई हैं। गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री गोशाला जगमग योजना क्रियान्वित की जा रही है। 278 गोशालाओं से सोलर प्लांट बारे दस्तावेज उपलब्ध हुए हैं। हिसार व पानीपत में गो अभ्यारण स्थापित किए गए हैं तथा गुरुग्राम में बायो सीएनजी का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करवाया जा रहा है। साथ ही गोशालाओं में बायो सीएनजी, बायो एलपीजी, बायो इलेक्ट्रिसिटी की संभावनाओं का भी पता लगाया जाएगा। अगले 2 माह में टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जिस पर सड़क पर बेसहारा गौ वंश की जानकारी मिलते ही तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से उसे गऊशाला पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड, पूर्व विधायक लीला राम, आयोग के सदस्य अमित बंसल, जिला परिषद के उपाध्यक्ष मनीष कठवाड़, सुभाष गोयल, पशु पालन विभाग के एसडीओ डा. निरंजन दास गोयल मौजूद रहे।