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नंदीशाला का निरीक्षण करने पहुंचे गो सेवा आयोग के सदस्यों को
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:09 AM IST
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नंदीशाला का निरीक्षण करने पहुंचे गो सेवा आयोग के सदस्यों को लोगों ने सुनाई खरी-खरी
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। हरियाणा गो सेवा आयोग की टीम आज नंदीशाला का निरीक्षण करने चीका पहुंची। नंदीशाला में पहुंचने पर आयोग के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों से नंदीशाला में गायों के रखरखाव, चारा, पानी व इलाज को लेकर किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। लोगों ने टीम सदस्यों को अव्यवस्था को लेकर खरी-खरी सुनाई।
नंदी शाला में ही मौजूद शिव मंदिर कमेटी ससा थेह के प्रधान व समाज सेवी विनोद कुमार कुकू ने गो सेवा आयोग के सदस्यों को नंदी शाला का लेकर किए गए प्रबंधों पर खूब खरी खरी सुनाई। विनोद कुमार ने आयोग के सदस्य श्रवण कुमार गर्ग, कुलबीर खर्ब व सचिव कल्याण सिंह को बताया कि पांच माह पहले शुरू की गई नंदी शाला में आज तक चारे व शेड तक का प्रबंध नहीं हो पाया है। विनोद कुमार ने कहा कि सरकार ने नंदी शाला आरंभ तो कर दी लेकिन गौवंश की देखरेख के लिए एक कर्मचारी तक नियुक्त नहीं किया, ऐसे में अगर चारा हो तो भी उसे गायों के समाने डालने वाला कोई नहीं होता, मजबूर गायों को दिनभर भूखे पेट रहना पड़ता है। विनोद कुमार ने कहा कि अगर गायों को इसी प्रकार से मारना था तो सरकार को उत्तरप्रदेश में चल रहे बूचडख़ानों को बंद नहीं करना चाहिए था। कुकू ने सदस्यों को बताया कि प्रशासन के कुप्रबंधन के चलते नंदी शाला में अब तक सौ से अधिक गोवंशों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार व अधिकारी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे।
टीम के सदस्यों के समाने नंदी शाला बनाने पर खर्च किए गए पच्चीस लाख रुपये की राशी का मुद्दा भी उठाया गया जिस पर सदस्य कुलबीर खर्ब ने कहा कि अगर किसी अधिकारी ने कार्य करने में कोई कोताही बरती है और पैसे का गबन किया है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नंदीशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान रति राम ने कहा कि गायों के लिए चारा लाने के लिए उनके पास ना तो कोई वाहन है और ना ही चारे को कुतरने के लिए टोका मशीन का प्रबंध है। इसके अलावा नंदी शाला में से गोबर आदि निकाल का दूर डालने के लिए भी वाहन नहीं है।
नपा सचिव सुशील कुमार ने बताया कि नंदीशाला में देखरेख के लिए डीसी से बीस आदमियों की मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने मंजूरी देने से मना कर दिया, जिसके चलते गोवंशों को चारा आदि डालने व रखरखाव के लिए नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों को भेजा जा रहा है, इससे शहर की सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। निरीक्षण के बाद सदस्यों ने एसडीएम सुरेंद्र पाल, सचिव सुशील कुमार, नपा चेयरपर्सन प्रतिनिधि राजेश पिंटू व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी प्रबंधों की रूप रेखा तैयार की।
वहीं बारह कर्मचारियों ने आयोग सदस्यों से उनका पिछले चार माह का वेतन दिलाने की मांग रखी, जिस पर आयोग के सदस्यों ने नपा सचिव से जवाब मांगा और जल्द से जल्द इन कर्मचारियों का वेतन देने की आदेश सुनाए। सदस्यों ने सभी खामियों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। हरियाणा गो सेवा आयोग की टीम आज नंदीशाला का निरीक्षण करने चीका पहुंची। नंदीशाला में पहुंचने पर आयोग के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों से नंदीशाला में गायों के रखरखाव, चारा, पानी व इलाज को लेकर किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। लोगों ने टीम सदस्यों को अव्यवस्था को लेकर खरी-खरी सुनाई।
नंदी शाला में ही मौजूद शिव मंदिर कमेटी ससा थेह के प्रधान व समाज सेवी विनोद कुमार कुकू ने गो सेवा आयोग के सदस्यों को नंदी शाला का लेकर किए गए प्रबंधों पर खूब खरी खरी सुनाई। विनोद कुमार ने आयोग के सदस्य श्रवण कुमार गर्ग, कुलबीर खर्ब व सचिव कल्याण सिंह को बताया कि पांच माह पहले शुरू की गई नंदी शाला में आज तक चारे व शेड तक का प्रबंध नहीं हो पाया है। विनोद कुमार ने कहा कि सरकार ने नंदी शाला आरंभ तो कर दी लेकिन गौवंश की देखरेख के लिए एक कर्मचारी तक नियुक्त नहीं किया, ऐसे में अगर चारा हो तो भी उसे गायों के समाने डालने वाला कोई नहीं होता, मजबूर गायों को दिनभर भूखे पेट रहना पड़ता है। विनोद कुमार ने कहा कि अगर गायों को इसी प्रकार से मारना था तो सरकार को उत्तरप्रदेश में चल रहे बूचडख़ानों को बंद नहीं करना चाहिए था। कुकू ने सदस्यों को बताया कि प्रशासन के कुप्रबंधन के चलते नंदी शाला में अब तक सौ से अधिक गोवंशों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार व अधिकारी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे।
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टीम के सदस्यों के समाने नंदी शाला बनाने पर खर्च किए गए पच्चीस लाख रुपये की राशी का मुद्दा भी उठाया गया जिस पर सदस्य कुलबीर खर्ब ने कहा कि अगर किसी अधिकारी ने कार्य करने में कोई कोताही बरती है और पैसे का गबन किया है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नंदीशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान रति राम ने कहा कि गायों के लिए चारा लाने के लिए उनके पास ना तो कोई वाहन है और ना ही चारे को कुतरने के लिए टोका मशीन का प्रबंध है। इसके अलावा नंदी शाला में से गोबर आदि निकाल का दूर डालने के लिए भी वाहन नहीं है।
नपा सचिव सुशील कुमार ने बताया कि नंदीशाला में देखरेख के लिए डीसी से बीस आदमियों की मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने मंजूरी देने से मना कर दिया, जिसके चलते गोवंशों को चारा आदि डालने व रखरखाव के लिए नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों को भेजा जा रहा है, इससे शहर की सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। निरीक्षण के बाद सदस्यों ने एसडीएम सुरेंद्र पाल, सचिव सुशील कुमार, नपा चेयरपर्सन प्रतिनिधि राजेश पिंटू व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी प्रबंधों की रूप रेखा तैयार की।
वहीं बारह कर्मचारियों ने आयोग सदस्यों से उनका पिछले चार माह का वेतन दिलाने की मांग रखी, जिस पर आयोग के सदस्यों ने नपा सचिव से जवाब मांगा और जल्द से जल्द इन कर्मचारियों का वेतन देने की आदेश सुनाए। सदस्यों ने सभी खामियों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।