फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   पीएफ के लिए भटक रहे हैं एचसीटीएम में हॉर्टिकल्चर ऑफिसर रहे नेत सिंह के परिजन

पीएफ के लिए भटक रहे हैं एचसीटीएम में हॉर्टिकल्चर ऑफिसर रहे नेत सिंह के परिजन

Thu, 22 Mar 2018 12:30 AM IST
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:30 AM IST
विज्ञापन
पीएफ के लिए भटक रहे हैं एचसीटीएम में हॉर्टिकल्चर ऑफिसर रहे नेत सिंह के परिजन
पीएफ के लिए भटक रहे हैं एचसीटीएम में हॉर्टिकल्चर ऑफिसर रहे नेत सिंह के परिजन
विज्ञापन

छह माह से नहीं मिल रही पीएफ की राशि
सीएम विंडो पर लगा चुके हैं गुहार, बुधवार को दूसरी बार दिया आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल्। अंबाला रोड पर स्थित एचसीटीएम कॉलेज में हॉर्टिकल्चर ऑफिसर रहे नेत सिंह के परिजन उनके पीएफ की राशि के लिए भटक रहे हैं। परिवार को ना तो कॉलेज और ना ही प्रशासन की ओर से कोई मदद दी जा रही है।

जगदीशपुरा गांव में रह रही कॉमिनी पटेल ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में बताया कि उसके पति यहां अंबाला रोड पर स्थित एचसीटीएम कॉलेज में पिछले 7 सालों से बतौर हॉर्टीकल्चर ऑफिसर के तौर पर कार्यरत थे। 16 जुलाई 2017 को उनकी हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। इसके बाद उन्हें उनके कागजातों से पता चला कि पीएफ में भी नियमानुसार कॉलेज की ओर से उनकी राशि जमा करवाई जानी चाहिए थी। इसके लिए जब कॉलेज प्रशासन से बात की तो उन्हें कहा गया कि कुछ समय बाद आना। लेकिन अब 6 माह बाद भी उनका पीएफ का पैसा उन्हें नहीं दिया जा रहा। उनका बेटा इसी कॉलेज से डिग्री कर रहा है। चार साल के कोर्स में उसका तीसरा साल है। अब उसकी पढ़ाई सहित घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। ना ही उनकी सिक्योरिटी के तौर पर जमा राशि उन्हें दी जा रही। उनके परिवार के पास कोई आय का साधन नहीं है। इसलिए उनकी मुख्यमंत्री से मांग है कि उनका पीएफ का पैसा दिलवाया जाए।
विज्ञापन

उधर, कॉलेज कोओर्डिनेटर विनोना सेठी ने कहा कि परिजनों को कहा हुआ है कि शीघ्र ही उनका भुगतान किया जाएगा। कागजातों में कमी के चलते कुछ दिक्कतें थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed