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नगर परिषद में अब 22 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:40 AM IST
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नगर परिषद में अब 22 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद
आऊटसोर्सिंग से लगे 110 कर्मचारियों के एवज में वेतन के लिए 132 कर्मचारियों ने किया दावा
दस साल से लगे कर्मचारियों को हटाकर करीब 38 कर्मचारी अपने लगाए जाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल में आउटसोर्सिंग से लगे 110 कर्मचारियों के वेतन को लेकर अब विवाद पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि इन 110 कर्मचारियों के एवज में वेतन के लिए लगभग 132 कर्मचारी आगे आ रहे हैं। अब ये अतिरिक्त 22 कर्मचारी कब और किसने नियुक्त किए यह जांच का विषय बन गया है। कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने कहा कि सोमवार को उनके पास कर्मचारियों की लिस्ट आएगी। इसके बाद पता चल सकेगा कि कौन सा कर्मचारी कार्यरत है और कौन सा नहीं।
नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन सुरेंद्र रांझा एडवोकेट ने बताया कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों पर ज्यादती कर रही है। दस वर्ष पूर्व करीब 110 कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग से लगाया गया था। इन कर्मचारियों को लेकर सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि पुराने कर्मचारियों को डीसी की अनुमति के बिना हटाया नहीं जा सकता। लेकिन अब पता चला है कि वर्ष 2017 में 38 नए कर्मचारी इन्हीं कर्मचारियों में शामिल कर लिए गए। पुरानों का नाम लिस्ट से काट दिया गया। अब पुराने कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा। कई नाम तो ऐसे भी हैं, जो फर्जी हैं और काम ही नहीं कर रहे। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। पूर्व में कार्यरत कर्मचारियों को ही काम पर रखा जाए।
कर्मचारी नेता शिवचरण ने कहा कि परिषद में कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें वेतन नहीं मिल रहा। इस संबंध में कार्यकारी चेयरमैन से मिले थे। उन्होंने उचित जांच कर फैसला लेने की बात कही है। उनकी मांग है कि जो कर्मचारी पूर्व में कार्यरत है। उन्हें ही काम पर रखा जाए।
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कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा ने बताया कि ठेकेदार से कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई है। सोमवार को यह लिस्ट उनके पास आ जाएगी। इसके बाद पता चल सकेगा कि कौन सा कर्मचारी कहां कार्यरत है और कितने समय से काम कर रहा है।
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आऊटसोर्सिंग से लगे 110 कर्मचारियों के एवज में वेतन के लिए 132 कर्मचारियों ने किया दावा
दस साल से लगे कर्मचारियों को हटाकर करीब 38 कर्मचारी अपने लगाए जाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल में आउटसोर्सिंग से लगे 110 कर्मचारियों के वेतन को लेकर अब विवाद पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि इन 110 कर्मचारियों के एवज में वेतन के लिए लगभग 132 कर्मचारी आगे आ रहे हैं। अब ये अतिरिक्त 22 कर्मचारी कब और किसने नियुक्त किए यह जांच का विषय बन गया है। कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने कहा कि सोमवार को उनके पास कर्मचारियों की लिस्ट आएगी। इसके बाद पता चल सकेगा कि कौन सा कर्मचारी कार्यरत है और कौन सा नहीं।
नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन सुरेंद्र रांझा एडवोकेट ने बताया कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों पर ज्यादती कर रही है। दस वर्ष पूर्व करीब 110 कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग से लगाया गया था। इन कर्मचारियों को लेकर सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि पुराने कर्मचारियों को डीसी की अनुमति के बिना हटाया नहीं जा सकता। लेकिन अब पता चला है कि वर्ष 2017 में 38 नए कर्मचारी इन्हीं कर्मचारियों में शामिल कर लिए गए। पुरानों का नाम लिस्ट से काट दिया गया। अब पुराने कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा। कई नाम तो ऐसे भी हैं, जो फर्जी हैं और काम ही नहीं कर रहे। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। पूर्व में कार्यरत कर्मचारियों को ही काम पर रखा जाए।
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कर्मचारी नेता शिवचरण ने कहा कि परिषद में कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें वेतन नहीं मिल रहा। इस संबंध में कार्यकारी चेयरमैन से मिले थे। उन्होंने उचित जांच कर फैसला लेने की बात कही है। उनकी मांग है कि जो कर्मचारी पूर्व में कार्यरत है। उन्हें ही काम पर रखा जाए।
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कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा ने बताया कि ठेकेदार से कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई है। सोमवार को यह लिस्ट उनके पास आ जाएगी। इसके बाद पता चल सकेगा कि कौन सा कर्मचारी कहां कार्यरत है और कितने समय से काम कर रहा है।