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बाजार ऑन होल्ड, दुकानदारों को परेशानी
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:21 AM IST
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बाजार ऑन होल्ड, दुकानदारों को परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी लागू होने के बाद पहले दिन शनिवार को बाजार की स्थिति लगभग ऑन होल्ड की हो गई है। विभिन्न कंपनियों द्वारा पिछले एक सप्ताह से माल नहीं भेजा जा रहा। साथ ही अगले एक सप्ताह तक ओर माल आने की संभावनाएं नहीं हैं। दुकानदारों के पास जो माल स्टॉक में है। उसे बेचने में भारी असमंजस है। जीएसटी बिल फार्मेट न मिलने के कारण कई बड़े स्टोर पहले दिन बंद ही रहे। बिलिंग सिस्टम अपडेट होने के इंतजार में दुकानदार भी खाली बैठे रहे। कई दुकानदारों को पुरानी व्यवस्था के अनुसार बिल काटने पड़े। जिसमें बड़ा जोखिम भी है। जीएसटी का सबसे बड़ा असर अभी तक घरेलू गैस सिलेंडर पर नजर आया। जो स्टेट एवं सेंटर जीएसटी के कारण 27 रुपये तक महंगा हो गया है।
बंद रहे कई बड़े स्टोर, सिस्टम अपडेट होते ही खुला
सुबह के समय शहर में अधिकतर बड़े स्टोर बंद रहे। ईजी डे जैसे स्टोर भी बंद रहे। शाम को सिस्टम अपडेट होने के बाद यह खुला। ईजी डे स्टोर के इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि जीएसटी नियम के तहत पूरे प्रदेश में कहीं भी सिस्टम अपडेट नहीं हुआ है। जिस कारण उन्हें यहां पर स्टोर को बंद रखना पड़ा है।
कंपनी ने अपडेट नहीं किया सॉफ्टवेयर :-
गारमेंटस व्यापारी अंकुश ने बताया कि बिलिंग करने वाले सॉफ्टवेयर को कंपनी ने अपडेट नहीं किया है। जिस कारण काफी परेशानी आ रही है। अभी इसके अपडेट होने में दो से तीन दिन लगेंगे।
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आम जनता को फायदा, फिलहाल परेशानी
इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी ओम ने बताया कि सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी के टैक्स नियम से आम जन मानस को काफी फायदा मिलेगा। लेकिन सरकार द्वारा जीएसटी को लेकर किए गए इंतजाम अभी आधे अधूरे हैं। बाजार में अभी तक दुकानों में व्यापारियों के सिस्टम तक अपडेट तक नहीं हुए है।
जीएसटी की आधी तैयारियां
रेडिमेड कपड़ा व्यापारी सोनू ने बताया कि जीएसटी नियम के लागू होने के बाद व्यापार में काफी पारदर्शिता आएगी। लेकिन सरकार ने इसे नोटबंदी की तरह ही आधी अधूरी तैयारियों के साथ लागू किया है। जिससे व्यापारियों को बेवजह ही परेशानियां उठानी पड़ रही है।
जीएसटी के बाद बाजार में मंदी की मार
कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान रमेश डेमला ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद बाजार में मंदी की मार है। जीएसटी के पहले दिन बाजार सुने रहे। जीएसटी में बिलिंग होने में अभी 15 से 20 दिन लगेंगे।
पहले दिन नहीं मिली खाद और बीज
जीएसटी के पहले दिन किसानों को खाद और बीज नहीं मिल सका। जिस कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हरियाणा खाद एवं बीज भंडारण के सरकारी विक्रेता संदीप कुमार ने बताया कि अभी सरकार की ओर से जीएसटी के तहत उन्हें खाद बेचने के कोई नियम नहीं आए हैं। इसके लिए सोमवार को किसानों को नए जीएसटी नियम के तहत खाद एवं बीज दिए जाएंगे।
जनता को मिलेगी राहत
पतंजलि स्टोर संचालक अशोक मित्तल ने बताया कि 70 सालों के बाद बहुत बड़ा बदलाव है। जिससे देश काफी आगे जाएगा। व्यापारियों को मात्र एक ही प्रकार के कर का हिसाब रखना होगा। फालतू कागजी कार्रवाई से छुटकारा मिलेगा सभी ऑनलाइन हो जाएगा। सभी काम पारदर्शी होगा और कर चोरी पर लगाम लगेगी सभी ग्राहक संतुष्ट होंगे।
बाजार ऑन होल्ड है भाई
नमकीन एवं बिस्कुट सहित अन्य सामग्री के थोक विक्रेता गुरविंद्र सिंह ने कहा कि बाजार ऑन होल्ड है भाई। कई कंपनियों ने पिछले एक सप्ताह से माल नहीं भेजा है। आगे भी अभी बिलिंग सिस्टम अपडेट होने की बात कही जा रही है। अभी एक सप्ताह तक असमंजस की स्थिति रहने की संभावनाएं हैं। दुकानदार खाली बैठे हैं।
घरेलू गैस सिलेंडर 27.28 रुपये महंगा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी लागू होने के बाद अब तक मिली जानकारी के अनुसार गैस सिलेंडर के माध्यम से आम आदमी की जेब पर बड़ा बोझ पड़ा है। एक घरेलू गैस सिलेंडर जीएसटी के चलते 27 रुपये 28 पैसे महंगा हो गया है। जिले में करीब 2 लाख उपभोक्ताओं पर मासिक लगभग 54 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
गैस एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार जीएसटी में गैस पर दो तरह का टैक्स लगा है। स्टेट व सेंटर जीएसटी में 5 प्रतिशत टैक्स करीब 27 रुपये 28 पैसे बनता है। शुक्रवार को सब्सिडी सहित उपभोक्ता को एक गैस सिलेंडर के लिए 545 रुपये देने पड़ रहे थे। इसमें से सब्सिडी उसके खाते में आ जाती है। अब उपभोक्ता को सिलेंडर लेते समय 573 रुपये देने पड़ेंगे। इसमें जितनी भी नियमानुसार सब्सिडी होगी, वह उसके खाते में पहले की तरह आती रहेगी। सब्सिडी में उतार-चढ़ाव महीने के अनुसार आ जाता है।
कैथल गैस एजेंसी मैनेजर चंद्रप्रकाश जैन व चहल गैस एजेंसी संचालक पप्पू ने कहा कि जीएसटी लागू होने पर 5 प्रतिशत टैक्स बढ़ा है। जिस कारण घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 27 रुपये 28 पैसे, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 18 प्रतिशत टैक्स लगने के कारण 188 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से कीमत बढ़ी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी लागू होने के बाद पहले दिन शनिवार को बाजार की स्थिति लगभग ऑन होल्ड की हो गई है। विभिन्न कंपनियों द्वारा पिछले एक सप्ताह से माल नहीं भेजा जा रहा। साथ ही अगले एक सप्ताह तक ओर माल आने की संभावनाएं नहीं हैं। दुकानदारों के पास जो माल स्टॉक में है। उसे बेचने में भारी असमंजस है। जीएसटी बिल फार्मेट न मिलने के कारण कई बड़े स्टोर पहले दिन बंद ही रहे। बिलिंग सिस्टम अपडेट होने के इंतजार में दुकानदार भी खाली बैठे रहे। कई दुकानदारों को पुरानी व्यवस्था के अनुसार बिल काटने पड़े। जिसमें बड़ा जोखिम भी है। जीएसटी का सबसे बड़ा असर अभी तक घरेलू गैस सिलेंडर पर नजर आया। जो स्टेट एवं सेंटर जीएसटी के कारण 27 रुपये तक महंगा हो गया है।
बंद रहे कई बड़े स्टोर, सिस्टम अपडेट होते ही खुला
सुबह के समय शहर में अधिकतर बड़े स्टोर बंद रहे। ईजी डे जैसे स्टोर भी बंद रहे। शाम को सिस्टम अपडेट होने के बाद यह खुला। ईजी डे स्टोर के इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि जीएसटी नियम के तहत पूरे प्रदेश में कहीं भी सिस्टम अपडेट नहीं हुआ है। जिस कारण उन्हें यहां पर स्टोर को बंद रखना पड़ा है।
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कंपनी ने अपडेट नहीं किया सॉफ्टवेयर :-
गारमेंटस व्यापारी अंकुश ने बताया कि बिलिंग करने वाले सॉफ्टवेयर को कंपनी ने अपडेट नहीं किया है। जिस कारण काफी परेशानी आ रही है। अभी इसके अपडेट होने में दो से तीन दिन लगेंगे।
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आम जनता को फायदा, फिलहाल परेशानी
इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी ओम ने बताया कि सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी के टैक्स नियम से आम जन मानस को काफी फायदा मिलेगा। लेकिन सरकार द्वारा जीएसटी को लेकर किए गए इंतजाम अभी आधे अधूरे हैं। बाजार में अभी तक दुकानों में व्यापारियों के सिस्टम तक अपडेट तक नहीं हुए है।
जीएसटी की आधी तैयारियां
रेडिमेड कपड़ा व्यापारी सोनू ने बताया कि जीएसटी नियम के लागू होने के बाद व्यापार में काफी पारदर्शिता आएगी। लेकिन सरकार ने इसे नोटबंदी की तरह ही आधी अधूरी तैयारियों के साथ लागू किया है। जिससे व्यापारियों को बेवजह ही परेशानियां उठानी पड़ रही है।
जीएसटी के बाद बाजार में मंदी की मार
कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान रमेश डेमला ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद बाजार में मंदी की मार है। जीएसटी के पहले दिन बाजार सुने रहे। जीएसटी में बिलिंग होने में अभी 15 से 20 दिन लगेंगे।
पहले दिन नहीं मिली खाद और बीज
जीएसटी के पहले दिन किसानों को खाद और बीज नहीं मिल सका। जिस कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हरियाणा खाद एवं बीज भंडारण के सरकारी विक्रेता संदीप कुमार ने बताया कि अभी सरकार की ओर से जीएसटी के तहत उन्हें खाद बेचने के कोई नियम नहीं आए हैं। इसके लिए सोमवार को किसानों को नए जीएसटी नियम के तहत खाद एवं बीज दिए जाएंगे।
जनता को मिलेगी राहत
पतंजलि स्टोर संचालक अशोक मित्तल ने बताया कि 70 सालों के बाद बहुत बड़ा बदलाव है। जिससे देश काफी आगे जाएगा। व्यापारियों को मात्र एक ही प्रकार के कर का हिसाब रखना होगा। फालतू कागजी कार्रवाई से छुटकारा मिलेगा सभी ऑनलाइन हो जाएगा। सभी काम पारदर्शी होगा और कर चोरी पर लगाम लगेगी सभी ग्राहक संतुष्ट होंगे।
बाजार ऑन होल्ड है भाई
नमकीन एवं बिस्कुट सहित अन्य सामग्री के थोक विक्रेता गुरविंद्र सिंह ने कहा कि बाजार ऑन होल्ड है भाई। कई कंपनियों ने पिछले एक सप्ताह से माल नहीं भेजा है। आगे भी अभी बिलिंग सिस्टम अपडेट होने की बात कही जा रही है। अभी एक सप्ताह तक असमंजस की स्थिति रहने की संभावनाएं हैं। दुकानदार खाली बैठे हैं।
घरेलू गैस सिलेंडर 27.28 रुपये महंगा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जीएसटी लागू होने के बाद अब तक मिली जानकारी के अनुसार गैस सिलेंडर के माध्यम से आम आदमी की जेब पर बड़ा बोझ पड़ा है। एक घरेलू गैस सिलेंडर जीएसटी के चलते 27 रुपये 28 पैसे महंगा हो गया है। जिले में करीब 2 लाख उपभोक्ताओं पर मासिक लगभग 54 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
गैस एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार जीएसटी में गैस पर दो तरह का टैक्स लगा है। स्टेट व सेंटर जीएसटी में 5 प्रतिशत टैक्स करीब 27 रुपये 28 पैसे बनता है। शुक्रवार को सब्सिडी सहित उपभोक्ता को एक गैस सिलेंडर के लिए 545 रुपये देने पड़ रहे थे। इसमें से सब्सिडी उसके खाते में आ जाती है। अब उपभोक्ता को सिलेंडर लेते समय 573 रुपये देने पड़ेंगे। इसमें जितनी भी नियमानुसार सब्सिडी होगी, वह उसके खाते में पहले की तरह आती रहेगी। सब्सिडी में उतार-चढ़ाव महीने के अनुसार आ जाता है।
कैथल गैस एजेंसी मैनेजर चंद्रप्रकाश जैन व चहल गैस एजेंसी संचालक पप्पू ने कहा कि जीएसटी लागू होने पर 5 प्रतिशत टैक्स बढ़ा है। जिस कारण घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 27 रुपये 28 पैसे, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 18 प्रतिशत टैक्स लगने के कारण 188 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से कीमत बढ़ी है।