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रोडवेज को मिले 47 नए चालक, अब नहीं रहेगी चालकों की कमी
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लंबे समय से अटकी रोडवेज में चालकों की भर्ती आखिरकार सिरे चढ़ गई। इसके बाद डिपो को 47 नए चालक मिले। अब चालकों की कुल संख्या 252 हो गई है। इसके साथ 302 स्वीकृत पद है। जिसके हिसाब से डिपो में अभी भी 50 चालकों की आवश्यकता है।
बता दें कि डिपो में चालक की कमी से बसों के संचालन के लिए रोटेशन बनाने में आ रही समस्या अब दूर हो जाएगी। नए चालकों को ज्वाइनिंग लेटर डिपो द्वारा दे दिया गया है। मेडिकल के बाद जल्द ही इनकी ज्वाइनिंग होगी। नए चालकों के ड्यूटी पर आ जाने के बाद बसें सभी रूटों पर पर्याप्त संख्या में चलेगी। इससे पहले डिपो में बसों के साथ-साथ चालकों की भी भारी कमी थी। जिससे बसों के संचालन में समस्या हो रही थी।
डिपो में 252 हुए चालक -विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कैथल डिपो में पहले 205 चालक थे। अब 47 ओर मिलने से इनकी संख्या 252 हो गई है। वहीं परिचालकों की संख्या 205 हैं। अब नए रोटेशन अनुसार बसों के संचालन में स्टाफ की कमी बाधा नहीं बन सकेगी। बस चलाने में स्टाफ का अभाव नहीं रहेगा।
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डिपो में बसें की संख्या 126- मौजूदा समय में डिपो में 126 बसें हैं। इनमें नियमित लगभग 90 बसें ही ऑन रूट होती हैं। शेष बसें मेंटेनेंस के अभाव में खड़ी रहती हैं। बसें चलाने में स्टाफ की कमी पहले दिक्कत बन रही थी। इसके अलावा ओवरटाइम खत्म करने से 48 घंटे ही ड्यूटी का शेड्यूल बनने से भी दिक्कत आ रही थी। अब बसों को रोटेशन सही समय पर हो पाएगा।
नवनियुक्त डिपो महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा। डिपो में भी नया स्टाफ आया है। नए चालक मिलने से ड्यूटी शेड्यूल भी बेहतर तरीके से चलेगा। कर्मचारियों को भी इससे परेशानी नहीं होगी।
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बता दें कि डिपो में चालक की कमी से बसों के संचालन के लिए रोटेशन बनाने में आ रही समस्या अब दूर हो जाएगी। नए चालकों को ज्वाइनिंग लेटर डिपो द्वारा दे दिया गया है। मेडिकल के बाद जल्द ही इनकी ज्वाइनिंग होगी। नए चालकों के ड्यूटी पर आ जाने के बाद बसें सभी रूटों पर पर्याप्त संख्या में चलेगी। इससे पहले डिपो में बसों के साथ-साथ चालकों की भी भारी कमी थी। जिससे बसों के संचालन में समस्या हो रही थी।
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डिपो में 252 हुए चालक -विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कैथल डिपो में पहले 205 चालक थे। अब 47 ओर मिलने से इनकी संख्या 252 हो गई है। वहीं परिचालकों की संख्या 205 हैं। अब नए रोटेशन अनुसार बसों के संचालन में स्टाफ की कमी बाधा नहीं बन सकेगी। बस चलाने में स्टाफ का अभाव नहीं रहेगा।
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डिपो में बसें की संख्या 126- मौजूदा समय में डिपो में 126 बसें हैं। इनमें नियमित लगभग 90 बसें ही ऑन रूट होती हैं। शेष बसें मेंटेनेंस के अभाव में खड़ी रहती हैं। बसें चलाने में स्टाफ की कमी पहले दिक्कत बन रही थी। इसके अलावा ओवरटाइम खत्म करने से 48 घंटे ही ड्यूटी का शेड्यूल बनने से भी दिक्कत आ रही थी। अब बसों को रोटेशन सही समय पर हो पाएगा।
नवनियुक्त डिपो महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा। डिपो में भी नया स्टाफ आया है। नए चालक मिलने से ड्यूटी शेड्यूल भी बेहतर तरीके से चलेगा। कर्मचारियों को भी इससे परेशानी नहीं होगी।