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माइनर टूटने से 15 एकड़ गेहूं की फसल खराब
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:39 AM IST
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माइनर टूटने से 15 एकड़ गेहूं की फसल खराब
फोटो संख्या-32
कैथल। मंगलवार सुबह माइनर टूटने से गांव खानपुर में करीब 15 एकड़ फसल खराब हो गई। किसान अनिल सैनी, बलवंत, दिप्पी, सिंगारा व अन्य ने बताया कि गांव खानपुर व खुराना के बीच से गुजर रही कैथल माइनर में सिंचाई विभाग द्वारा सोमवार रात को पानी छोड़ा गया था। रात में यह माइनर गांव खानपुर की तरफ टूट गई। माइनर में चौड़ी दरार आने के कारण किसानों की करीब 15 एकड़ फसल में पानी भर गया। नहर टूटने की सूचना सुबह 6.30 बजे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी गई। इसके बाद अधिकारी करीब 9 बजे मौके पर पहुंचे। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मजदूर एवं जेसीबी मशीन के माध्यम से नहर में आई दरार को मिट्टी के कट्टों के साथ दरार बंद की। किसानों ने कहा कि सूचना देने के बावजूद विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की। अधिकारियों की लापरवाही के कारण गेहूं की फसल खराब हो गई। उन्होंने पहले भी नहर के पास मिट्टी धंसने की सूचना विभाग के कर्मचारियों को दी थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन गिरदावरी करवाकर उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दे।
सिंचाई विभाग के जेई नवीन कुमार ने बताया कि उन्हें सुबह माइनर टूटने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर मजदूर एवं मशीन भेजकर टूटी हुई माइनर को ठीक कर दिया गया।
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फोटो संख्या-32
कैथल। मंगलवार सुबह माइनर टूटने से गांव खानपुर में करीब 15 एकड़ फसल खराब हो गई। किसान अनिल सैनी, बलवंत, दिप्पी, सिंगारा व अन्य ने बताया कि गांव खानपुर व खुराना के बीच से गुजर रही कैथल माइनर में सिंचाई विभाग द्वारा सोमवार रात को पानी छोड़ा गया था। रात में यह माइनर गांव खानपुर की तरफ टूट गई। माइनर में चौड़ी दरार आने के कारण किसानों की करीब 15 एकड़ फसल में पानी भर गया। नहर टूटने की सूचना सुबह 6.30 बजे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी गई। इसके बाद अधिकारी करीब 9 बजे मौके पर पहुंचे। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मजदूर एवं जेसीबी मशीन के माध्यम से नहर में आई दरार को मिट्टी के कट्टों के साथ दरार बंद की। किसानों ने कहा कि सूचना देने के बावजूद विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की। अधिकारियों की लापरवाही के कारण गेहूं की फसल खराब हो गई। उन्होंने पहले भी नहर के पास मिट्टी धंसने की सूचना विभाग के कर्मचारियों को दी थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन गिरदावरी करवाकर उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दे।
सिंचाई विभाग के जेई नवीन कुमार ने बताया कि उन्हें सुबह माइनर टूटने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर मजदूर एवं मशीन भेजकर टूटी हुई माइनर को ठीक कर दिया गया।
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