{"_id":"5a3413564f1c1b60678c16f0","slug":"201513362262-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूरिया खाद न मिलने से किसानों में भारी रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूरिया खाद न मिलने से किसानों में भारी रोष
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूरिया खाद न मिलने से किसानों में भारी रोष
घंटों लाईनों में लगने के बावजूद नहीं मिल पाता यूरिया
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। सरकार के दावों के बाद भी किसान लाईनों में लगकर यूरिया खाद लेने को मजबूर हैं। सरकार ने गेहूं की बिजाई से पहले ही घोषणा की थी कि किसानों को खाद की कोई भी कमी नहीं रहने दी जाएगी और किसानों को प्रर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाया जाएगा। जैसे ही अब गेहूं में पहले पानी देने का समय आया तो किसानों को खाद पाने के लिए खाद विक्रेताओं की दुकानों पर लंबी लाईनों में खड़ा होना पड़ रहा है। यूरिया खाद लेने आए किसान राजेंद्र, रामफल, दयावान, सत्यवान, दिलबाग, मनोज व महीपाल ने रोष जाहिर करते हुए बताया कि वे लगातार 4 दिनों से सारा काम छोड़कर के खाद पानी के लिए शहर आ जाते हैं और खाद विक्रेताओं की दुकानों पर घंटों लाईन में खड़ा होने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है। अगोर समय पर गेहूं की फसल में खाद नहीं डाली गई तो इसका सीधा असर गेहूं की पैदावार पर पड़ेगा। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी भी किसानों की इस समस्या को दूर करने में विफल साबित हो रहे हैं। किसानों ने कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और कृषि विभाग का तो उन्हें यह भी नहीं पता की वो विभाग है भी या नहीं।
इनेलो किसान सैल के प्रदेश उपाध्यक्ष लीला राम म्यौली ने कहा कि सरकार के सारे दावे फेल साबित हो रहे हैं। सरकार किसानों को समय पर खाद, बीज व दवाईयां कुछ भी उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। इसके अतिरिक्त जब फसल पककर तैयार होती है तो किसानों को अपनी फसल बेचने पर दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं।
विज्ञापन
घंटों लाईनों में लगने के बावजूद नहीं मिल पाता यूरिया
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। सरकार के दावों के बाद भी किसान लाईनों में लगकर यूरिया खाद लेने को मजबूर हैं। सरकार ने गेहूं की बिजाई से पहले ही घोषणा की थी कि किसानों को खाद की कोई भी कमी नहीं रहने दी जाएगी और किसानों को प्रर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाया जाएगा। जैसे ही अब गेहूं में पहले पानी देने का समय आया तो किसानों को खाद पाने के लिए खाद विक्रेताओं की दुकानों पर लंबी लाईनों में खड़ा होना पड़ रहा है। यूरिया खाद लेने आए किसान राजेंद्र, रामफल, दयावान, सत्यवान, दिलबाग, मनोज व महीपाल ने रोष जाहिर करते हुए बताया कि वे लगातार 4 दिनों से सारा काम छोड़कर के खाद पानी के लिए शहर आ जाते हैं और खाद विक्रेताओं की दुकानों पर घंटों लाईन में खड़ा होने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है। अगोर समय पर गेहूं की फसल में खाद नहीं डाली गई तो इसका सीधा असर गेहूं की पैदावार पर पड़ेगा। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी भी किसानों की इस समस्या को दूर करने में विफल साबित हो रहे हैं। किसानों ने कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और कृषि विभाग का तो उन्हें यह भी नहीं पता की वो विभाग है भी या नहीं।
इनेलो किसान सैल के प्रदेश उपाध्यक्ष लीला राम म्यौली ने कहा कि सरकार के सारे दावे फेल साबित हो रहे हैं। सरकार किसानों को समय पर खाद, बीज व दवाईयां कुछ भी उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। इसके अतिरिक्त जब फसल पककर तैयार होती है तो किसानों को अपनी फसल बेचने पर दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं।
विज्ञापन