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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से डिलिवरी व एंबुलेंस सेवाओं पर असर
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:09 AM IST
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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से डिलीवरी और एंबुलेंस सेवा चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल से गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी व एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। लगातार चल रही हड़ताल से ओपीडी घटी है, साथ ही डिलीवरी भी कम हुई हैं। सोमवार को आठवें दिन हड़ताल में 200 से अधिक कर्मचारी शामिल हुए। विभागीय अधिकारी चेतावनी के बावजूद हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों के आदेशों के इंतजार में हैं। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पिछले 8 दिनों से जारी हड़ताल के बीच सोमवार को भी एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। लगभग 437 में से शाम तक 200 कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। दिन भर कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हड़ताल के कारण कई तरह से काम प्रभावित : सोमवार को जहां नई ओपीडी लगभग 1000 से अधिक रहती थीं, वहीं यह हड़ताल के कारण लगभग 700 रही। पुराने मरीजों के साथ 1400 मरीज पहुंचे। इसी तरह गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी जो 24 घंटे में लगभग 20 या इससे अधिक रहती थी। वह 7 दिसंबर को 17, 8 को 16, 9 व 10 दिसंबर में दो दिनों में 27 और 11 दिसंबर को बाद दोपहर तक 10 डिलीवरी हुईं। बताया जा रहा है कि डिलीवरी विंग में नर्सिंग स्टाफ हड़ताल पर था। जिस कारण गर्भवती महिलाओं के परिजन उन्हें यहां से छुट्टी दिलवाकर निजी अस्पतालों की ओर ले गए हैं। सोमवार को कई नर्सें काम पर लौट आईं। लेकिन अभी लोग हड़ताल की आशंका के चलते निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
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102 सेवा में निजी एंबुलेंस व नियमित चालकों की मदद से काम चलाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन ना तो सड़ हादसों में घायलों को और ना ही डिलीवरी के बाद घर तक जाने वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस की सेवाएं मिल रहीं। एंबुलेंस में काम कर रहे कर्मचारी ने कहा कि केवल गर्भवती महिलाओं को लाने का काम किया जा रहा है। उन्हें छोडने के लिए एंबुलेंस नहीं जा रही हैं।
कई विभागों की खराब पड़ी हैं बायोमेडिकल मशीनें, ठीक ना होने से परेशानी
जिला अस्पताल में डिफेब्रीलेटर, लैब में सीबीसी मशीन, बाल रोग विभाग में रेडियंट वार्मर, ओपन केयर सिस्टम, ऑपरेशन थियेटर में कई तरह की लाइटें खराब पड़ी हैं। संबंधित कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण ये ठीक नहीं हो पा रही हैं। जिस कारण लोगाें को दिक्कतें हो रही हैं।
कर्मचारी नेता नरेंद्र कुमार ने कहा कि सोमवार को एनएचएम के अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इनमें 102 सेवा, डिलीवरी विभाग, फार्मेसी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क, लेखाकार, आरएंडटीपीसी, आयूष विभाग, आरबीएस, एएनएम में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। सोमवार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन, जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारी यूनियन, दूरसंचार विभाग, अतिथि अध्यापक संघ ने हड़ताल का समर्थन किया। कर्मचारियों को कर्मचारी नेता जसबीर, प्रधान हरदीप कुमार, तेजपाल, कुलदीप, सुष्मा राणा, गीता सहित कई कर्मचारी नेताओं संबोधित किया।
विभाग के जैसे आदेश आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई होगी : सीएमओ सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने बताया कि सोमवार को कर्मचारी पहले अपने काम पर आए। फिर कोई आधा घंटा तो कोई एक घंटे बाद हड़ताल पर चला गया। यहां 200 के लगभग कर्मचारी हड़ताल पर रहे। विभागीय अधिकारी जैसा आदेश देंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
डिलीवरी व ओपीडी में संख्या घटी...लोग मजबूरन निजी अस्पतालों का करने लगे हैं रुख
ओपीडी में भी संख्या घटी, निजी एंबुलेंस के सहारे लाया जा रहा है गर्भवती महिलाओं को
सोमवार को 200 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए, अधिकारी विभागीय आदेशों के इंतजार में
अस्पताल में खराब पड़ी हैं कई महत्वपूर्ण मशीनें, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आ रही है दिक्कतें
फोटो संख्या-6 से 8
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल से गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी व एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। लगातार चल रही हड़ताल से ओपीडी घटी है, साथ ही डिलीवरी भी कम हुई हैं। सोमवार को आठवें दिन हड़ताल में 200 से अधिक कर्मचारी शामिल हुए। विभागीय अधिकारी चेतावनी के बावजूद हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों के आदेशों के इंतजार में हैं। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पिछले 8 दिनों से जारी हड़ताल के बीच सोमवार को भी एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। लगभग 437 में से शाम तक 200 कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। दिन भर कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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हड़ताल के कारण कई तरह से काम प्रभावित : सोमवार को जहां नई ओपीडी लगभग 1000 से अधिक रहती थीं, वहीं यह हड़ताल के कारण लगभग 700 रही। पुराने मरीजों के साथ 1400 मरीज पहुंचे। इसी तरह गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी जो 24 घंटे में लगभग 20 या इससे अधिक रहती थी। वह 7 दिसंबर को 17, 8 को 16, 9 व 10 दिसंबर में दो दिनों में 27 और 11 दिसंबर को बाद दोपहर तक 10 डिलीवरी हुईं। बताया जा रहा है कि डिलीवरी विंग में नर्सिंग स्टाफ हड़ताल पर था। जिस कारण गर्भवती महिलाओं के परिजन उन्हें यहां से छुट्टी दिलवाकर निजी अस्पतालों की ओर ले गए हैं। सोमवार को कई नर्सें काम पर लौट आईं। लेकिन अभी लोग हड़ताल की आशंका के चलते निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
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102 सेवा में निजी एंबुलेंस व नियमित चालकों की मदद से काम चलाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन ना तो सड़ हादसों में घायलों को और ना ही डिलीवरी के बाद घर तक जाने वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस की सेवाएं मिल रहीं। एंबुलेंस में काम कर रहे कर्मचारी ने कहा कि केवल गर्भवती महिलाओं को लाने का काम किया जा रहा है। उन्हें छोडने के लिए एंबुलेंस नहीं जा रही हैं।
कई विभागों की खराब पड़ी हैं बायोमेडिकल मशीनें, ठीक ना होने से परेशानी
जिला अस्पताल में डिफेब्रीलेटर, लैब में सीबीसी मशीन, बाल रोग विभाग में रेडियंट वार्मर, ओपन केयर सिस्टम, ऑपरेशन थियेटर में कई तरह की लाइटें खराब पड़ी हैं। संबंधित कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण ये ठीक नहीं हो पा रही हैं। जिस कारण लोगाें को दिक्कतें हो रही हैं।
कर्मचारी नेता नरेंद्र कुमार ने कहा कि सोमवार को एनएचएम के अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इनमें 102 सेवा, डिलीवरी विभाग, फार्मेसी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क, लेखाकार, आरएंडटीपीसी, आयूष विभाग, आरबीएस, एएनएम में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। सोमवार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन, जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारी यूनियन, दूरसंचार विभाग, अतिथि अध्यापक संघ ने हड़ताल का समर्थन किया। कर्मचारियों को कर्मचारी नेता जसबीर, प्रधान हरदीप कुमार, तेजपाल, कुलदीप, सुष्मा राणा, गीता सहित कई कर्मचारी नेताओं संबोधित किया।
विभाग के जैसे आदेश आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई होगी : सीएमओ सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने बताया कि सोमवार को कर्मचारी पहले अपने काम पर आए। फिर कोई आधा घंटा तो कोई एक घंटे बाद हड़ताल पर चला गया। यहां 200 के लगभग कर्मचारी हड़ताल पर रहे। विभागीय अधिकारी जैसा आदेश देंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
डिलीवरी व ओपीडी में संख्या घटी...लोग मजबूरन निजी अस्पतालों का करने लगे हैं रुख
ओपीडी में भी संख्या घटी, निजी एंबुलेंस के सहारे लाया जा रहा है गर्भवती महिलाओं को
सोमवार को 200 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए, अधिकारी विभागीय आदेशों के इंतजार में
अस्पताल में खराब पड़ी हैं कई महत्वपूर्ण मशीनें, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आ रही है दिक्कतें
फोटो संख्या-6 से 8