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Kaithal News: मिड-डे मील में मिलेंगे 20 प्रकार के व्यंजन
Tue, 09 Dec 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2025 के लिए पीएम पोषण (मिड-डे मील) की दिनवार रेसिपी सूची जारी कर दी है। इस सूची में पूरे महीने के लिए कुल 20 प्रकार की विविध और पौष्टिक डिश शामिल की गई हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों को संतुलित पोषण प्रदान करना और उनकी शारीरिक व मानसिक विकास प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। जिले में करीब 28 हजार बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रखा गया है।
दूसरे सप्ताह से लेकर माह के अंत तक मीठी दलिया, पोषक सोया खिचड़ी, मिस्सी रोटी-मौसमी सब्जी, पोषक नमकीन दलिया, दाल चावल, गेहूं-रागी का पूड़ा, मीठे मूंगफली चावल और सफेद चना-चावल जैसे पौष्टिक विकल्प बच्चों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इन भोजन संयोजनों में प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, आयरन और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। यह भोजन न केवल बच्चों के शारीरिक विकास को बढ़ावा देता है, बल्कि उनकी एकाग्रता शक्ति और पढ़ाई में प्रदर्शन को भी बेहतर बनाता है।
पीएम पोषण योजना के तहत तैयार होने वाला भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि गुणवत्ता के मानकों पर भी खरा उतरना आवश्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर निगरानी की जाती है। मेन्यू में शामिल रेसिपी को स्थानीय आवश्यकताओं और सामग्री की उपलब्धता के आधार पर चुना गया है।
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अध्यापकों का कहना है कि लगातार पोषक भोजन मिलने से बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होता है, कुपोषण पर रोक लगती है और स्कूल में उपस्थिति बढ़ती है। बच्चों में ऊर्जा और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भोजन के सीधे प्रभाव से बेहतर होती है, जिसका प्रभाव उनकी पढ़ाई पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि यह सूची विशेष रूप से संतुलित और मौसमी आहार को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मेन्यू के अनुसार ही प्रतिदिन भोजन तैयार किया जाए और इसकी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना का लाभ बच्चों तक पूरी गुणवत्ता के साथ पहुंच सके।
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कैथल। शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2025 के लिए पीएम पोषण (मिड-डे मील) की दिनवार रेसिपी सूची जारी कर दी है। इस सूची में पूरे महीने के लिए कुल 20 प्रकार की विविध और पौष्टिक डिश शामिल की गई हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों को संतुलित पोषण प्रदान करना और उनकी शारीरिक व मानसिक विकास प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। जिले में करीब 28 हजार बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रखा गया है।
दूसरे सप्ताह से लेकर माह के अंत तक मीठी दलिया, पोषक सोया खिचड़ी, मिस्सी रोटी-मौसमी सब्जी, पोषक नमकीन दलिया, दाल चावल, गेहूं-रागी का पूड़ा, मीठे मूंगफली चावल और सफेद चना-चावल जैसे पौष्टिक विकल्प बच्चों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इन भोजन संयोजनों में प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, आयरन और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। यह भोजन न केवल बच्चों के शारीरिक विकास को बढ़ावा देता है, बल्कि उनकी एकाग्रता शक्ति और पढ़ाई में प्रदर्शन को भी बेहतर बनाता है।
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पीएम पोषण योजना के तहत तैयार होने वाला भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि गुणवत्ता के मानकों पर भी खरा उतरना आवश्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर निगरानी की जाती है। मेन्यू में शामिल रेसिपी को स्थानीय आवश्यकताओं और सामग्री की उपलब्धता के आधार पर चुना गया है।
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अध्यापकों का कहना है कि लगातार पोषक भोजन मिलने से बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होता है, कुपोषण पर रोक लगती है और स्कूल में उपस्थिति बढ़ती है। बच्चों में ऊर्जा और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भोजन के सीधे प्रभाव से बेहतर होती है, जिसका प्रभाव उनकी पढ़ाई पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि यह सूची विशेष रूप से संतुलित और मौसमी आहार को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मेन्यू के अनुसार ही प्रतिदिन भोजन तैयार किया जाए और इसकी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना का लाभ बच्चों तक पूरी गुणवत्ता के साथ पहुंच सके।