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ब्लू व्हेल से हो रही मौतों बाल सरंक्षण आयोग ने लिया संज्ञान
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:21 AM IST
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ब्लू व्हेल से हो रही मौतों पर बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ब्लू व्हेल गेम के चलते बच्चों द्वारा की जा रही आत्महत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए स्कूलों में विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों के लिए एडवाइजरी जारी करके बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने को कहा है।
विदित रहे कि देश भर में ब्लू व्हेल नामक खेल को लेकर बच्चे आत्महत्याएं कर रहे हैं। देश में कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसके चलते हरियाणा स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेकशन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर व स्कूल शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखा है।
पत्र में आयोग ने कहा है कि ब्लू व्हेल जिसमें 50 टॉस्क बताए जा रहे हैं, नामक खतरनाक खेल के माध्यम से बच्चे अपने आप को हानि पहुंचा रहे हैं। आयोग द्वारा सिफारिश की जाती है कि इसके लिए बचाव के उपाय किए जाएं। इंटरनेट का सकारात्मक एवं रचनात्मक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
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1. सभी स्कूलों में इंटरनेट सर्फिंग पर एक अनिवार्य सत्र आयोजित किए जाए। जिसमें बच्चों को इंटरनेट के सकारात्मक व नकारात्मक परिणामों की जानकारी दी जाए।
2. अभिभावक व स्कूल बच्चों को जागरूक करने में रुचि लें। बच्चे यदि कोई जानकारी चाहें तो तुरंत उनकी जिज्ञासा शांत करें। ताकि उन्हें जानकारी के लिए किसी अन्य स्रोत का सहारा न लेना पड़े।
3. अभिभावक बच्चों द्वारा इंटरनेट के प्रयोग को सीमित करें। उनके कंप्यूटर व इंटरनेट के प्रयोग पर नजर रखें। इसके लिए हानिकारक साइट्स को ब्लॉक किया जा सकता है।
4. जो लोग बच्चों के साथ काम करते हैं वे उनके व्यवहार पर नजर रखें। यदि उनमें कोई परिवर्तन आता है तो इस ओर ध्यान दें। जरूरत पड़े तो उन्हें मानसिक विशेषज्ञ के पास ले जाया जाए।
5. बच्चों में आत्मविश्वास जगाएं। उनके सहायक बनकर उनकी सहायता करें। इसके लिए स्कूलों में काउंसिलिंग सेमिनार का आयोजन किया जा सकता है। जिसमें बच्चों के साथ बातचीत की जा सकती है।
बाल संरक्षण आयोग की सदस्या रमनदीप कौर ने बताया कि ब्लू व्हेल हो या फिर कोई अन्य हानिकारक साइट। अभिभावकों को बच्चों के इंटरनेट चलाने पर नजर रखनी चाहिए। आयोग की ओर से भी एडवाइजरी जारी की गई है। स्कूल संचालक व अभिभावक इस ओर आवश्यक ध्यान दें।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ब्लू व्हेल गेम के चलते बच्चों द्वारा की जा रही आत्महत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए स्कूलों में विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों के लिए एडवाइजरी जारी करके बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने को कहा है।
विदित रहे कि देश भर में ब्लू व्हेल नामक खेल को लेकर बच्चे आत्महत्याएं कर रहे हैं। देश में कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसके चलते हरियाणा स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेकशन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर व स्कूल शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखा है।
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पत्र में आयोग ने कहा है कि ब्लू व्हेल जिसमें 50 टॉस्क बताए जा रहे हैं, नामक खतरनाक खेल के माध्यम से बच्चे अपने आप को हानि पहुंचा रहे हैं। आयोग द्वारा सिफारिश की जाती है कि इसके लिए बचाव के उपाय किए जाएं। इंटरनेट का सकारात्मक एवं रचनात्मक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
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1. सभी स्कूलों में इंटरनेट सर्फिंग पर एक अनिवार्य सत्र आयोजित किए जाए। जिसमें बच्चों को इंटरनेट के सकारात्मक व नकारात्मक परिणामों की जानकारी दी जाए।
2. अभिभावक व स्कूल बच्चों को जागरूक करने में रुचि लें। बच्चे यदि कोई जानकारी चाहें तो तुरंत उनकी जिज्ञासा शांत करें। ताकि उन्हें जानकारी के लिए किसी अन्य स्रोत का सहारा न लेना पड़े।
3. अभिभावक बच्चों द्वारा इंटरनेट के प्रयोग को सीमित करें। उनके कंप्यूटर व इंटरनेट के प्रयोग पर नजर रखें। इसके लिए हानिकारक साइट्स को ब्लॉक किया जा सकता है।
4. जो लोग बच्चों के साथ काम करते हैं वे उनके व्यवहार पर नजर रखें। यदि उनमें कोई परिवर्तन आता है तो इस ओर ध्यान दें। जरूरत पड़े तो उन्हें मानसिक विशेषज्ञ के पास ले जाया जाए।
5. बच्चों में आत्मविश्वास जगाएं। उनके सहायक बनकर उनकी सहायता करें। इसके लिए स्कूलों में काउंसिलिंग सेमिनार का आयोजन किया जा सकता है। जिसमें बच्चों के साथ बातचीत की जा सकती है।
बाल संरक्षण आयोग की सदस्या रमनदीप कौर ने बताया कि ब्लू व्हेल हो या फिर कोई अन्य हानिकारक साइट। अभिभावकों को बच्चों के इंटरनेट चलाने पर नजर रखनी चाहिए। आयोग की ओर से भी एडवाइजरी जारी की गई है। स्कूल संचालक व अभिभावक इस ओर आवश्यक ध्यान दें।