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191 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों में बदलने की तैयारी
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जिले के 191 आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूलों में बदलने को तैयार,
अधिकारियों को विभाग के आदेशों का इंतजार
फोटो संख्या 37
जितेंद्र पांचाल
कैथल। जिले के 191 आंगनबाड़ी केंद्रों को महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्ले स्कूलों में बदलने के लिए तैयारियां कर ली हैं। अब इन केंद्रों में नौनिहालों की प्ले कक्षाएं शुरू करने के लिए अधिकारियों को विभागीय आदेशों का इंतजार है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों को पढ़ाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें कार्यकर्ताओं को ये बताया गया है कि प्ले स्कूलों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा किस प्रकार दी जाएगी। यह शिक्षा किस स्तर से शुरू होगी और किस स्तर तक पूर्ण होगी।
गौरतलब है कि इस समय जिले में 1270 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 191 को प्ले स्कूलों में बदला जाना है। सभी केंद्रों में तैनात एक-एक कार्यकर्ता को बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण सितंबर माह में 13 बैचों में पूरा किया जा चुका है। 21 दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रोजाना 34 कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है।
हालांकि कोरोना महामारी के चलते अभी तक आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। ज्यादातर केंद्रों पर ताले लगे हुए हैं, लेकिन जिस प्रकार से अन्य शिक्षण संस्थान अब खुल गए हैं, तो ऐसे में अभिभावक छोटे बच्चों के लिए भी केंद्र खुलने की उम्मीद जता रहे हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रभारी अनिता नैन ने कहा कि केंद्रों को स्कूलों में बदलने के लिए तैयारियां लगभग पूरी हैं। जिस प्रकार अब निजी प्ले स्कूलों में बच्चों को फीस देकर पढ़ाया जा रहा है, सरकारी प्ले स्कूल खुलने से अभिभावकों को राहत मिलेगी। प्ले स्कूलों में बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जाएगी। यह विभाग का अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्ले स्कूलों से संबंधित आगे का कार्य विभाग के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
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अधिकारियों को विभाग के आदेशों का इंतजार
फोटो संख्या 37
जितेंद्र पांचाल
कैथल। जिले के 191 आंगनबाड़ी केंद्रों को महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्ले स्कूलों में बदलने के लिए तैयारियां कर ली हैं। अब इन केंद्रों में नौनिहालों की प्ले कक्षाएं शुरू करने के लिए अधिकारियों को विभागीय आदेशों का इंतजार है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों को पढ़ाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें कार्यकर्ताओं को ये बताया गया है कि प्ले स्कूलों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा किस प्रकार दी जाएगी। यह शिक्षा किस स्तर से शुरू होगी और किस स्तर तक पूर्ण होगी।
गौरतलब है कि इस समय जिले में 1270 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 191 को प्ले स्कूलों में बदला जाना है। सभी केंद्रों में तैनात एक-एक कार्यकर्ता को बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण सितंबर माह में 13 बैचों में पूरा किया जा चुका है। 21 दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रोजाना 34 कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है।
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हालांकि कोरोना महामारी के चलते अभी तक आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। ज्यादातर केंद्रों पर ताले लगे हुए हैं, लेकिन जिस प्रकार से अन्य शिक्षण संस्थान अब खुल गए हैं, तो ऐसे में अभिभावक छोटे बच्चों के लिए भी केंद्र खुलने की उम्मीद जता रहे हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रभारी अनिता नैन ने कहा कि केंद्रों को स्कूलों में बदलने के लिए तैयारियां लगभग पूरी हैं। जिस प्रकार अब निजी प्ले स्कूलों में बच्चों को फीस देकर पढ़ाया जा रहा है, सरकारी प्ले स्कूल खुलने से अभिभावकों को राहत मिलेगी। प्ले स्कूलों में बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जाएगी। यह विभाग का अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्ले स्कूलों से संबंधित आगे का कार्य विभाग के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।