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मनचंगा तो कठौती में गंगा लाइनों को छोड़कर संत रविदास की जीवनी के बारे में किसी ने नहीं पढ़ी कोई लाइन

Sun, 28 Jan 2018 11:54 PM IST
Updated Sun, 28 Jan 2018 11:54 PM IST
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मनचंगा तो कठौती में गंगा लाइनों को छोड़कर संत रविदास की जीवनी के बारे में किसी ने नहीं पढ़ी कोई लाइन
रविदास की जीवनी के बारे में किसी ने नहीं पढ़ी कोई लाइन
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा सरकार ने रविवार को कैथल के पुलिस लाइन मैदान में संत रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई। लेकिन इस जयंती में उनके जीवन के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी लोगों को नहीं मिल पाई। संत रविदास की मन चंगा तो कठौती में गंगा लाइनों को छोड़कर उनकी जीवनी के बारे में किसी ने एक लाइन तक नहीं पढ़ीं। भाजपा के एससी मोर्चा के अध्यक्ष रामअवतार ने जरूर रविदास के दोहे पढ़े और अपने वक्तव्य में उनका अर्थ भी बताया। उनके अलावा केवल मुख्यमंत्री ने उनकी शिक्षाओं के बारे में चंद लाइनों में जानकारी दी। पूरे आयोजन मेें किसी नेता ने समारोह में पहुंची भीड़ को यह बात नहीं बताई कि किन परिस्थितियों में महान संत रविदास ने समाज को नई दिशा दी थी। उनका जन्म किस घर में हुआ था। उनकी मुख्य शिक्षाएं क्या थीं। भाजपा नेता सरकार द्वारा राज्य स्तर पर मनाई जाने वाली जयंतियों के गुणगान में ही लगे रहे। वहीं गीतों में भी सरकार का ही गुणगान नजर आया।

रैली में बीच में से उठकर जा रहे करीब 20-25 लोगों से जब जाने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि जिस महान संत की जयंती के बारे में बुलाया गया है, उनके बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया जा रहा। नाम पूछने पर इन लोगों ने छापने से इंकार कर दिया, लेकिन कहा कि संत रविदास जी के बारे में पूरी जानकारी दी जानी चाहिए थी। ताकि उनका जन्मदिन मनाना सार्थक साबित होता। समाज में उनकी शिक्षा का संदेश जाता।
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