{"_id":"59b43cc24f1c1bef7f8b57dc","slug":"181504984258-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार से निपटने में सहयोग करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार से निपटने में सहयोग करें
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी बुखार से निपटने मेें सहयोग करें
-डीसी ने की अपील, मच्छरों को न पनपने दें घरों में
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर के लोग वर्षा ऋतु के दौरान मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार से बचाव के लिए मच्छरों को न पनपने देने में सहयोग करें। डीसी सुनीता वर्मा ने यह आह्वान किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घरों व कबाड़ की दुकानों के खुले गोदामों का निरीक्षण किया जा रहा है। प्रथम निरीक्षण के दौरान मच्छर का अंडा व लारवा मिलने पर नोटिस देने तथा दूसरे निरीक्षण के दौरान मच्छर का अंडा व लारवा मिलने पर 2000 रुपये का चालान करने का प्रावधान है। डीसी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को इन बीमारियों से बचने के लिए हिदायतें जारी की गई हैं तथा विभाग द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
1. अपने घरों केे आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घरों के पास स्थित खाली प्लाटों में खड़े व्यर्थ पानी में कटा हुआ काला तेल डालें, घरों में रखे हुए कूलरों, पानी की टंकियों, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तनों को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। फ्रिज में गैस के कंप्रेशर के ऊपर व्यर्थ पानी की निकासी के लिए लगी हुई ट्रे को भी एक सप्ताह में एक बार अवश्य खाली कर दें।
2. घरों की छतों व आंगन में रखे हुए बेकार टायरों, व्यर्थ में रखी हुई पेय पदार्थों की खाली बोतलों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि इनमें पानी इकट्ठा न हो। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले वस्त्रों का प्रयोग करें।
विज्ञापन
3. रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा बाजार में उपलब्ध मच्छर भगाओ क्रीम, कार्ड, क्वॉयल आदि का प्रयोग करें।
4. स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार के कारण, लक्षण एवं बचाव बारे विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है।
5. निरीक्षण के दौरान यदि किसी के घर, दुकान या गोदाम में डेंगू का लारवा पाया जाता है तो पहली बार में नोटिस व दूसरी बार में 2000 रुपये तक चालान करने प्रावधान है।
विज्ञापन
-डीसी ने की अपील, मच्छरों को न पनपने दें घरों में
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर के लोग वर्षा ऋतु के दौरान मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार से बचाव के लिए मच्छरों को न पनपने देने में सहयोग करें। डीसी सुनीता वर्मा ने यह आह्वान किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घरों व कबाड़ की दुकानों के खुले गोदामों का निरीक्षण किया जा रहा है। प्रथम निरीक्षण के दौरान मच्छर का अंडा व लारवा मिलने पर नोटिस देने तथा दूसरे निरीक्षण के दौरान मच्छर का अंडा व लारवा मिलने पर 2000 रुपये का चालान करने का प्रावधान है। डीसी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को इन बीमारियों से बचने के लिए हिदायतें जारी की गई हैं तथा विभाग द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
1. अपने घरों केे आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घरों के पास स्थित खाली प्लाटों में खड़े व्यर्थ पानी में कटा हुआ काला तेल डालें, घरों में रखे हुए कूलरों, पानी की टंकियों, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तनों को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। फ्रिज में गैस के कंप्रेशर के ऊपर व्यर्थ पानी की निकासी के लिए लगी हुई ट्रे को भी एक सप्ताह में एक बार अवश्य खाली कर दें।
विज्ञापन
2. घरों की छतों व आंगन में रखे हुए बेकार टायरों, व्यर्थ में रखी हुई पेय पदार्थों की खाली बोतलों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि इनमें पानी इकट्ठा न हो। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले वस्त्रों का प्रयोग करें।
विज्ञापन
3. रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा बाजार में उपलब्ध मच्छर भगाओ क्रीम, कार्ड, क्वॉयल आदि का प्रयोग करें।
4. स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार के कारण, लक्षण एवं बचाव बारे विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है।
5. निरीक्षण के दौरान यदि किसी के घर, दुकान या गोदाम में डेंगू का लारवा पाया जाता है तो पहली बार में नोटिस व दूसरी बार में 2000 रुपये तक चालान करने प्रावधान है।