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विद्यार्थियों ने की कैथल से चीका वाया कवारतन बस सेवा की मांग
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कैथल। गांव कवारतन की रविदास चौपाल में युवाओं की मीटिंग सुशील की अध्यक्षता में हुई। जिसमें फैसला किया गया कि कैथल से चीका वाया उझाना, दयोहरा, कवारतन, रसूलपुर, मांडी, पोलड़ गांव में सरकारी बस सेवा लागू की जाए। इन गांवों में सरकारी बस सेवा नहीं है जिससे गांववासियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में 10 सदस्यीय तदर्थ कमेटी का गठन किया गया जिसके संयोजक प्रदीप, सहसंयोजक सुशील, अंजू और सोनिया को बनाया गया। डीवाईएफआई यूनिट कमेटी का प्रतिनिधिमंडल गांव के सरपंच टोनी से मिला। सरपंच ने कहा कि बस सेवा लागू करवाने के लिए वह हर संभव सहयोग करेंगे।
डीवाईएफआई जिला अध्यक्ष डॉक्टर तेजपाल खटकड़, जिला सचिव कुलदीप इकाई कवारतन कमेटी के संयोजक प्रदीप, सहसंयोजक अंजू ने बताया कि 15 अप्रैल को महाप्रबंधक रोडवेज डिपो कैथल को इस संदर्भ में नोटिस दिया जाएगा। दिनांक 22 अप्रैल को सुबह 10 बजे जीएम कार्यालय नई बस स्टैंड पर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलेगा। इसके बाद विधायक, डीसी व सीएम को भी ज्ञापन दिए जाएंगे। अगर सरकारी बस सेवा लागू नहीं की गई तो बस स्टैंड कैथल पर क्रमिक अनशन आरंभ किया जाएगा। यह आंदोलन एसएफआई और डीवाईएफआई के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जाएगा।
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एसएफआई के जिला सचिव गोलू बात्ता और डीवाईएफआई के जिला सचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि सरकार विभाग का निजीकरण करना चाहती है। इसके खिलाफ युवाओं को गोलबंद किया जाएगा और सरकार की नीतियों का जनता के बीच पर्दाफाश किया जाएगा। इस अवसर पर सचिन, कुलदीप, दीपक, विजय, अमृत, रोहित आदि ने अपने विचार रखें।
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बैठक में 10 सदस्यीय तदर्थ कमेटी का गठन किया गया जिसके संयोजक प्रदीप, सहसंयोजक सुशील, अंजू और सोनिया को बनाया गया। डीवाईएफआई यूनिट कमेटी का प्रतिनिधिमंडल गांव के सरपंच टोनी से मिला। सरपंच ने कहा कि बस सेवा लागू करवाने के लिए वह हर संभव सहयोग करेंगे।
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डीवाईएफआई जिला अध्यक्ष डॉक्टर तेजपाल खटकड़, जिला सचिव कुलदीप इकाई कवारतन कमेटी के संयोजक प्रदीप, सहसंयोजक अंजू ने बताया कि 15 अप्रैल को महाप्रबंधक रोडवेज डिपो कैथल को इस संदर्भ में नोटिस दिया जाएगा। दिनांक 22 अप्रैल को सुबह 10 बजे जीएम कार्यालय नई बस स्टैंड पर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलेगा। इसके बाद विधायक, डीसी व सीएम को भी ज्ञापन दिए जाएंगे। अगर सरकारी बस सेवा लागू नहीं की गई तो बस स्टैंड कैथल पर क्रमिक अनशन आरंभ किया जाएगा। यह आंदोलन एसएफआई और डीवाईएफआई के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जाएगा।
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एसएफआई के जिला सचिव गोलू बात्ता और डीवाईएफआई के जिला सचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि सरकार विभाग का निजीकरण करना चाहती है। इसके खिलाफ युवाओं को गोलबंद किया जाएगा और सरकार की नीतियों का जनता के बीच पर्दाफाश किया जाएगा। इस अवसर पर सचिन, कुलदीप, दीपक, विजय, अमृत, रोहित आदि ने अपने विचार रखें।