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शुगर मिल के धर्मकांटे में लगी मिली चिप, घोटाले की आशंका

Sat, 03 Nov 2018 12:39 AM IST
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:39 AM IST
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शुगर मिल के धर्मकांटे में  लगी मिली चिप, घोटाले की आशंका
शुगर मिल के धर्मकांटे में लगी मिली चिप, करोड़ों के घोटाले की आशंका
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- अमर उजाला एक्सक्लूसिव
- भारतीय किसान संघ ने डीसी को ज्ञापन देकर की निष्पक्ष जांच की मांग
- एफआईआर दर्ज करवाने के बाद मिल प्रबंधन अलग से नहीं कर रहा जांच
फोटो संख्या-20 व 21

अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल में वजन तौलने के लिए लगाए गए धर्मकांटे की चिप के मामले में भारतीय किसान संघ ने डीसी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही इस मामले की जांच के लिए हरियाणा स्टेट विजिलेंस को भी मांग पत्र भेजा जाएगा। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय युवा अध्यक्ष गुल्तान सिंह नैना व प्रांत कोषाध्यक्ष रणदीप आर्य ने डीसी को ज्ञापन देने के साथ-साथ मिल में उस धर्मकांटे को भी देखा, जिसमें यह चिप लगी हुई मिली है।
क्या है मामला : सरकारी शुगर मिल में चीनी, स्क्रैप, शीरा सहित अन्य सामान तोलने के लिए इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा लगा हुआ है। इसमें गत 8 अक्तूबर को रिपेयर के बाद वजन कम ज्यादा मिला। इसके बाद मिल के अधिकारियों ने धर्मकांटा लगाने वाली कंपनी के इंजीनियर को बुलाया। 26 अक्तूबर को इंजीनियर ने जांच-पड़ताल के बाद बताया कि कांटे में रिमोट से संचालित होने वाली चिप लगी हुई है। इस चिप के माध्यम से वजन के कम या ज्यादा करने की आशंका है। इसके बाद मिल की ओर से थाना तितरम में शिकायत दी गई। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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मिल के कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकती गड़बड़ी : भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मिल में लगे सरकारी धर्मकांटे में चिप लगना कोई आसान काम नहीं है। जब मिल परिसर में यह धर्मकांटा कर्मचारियों की निगरानी में है तो इसमें बाहर से या अज्ञात व्यक्ति कौन चिप लगा सकता है? यह सोचने का विषय है। डीसी को दिए ज्ञापन में कहा कि मिल में मार्च माह में भी एक शिकायत की गई थी। इसमें महज 14-15 दिनों में मिल में रिपेयर पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई थी। इसकी जांच होनी चाहिए। अब मिल के धर्मकांटे में चिप मिली है। न जाने मिल के कर्मचारी व अधिकारी इस चिप के माध्यम से कितने लंबे समय से यहां गड़बड़ कर रहे हैं। इसकी जांच की जाए। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए और जितनी भी गड़बड़ी की गई है। उसकी रिकवरी की जाए।
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इस सीजन में बेची गई है 3 लाख 34 हजार 864 किलो चीनी : संघ नेताओं ने बताया कि चीनी मिल में इस बार अभी तक 4 लाख 80 हजार 892 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। इसमें से 3 लाख 34 हजार 864 क्विंटल चीनी बेची गई। जिसका वजन भी इस धर्मकांटे से हुआ। इसी प्रकार से 2 लाख 55 हजार में से 2 लाख 15 हजार शीरा भी बेचा गया है। मिल सूत्रों ने बताया है कि इसी अवधि में करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का स्क्रैप बेचा गया। लेकिन स्टोर इंचार्ज ने इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्होंने मिल एमडी को यह जानकारी दे दी है।
इस क्षेत्र में नहीं मिलती ऐसी चिप : मिल से जुड़े एक तकनीकी सूत्र ने बताया कि मिल में जो चिप मिली है, वह विदेशी चिप हो सकती है। क्योंकि ऐसी चिप इस क्षेत्र में नहीं मिली। इस चिप के माध्यम से रिमोट से वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें वजन कम या ज्यादा हो सकता है।

मिल के एमडी कंवर सिंह ने बताया कि जैसे ही चिप की जानकारी मिली, उसी समय पुलिस को सूचित कर केस दर्ज करवा दिया गया है। इस दौरान स्क्रैप या चीनी में गड़बड़ी की गई है या नहीं। इसके लिए पुलिस की जांच तक इंतजार करना चाहिए। पुलिस जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसी अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मिल द्वारा अलग से कोई जांच आदि नहीं की जा रही है।
एसएचओ तितरम ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। जैसे ही कोई बात सामने आएगी, उसे बता दिया जाएगा।
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