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मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी के टूटने से पचास एकड़ गेहूं की फसल डूबी
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:33 AM IST
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मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी के टूटने से पचास एकड़ गेहूं की फसल डूबी
सोमवार सांय टूटी थी माईनर, सिंचाई विभाग के कर्मचारी मंगलवार दोपहर को पहुंचे
किसानों ने जताया रोष
फोटो संख्या-41
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। सोमवार देर शाम गुहला से होकर गुजरने वाली मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी के टूटने से लगभग 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल डूब गई। किसानों द्वारा सूचना देने के बावजूद नहरी विभाग के अधिकारी मंगलवार दोपहर लगभग बारह बजे मौके पर पहुंचे तो किसानों ने विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
किसान तेज पाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, गज्जन सिंह, इंद्रजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, जानपाल सिंह ने बताया कि गुहला चीका से होकर गुजरने वाली मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी खरकां मोड़ के पास से टूट गई। किसानों ने बताया कि नहर के टूटने से लगभग पचास एकड़ में पानी भर गया और गेहूं की फसल पूरी तरह से डूब गई। किसानों ने बताया कि नहर के टूटने के तुरंत बाद रात को ही नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी लेकिन दोपहर तक कोई भी अधिकारी या कर्मचार मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि किसान रात भर अपने स्तर पर नहर को पाटने का प्रयास करते रहे लेकिन सुबह तक पानी का बहना जारी था। किसानों का आरोप है कि नहर की सफाई के नाम पर विभाग लीपापोती करता है जिसके चलते नहर हर समय घास से अंटी रहती है और थोड़ा सा पानी आने पर ही टूट जाती है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी गेहूं की फसल डूब गई है इस लिए उन्हें मुआवजा दिया जाए।
जेई नवीन कुमार ने बताया कि गांव भागल के पास बने हैड से रात के समय किसान पानी कम या ज्यादा कर देते हैं। इस वर्ष नहर की सफाई भी नहीं हो पाई थी, जिसके चलते रात को नहर टूट गई थी। सुबह नहर बंद करवा दी गई है। कितने एकड़ में पानी भरा है इसकी गिरदावरी के बाद ही पता चल पाएगा।
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सोमवार सांय टूटी थी माईनर, सिंचाई विभाग के कर्मचारी मंगलवार दोपहर को पहुंचे
किसानों ने जताया रोष
फोटो संख्या-41
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। सोमवार देर शाम गुहला से होकर गुजरने वाली मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी के टूटने से लगभग 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल डूब गई। किसानों द्वारा सूचना देने के बावजूद नहरी विभाग के अधिकारी मंगलवार दोपहर लगभग बारह बजे मौके पर पहुंचे तो किसानों ने विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
किसान तेज पाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, गज्जन सिंह, इंद्रजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, जानपाल सिंह ने बताया कि गुहला चीका से होकर गुजरने वाली मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी खरकां मोड़ के पास से टूट गई। किसानों ने बताया कि नहर के टूटने से लगभग पचास एकड़ में पानी भर गया और गेहूं की फसल पूरी तरह से डूब गई। किसानों ने बताया कि नहर के टूटने के तुरंत बाद रात को ही नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी लेकिन दोपहर तक कोई भी अधिकारी या कर्मचार मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि किसान रात भर अपने स्तर पर नहर को पाटने का प्रयास करते रहे लेकिन सुबह तक पानी का बहना जारी था। किसानों का आरोप है कि नहर की सफाई के नाम पर विभाग लीपापोती करता है जिसके चलते नहर हर समय घास से अंटी रहती है और थोड़ा सा पानी आने पर ही टूट जाती है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी गेहूं की फसल डूब गई है इस लिए उन्हें मुआवजा दिया जाए।
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जेई नवीन कुमार ने बताया कि गांव भागल के पास बने हैड से रात के समय किसान पानी कम या ज्यादा कर देते हैं। इस वर्ष नहर की सफाई भी नहीं हो पाई थी, जिसके चलते रात को नहर टूट गई थी। सुबह नहर बंद करवा दी गई है। कितने एकड़ में पानी भरा है इसकी गिरदावरी के बाद ही पता चल पाएगा।
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