फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   त्या के आरोपियों को तीन साल को आजीवन कारावास

त्या के आरोपियों को तीन साल को आजीवन कारावास

Fri, 29 Sep 2017 12:11 AM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
त्या के आरोपियों को तीन साल को आजीवन कारावास
हत्या के आरोपियों को तीन साल को आजीवन कारावास
विज्ञापन

अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश डा. आरएन भारती की अदालत ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। साकरा में अपने मामा के गांव आए नवयुवक की गली में खड़ी बुग्गी के मामूली विवाद में हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायधीश डॉ. आरएन भारती की अदालत ने 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
पुलिस अधीक्षक सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन अनूप निवासी साकरा ने 17 अप्रैल 2015 को दिए गये बयान में बताया था कि उसकी बुआ का लडक़ा सचिन निवासी छिछराना जिला पानीपत उनसे मिलने के लिए आया हुआ था। 16 अप्रैल 2015 की दोपहर करीब 2 बजे वे दोनों बाइक पर अपने किसी कार्य के लिए बाइक पर गांव निगदू जा रहे थे। गांव साकरा में मनीष व मोहन के मकान नजदीक गली मध्य खड़ी बुग्गी से वे चारा उतार रहे थे, जहां गांव का ही अमित उर्फ धाकड़ भी मौजूद था। गली में निकलने का रास्ता नहीं होने कारण बुग्गी को साइड में खडा करने की कहने पर उनका विवाद हो गया, परंतु आसपास के लोगों ने उनको छुड़वा दिया। इसी शाम अमित व सचिन शाम करीब 6 बजे करनाल रोड पर दौड़ लगा रहे थे, तो पावर हाउस के नजदीक उपरोक्त तीनों अपने अन्य साथियों सहित मौका की ताक में खड़े थे। मनीष ने सचिन को पकड़ लिया तथा मोहन व अमित ने दोनों पर चाकू से व अन्य ने लाठी, डंडो से हमला कर दिया। पड़ोस के खतों से मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने बीच-बचाव करके उनको छुड़वाया तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीजीआई चंडीगढ़ पहुचने पर सचिन की मौत हो गई।
विज्ञापन

एसपी ने बताया कि पुलिस द्वारा उपरोक्त मामले में मोहन उर्फ मोनू, अमित उर्फ धाकड़ व मनीष उर्फ मोनू वासियान सांकरा तथा 9 अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गये, जिनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त हथियार व घटनास्थल से फरार होने में प्रयुक्त बाइक बरामद करने के अतिरिक्त मौका से खून के नमूने उठाते हुए ठोस साक्ष्य एकत्र किए गये। मामले का चालान तैयार कर 30 जुलाई को अभियोग न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया तथा पुलिस द्वारा मुस्तैदी पूर्वक अभियोग की पैरवी की गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायधीश कैथल डा. आरएन भारती की अदालत ने वीरवार को आरोपी मोहन, अमित व मनीष को उपरोक्त मामले में आजीवन कठोर कारावास तथा प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये जुर्माना किया गया है, जबकि शेष 9 को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed