{"_id":"5c6aff13bdec220c1b14045a","slug":"121550515987-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ोथल के चार कर:सानों को मिला गन्नौर कृल्षि शिखर सम्मेलन में पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ोथल के चार कर:सानों को मिला गन्नौर कृल्षि शिखर सम्मेलन में पुरस्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल के चार किसानों को मिला गन्नौर कृषि शिखर सम्मेलन में पुरस्कार
महेंद्र रसीना को एक लाख तो राजेश व गुरदयाल को 50-50 हजार रुपये का नकद ईनाम
फोटो संख्या-26 व 27
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गन्नौर में रविवार को संपन्न हुए चौथे एग्री सम्मिट कृषि शिखर सम्मेलन में जिले के चार किसानों ने पुरस्कार जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। आईसीएआर के सदस्य महेंद्र रसीना को गेहूं का अधिक उत्पादन करने के लिए एक लाख रुपये नकद पुरस्कार, कृषि उत्पादों को अपनी ही फर्म बनाकर मुनाफा कमाने के लिए राजेश खेड़ी को 50 हजार रुपये व गुरदयाल को बागवानी क्षेत्र में अच्छी उपलब्धि के लिए 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। वहीं रामेश्वर मलिकपुर को ब्लॉक स्तरीय 21 हजार रुपये नकद पुरस्कार मिला है।
ये है चारों किसानों की उपलब्धियां
1. महेंद्र रसीना:- अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान फार्मर फस्र्ट कमेटी के सदस्य महेंद्र रसीना को हरियाणा कृषि रत्न आवार्ड दिया गया। जैविक तरीके व हैप्पी सीडर से गेहूं का उत्पादन औसत उत्पादन से ज्यादा किए जाने पर यह सम्मान दिया गया। 20 प्रतिशत अधरुक उत्पादन किए जाने पर यह आवार्ड दिया गया है। वर्ष 2013 से महेंद्र रसीना यह खेती कर रहे हैं। 25 एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं। आवार्ड में 1 लाख रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह दिया गया। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने यह आवार्ड प्रदान किया। महेंद्र ने कहा कि वे सरकार के आभारी हैं।
2. राजेश खेड़ी को हरियाणा कृषि उत्पादन को अपनी ही फर्म बनाकर अच्छी आय अर्जित करने पर किसान सम्मान आवार्ड दिया गया। जिसमें 50 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह दिया गया। राजेश ने अपने खेत में मशरुम, सब्जियां, मधु का उत्पादन किया। उसे अपनी ही फर्म बनाकर देश के विभिन्न कौनों में बेचा। उसकी फर्म को हरियाणा में बेस्ट फार्मर प्रोड्यूसर फर्म के तौर पर यह आवार्ड दिया गया है। राजेश ने बताया कि वे जैविक खेती करते हैं और अभी तक कई राज्यों व सरकारों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। इसके लिए वे हरियाणा सरकार सहित कृषि विभाग कैथल, कृषि उप-निदेशक कार्यालय कैथल के आभारी हैं।
विज्ञापन
3. गुरदयाल मलिक को भी नकद 50 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्हव् प्ता पुरस्कार मिला है। हॉर्टिकल्चर में श्रेष्ठ किसान आवार्ड दिया गया है। खरबूजा, करेला, प्याज, आलू, घीया का उत्पादन करते हैं। 13 एकड़ में। इससे पहले फसल विविधिकरण पर भी सम्मानित किया गया है।
4. गांव मलिकपुर के ही रामेश्वर को हॉर्टिकल्चर में अच्छे उत्पादन के लिए उत्कृष्ट किसान पुरस्कार दिया गया है। उन्हें 21 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह दिया गया।
विज्ञापन
महेंद्र रसीना को एक लाख तो राजेश व गुरदयाल को 50-50 हजार रुपये का नकद ईनाम
फोटो संख्या-26 व 27
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गन्नौर में रविवार को संपन्न हुए चौथे एग्री सम्मिट कृषि शिखर सम्मेलन में जिले के चार किसानों ने पुरस्कार जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। आईसीएआर के सदस्य महेंद्र रसीना को गेहूं का अधिक उत्पादन करने के लिए एक लाख रुपये नकद पुरस्कार, कृषि उत्पादों को अपनी ही फर्म बनाकर मुनाफा कमाने के लिए राजेश खेड़ी को 50 हजार रुपये व गुरदयाल को बागवानी क्षेत्र में अच्छी उपलब्धि के लिए 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। वहीं रामेश्वर मलिकपुर को ब्लॉक स्तरीय 21 हजार रुपये नकद पुरस्कार मिला है।
ये है चारों किसानों की उपलब्धियां
1. महेंद्र रसीना:- अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान फार्मर फस्र्ट कमेटी के सदस्य महेंद्र रसीना को हरियाणा कृषि रत्न आवार्ड दिया गया। जैविक तरीके व हैप्पी सीडर से गेहूं का उत्पादन औसत उत्पादन से ज्यादा किए जाने पर यह सम्मान दिया गया। 20 प्रतिशत अधरुक उत्पादन किए जाने पर यह आवार्ड दिया गया है। वर्ष 2013 से महेंद्र रसीना यह खेती कर रहे हैं। 25 एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं। आवार्ड में 1 लाख रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह दिया गया। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने यह आवार्ड प्रदान किया। महेंद्र ने कहा कि वे सरकार के आभारी हैं।
विज्ञापन
2. राजेश खेड़ी को हरियाणा कृषि उत्पादन को अपनी ही फर्म बनाकर अच्छी आय अर्जित करने पर किसान सम्मान आवार्ड दिया गया। जिसमें 50 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह दिया गया। राजेश ने अपने खेत में मशरुम, सब्जियां, मधु का उत्पादन किया। उसे अपनी ही फर्म बनाकर देश के विभिन्न कौनों में बेचा। उसकी फर्म को हरियाणा में बेस्ट फार्मर प्रोड्यूसर फर्म के तौर पर यह आवार्ड दिया गया है। राजेश ने बताया कि वे जैविक खेती करते हैं और अभी तक कई राज्यों व सरकारों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। इसके लिए वे हरियाणा सरकार सहित कृषि विभाग कैथल, कृषि उप-निदेशक कार्यालय कैथल के आभारी हैं।
विज्ञापन
3. गुरदयाल मलिक को भी नकद 50 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्हव् प्ता पुरस्कार मिला है। हॉर्टिकल्चर में श्रेष्ठ किसान आवार्ड दिया गया है। खरबूजा, करेला, प्याज, आलू, घीया का उत्पादन करते हैं। 13 एकड़ में। इससे पहले फसल विविधिकरण पर भी सम्मानित किया गया है।
4. गांव मलिकपुर के ही रामेश्वर को हॉर्टिकल्चर में अच्छे उत्पादन के लिए उत्कृष्ट किसान पुरस्कार दिया गया है। उन्हें 21 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह दिया गया।