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नशे की गर्त में बर्बाद हो रहा है गांव खरकां
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:19 AM IST
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बंदा कमावे ना, धंधा करण दे लोकी लांदे ने आरोप, असी की करिये...
नशे की गर्त में बर्बाद हो रहा है गांव खरकां, जमीनी हकीकत देखने पहुंचे रॉकी मित्तल को महिलाओं ने बताई पीड़ा
- नशे के कारण मौत का शिकार हो चुके युवक की मां ने कहा-घर में जवान बहू विधवा हो गई, चाय बेचकर गुजारा कर रहे बुजुर्ग ने दिखाई बेटे द्वारा नशे के लिए तोड़ी गई अलमारी
फोटो संख्या-26 व 27
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। लगातार नशे की गर्त में जा रहे गांव खरकां में रविवार को हरियाणा सरकार में एक और सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल ने दौरा किया। गांव के श्मशान में स्मैक पीने के बाद छोड़ी गई पन्नियों को देखकर मित्तल के होश फाख्ता हो गए। वहीं नशे के कारण अपने बेटे को खो चुकी महिला सहित कई महिलाओं ने अपनी दास्तां सुनाईं तो उनकी आंखें छलक आईं। मित्तल ने कहा कि वे सरकार को इस बात की रिपोर्ट देंगे और सप्ताह भर में यहां नशेड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाएंगे। बता दें कि जुलाई माह में अमर उजाला द्वारा गांव खरकां की ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।
मित्तल गांव में पहुंचे तो कुछ महिलाएं मिलीं। मित्तल के पूछने पर महिलाओं ने बताया कि स्मैक की लत के आदि हो चुके उनके घरों के लाल तबाह हो चुके हैं। महिलाओं ने कहा कि 300 रुपये की स्मैक की पुड़िया हासिल करने के लिए 1000-2000 रुपये तक ले जाते हैं। उनके घर के युवाओं ने उनके गहने, कपड़े और घर के सभी तरह के कीमती सामान नशा कारोबारियों को बेच दिए हैं। गांव की नशा विरोधी टीम रॉकी मित्तल को श्मशान घाट में ले गईं। जहां स्मैक पीने के बाद बची पन्नियों को देखा तो मित्तल हैरान रह गए।
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खरकां अड्डे पर एक चाय की दुकान चलाने वाले बुजुर्ग ने बताया कि उनका बेटा नशे का शिकार हो चुका है। इस कारण उनकी बहू घर छोड़ कर चली गई है। उन्होंने नशे के लिए बेटे के द्वारा तोड़ी गई अलमारी व घर का अन्य सामान दिखाया।
वहीं गांव में नशे की वजह से मौत का ग्रास बने अपने बेटे की दास्तां सुनाते हुए बुजुर्ग मां ने कहा कि उनके बेटे के दो बेटे हैं। युवा अवस्था में ही घर की बहू विधवा हो गई। दोनों लड़कों को पढ़ाने के लिए भी उनके परिवार को कड़ी मश्क्कत करनी पड़ रही है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल : ग्रामीणों ने मित्तल के समक्ष पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा इस बारे में कोई ठोस कार्रवाई नही की जाती। जिसकी वजह से गांव पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुका है। गांव की एक महिला ने कहा कि बंदा कमावे ना, धंधा करण दे लोकी लांदे ने आरोप, असी की करिये। महिला के दर्द के साथ उनकी आंखें भी छलक पड़ी।
रॉकी मित्तल ने कहा कि महज एक सप्ताह के भीतर खरकां में नशे के कारोबार पर अंकुश लग जाएगा। चाहे इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर ही क्यों न सारी बात बतानी पड़े।
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नशे की गर्त में बर्बाद हो रहा है गांव खरकां, जमीनी हकीकत देखने पहुंचे रॉकी मित्तल को महिलाओं ने बताई पीड़ा
- नशे के कारण मौत का शिकार हो चुके युवक की मां ने कहा-घर में जवान बहू विधवा हो गई, चाय बेचकर गुजारा कर रहे बुजुर्ग ने दिखाई बेटे द्वारा नशे के लिए तोड़ी गई अलमारी
फोटो संख्या-26 व 27
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। लगातार नशे की गर्त में जा रहे गांव खरकां में रविवार को हरियाणा सरकार में एक और सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल ने दौरा किया। गांव के श्मशान में स्मैक पीने के बाद छोड़ी गई पन्नियों को देखकर मित्तल के होश फाख्ता हो गए। वहीं नशे के कारण अपने बेटे को खो चुकी महिला सहित कई महिलाओं ने अपनी दास्तां सुनाईं तो उनकी आंखें छलक आईं। मित्तल ने कहा कि वे सरकार को इस बात की रिपोर्ट देंगे और सप्ताह भर में यहां नशेड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाएंगे। बता दें कि जुलाई माह में अमर उजाला द्वारा गांव खरकां की ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।
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मित्तल गांव में पहुंचे तो कुछ महिलाएं मिलीं। मित्तल के पूछने पर महिलाओं ने बताया कि स्मैक की लत के आदि हो चुके उनके घरों के लाल तबाह हो चुके हैं। महिलाओं ने कहा कि 300 रुपये की स्मैक की पुड़िया हासिल करने के लिए 1000-2000 रुपये तक ले जाते हैं। उनके घर के युवाओं ने उनके गहने, कपड़े और घर के सभी तरह के कीमती सामान नशा कारोबारियों को बेच दिए हैं। गांव की नशा विरोधी टीम रॉकी मित्तल को श्मशान घाट में ले गईं। जहां स्मैक पीने के बाद बची पन्नियों को देखा तो मित्तल हैरान रह गए।
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खरकां अड्डे पर एक चाय की दुकान चलाने वाले बुजुर्ग ने बताया कि उनका बेटा नशे का शिकार हो चुका है। इस कारण उनकी बहू घर छोड़ कर चली गई है। उन्होंने नशे के लिए बेटे के द्वारा तोड़ी गई अलमारी व घर का अन्य सामान दिखाया।
वहीं गांव में नशे की वजह से मौत का ग्रास बने अपने बेटे की दास्तां सुनाते हुए बुजुर्ग मां ने कहा कि उनके बेटे के दो बेटे हैं। युवा अवस्था में ही घर की बहू विधवा हो गई। दोनों लड़कों को पढ़ाने के लिए भी उनके परिवार को कड़ी मश्क्कत करनी पड़ रही है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल : ग्रामीणों ने मित्तल के समक्ष पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा इस बारे में कोई ठोस कार्रवाई नही की जाती। जिसकी वजह से गांव पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुका है। गांव की एक महिला ने कहा कि बंदा कमावे ना, धंधा करण दे लोकी लांदे ने आरोप, असी की करिये। महिला के दर्द के साथ उनकी आंखें भी छलक पड़ी।
रॉकी मित्तल ने कहा कि महज एक सप्ताह के भीतर खरकां में नशे के कारोबार पर अंकुश लग जाएगा। चाहे इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर ही क्यों न सारी बात बतानी पड़े।