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भारतीय किसान संघ ने दिखाई सरकार को आंखें

Mon, 10 Sep 2018 12:19 AM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:19 AM IST
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भारतीय किसान संघ ने दिखाई सरकार को आंखें
घोषित लागत पर 50 फीसदी मुनाफा नहीं दिया तो आंदोलन करेगा किसान संघ
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भारतीय किसान संघ ने प्रांतीय सम्मेलन में 15 प्रस्ताव पास, 30 सितंबर तक फसल का ब्योरा अपलोड करने देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारतीय किसान संघ के रविवार को हुए प्रांतीय सम्मेलन में सरकार को चेताया गया कि यदि एक अक्टूबर से किसानों को घोषित लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफे का रेट नहीं दिया गया तो किसान संघ आंदोलन शुरू करेगा। साथ ही सरकार से मांग की गई है कि फसल बीमा योजना में सरकार खुद बीमा करे और ई-पोर्टल पर फसल का ब्योरा अपलोड करने के लिए 15 के बजाय 30 सितंबर तक का समय दिया जाए। कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में 15 प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें किसानों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें शामिल की गई हैं। सम्मेलन में ओम सिंह चौहान को फिर से आगामी तीन वर्ष के लिए प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। महामंत्री के लिए वीरेद्र वदखालसा को जिम्मेदारी दी गई। सम्मेलन की अध्यक्षता क्षेत्रिय संगठन मंत्री लीलाधर ने की। वहीं संगठन मंत्री सुरेंद्र कुमार की देखरेख में यह आयोजन हुआ। सम्मेलन में नशामुक्त जवानी व रसायनमुक्त किसानी पर जोर देते हुए जल संरक्षण, गांव स्तर पर रोजगार सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन में पारित किए गए प्रस्तावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की गई कि 14 फसलों का लागत पर डेढ़ गुणा लागत मूल्य के अनुसार खरीद, धान की खरीद 20 सितंबर से किए जाने, सभी शुगर मिलों में गन्ने की बकाया राशि का भुगतान करने, मिलों में तबादला नीति लागू करने, पांच एकड़ से कम जमीन वाले परिवार के मुखिया को 10 हजार पेंशन देने, देश की सभी नदियों को जोड़ने, फसल बीमा सरकार खुद करने, मिलों में इथेनॉल प्लांट लगाने, नहरों की साफ-सफाई पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च की सीबीआई से जांच करवाने, मिल पिराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू करने, किसानों को फसल का भुगतान सीधा करने, एग्रो केमिकल्स पर कानून बनने व नहरों तक पक्के खाल बनाने के प्रस्ताव पारित किए गए। पुन: निर्वाचित प्रधान ओम सिंह चौहान, क्षेत्रिय संगठन मंत्री लीलाधर, कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र कुमार सहित वक्ताओं ने कहा कि भारतीय किसान संघ किसानों द्वारा, किसानों के लिए, किसानों का राष्ट्रवादी व गैर राजनीतिक संगठन है। जो किसी पार्टी विशेष से न जुड़कर केवल और केवल किसानों के हितों के लिए संघर्ष कर रहा है। प्रदेश में 2000 गांवों में भारतीय किसान संघ की समितियां गठित की जाएंगी। इसके बाद किसानों ने शहर में शक्ति प्रदर्शन किया।
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इस तरह रही नई कार्यकारिणी
ओमसिंह चौहान को प्रदेश अध्यक्ष, वेंद्र सिंह वदखासला प्रदेश महामंत्री, प्रताप सिंह खजूरी, सरदार सूरत सिंह, ईश्वर सिंह व ताहर सिंह चौहान उपाध्यक्ष, राजेंद्र सिंह, रामकिशन महलावत, रामबीर सिंह यमुनानगर प्रांत मंत्री, रनदीप आर्य फरल कोषाध्यक्ष व सह कोषाध्यक्ष चरण सिंह सोनीपत, गुल्तान सिंह नैन प्रांत युवा प्रमुख, प्रवीण राणा सह-प्रमुख, विकास कमालपुर व अनुराग मीडिया प्रमुख व सह प्रमुख, मदन कटारिया प्रांत जैविक प्रमुख व तेग सिंह घरौंडा सह-प्रमुख, रत्न सिंह, लक्ष्मीचंद्र प्रांत संरक्षक, कंवल सिंह एग्रो इकॉनोमिक शोध प्रमुख व सह प्रमुख धर्मबीर थंबड़ अंबाला को नियुक्त किया गया।
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