फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   शहर का सचिवालय दागदार...केवल ईओ व एक्सईन, अकाउटेंट व दो जेई बचे अधिकारियों में..

शहर का सचिवालय दागदार...केवल ईओ व एक्सईन, अकाउटेंट व दो जेई बचे अधिकारियों में..

Wed, 27 Mar 2019 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
शहर का सचिवालय दागदार...केवल ईओ व एक्सईन, अकाउटेंट व दो जेई बचे अधिकारियों में..

विज्ञापन
शहर का सचिवालय दागदार... ईओ, एक्सईन, अकाउटेंट और दो जेई बचे पुलिस केस से
इस समय कार्यरत एक एमई, एक जेई का नाम आया है सिटी स्क्वेयर एफआईआर में
बाकि अधिकारियों का हो चुका है तबादला
डीसी ने कहा-एफआईआर के बाद आधिकारिक सूचना के बाद ही होगा सिटी स्कवेयर के रिर्माण कार्य को लेकर फैसला, साथ ही आरोपी अधिकारियों को लेकर भी सूचना के बाद फैसला लिया जाएगा
38 करोड़ के प्रोजेक्ट में पार्षद लगा रहे थे गड़बड़ी के आरोप
फोटो नंबर-27
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल सिटी स्क्वायर मामले में शहर के सचिवालय में पिछले चार माह में कार्य कर रहे व कर चुके अधिकतर अधिकारी व कर्मचारी कर्मचारी दागदार हो गए हैं। जिन 9 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ चेयरपर्सन व ठेकेदार सहित क्रप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। उसमें से दो इस समय भी नगर परिषद में कार्यरत हैं। जबकि शेष 7 का दूसरे जिलों व कैथल की ही दूसरी नगर पालिकाओं में तबादला हो चुका है। एफआईआर के बाद अब 38 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य पर भी प्रश्र चिन्ह लग गया है कि इसका निर्माण कार्य अब रुकेगा या प्रशासन द्वारा इसे जारी रखा जाएगा।
विज्ञापन


यह है मामला:-
पुराने बस अड्डे की जगह में 38 करोड़ रुपये से बनाए जा रहे सिटी स्कवायर में रमणीय स्थल के अलावा यहां बैंकिंग स्क्वेयर का निर्माण होना है। जिसमें पार्षदों ने तीन माह पहले धांधली के आरोप लगाए थे। इसमें सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर चेयरपर्सन सीमा कश्यप सहित ठेकेदार व 9 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिसमें तत्कालीन ईओ विक्रम सिंह, सचिव कुलदीप सिंह, तीन एमई व तीन जेई के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पर क्रप्शन सहित धोखाधड़ी के आरोप हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

2 अधिकारी इस समय नगर परिषद में कार्यरत, बाकि के हो चुके हैं तबादले:-सिटी स्कवॉयर मामले की जांच की मांग उठने के साथ ही नगर परिषद में तबादलों का दौर शुरू हो गया था। आलम यह है कि जिन 9 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। उनमें से 7 का तबादला दूसरे जिलों व दूसरी नगर पालिकाओं में हो चुका है। इस समय कैथल नगर परिषद में एमई राजकुमार व जेई मोहित कार्यरत हैं। जो इस मामले की जद में आए हैं। यहां कार्यरत ईओ अशोक हुरिया व एक्सइन, अकाउंटेंट, तीन जेई पंकज, सागर व संदीप कार्यरत हैं। जो इस केस से बच गए हैं। ये अधिकारी सिटी स्कवेयर विवाद के उजागर होने के बाद ही तैनात हुए हैं।

यह आरोपी यहां हैं तैनात:-
सिटी स्क्वायर मामले में हुए भ्रष्टाचार में ईओ विक्रम सिंह काफी लंबेे समय तक कैथल में पद पर तैनात रहे। जबकि वर्तमान में वह सोनीपत नगर निगम में बतौर ईओ तैनात हैं। इसी प्रकार से प्रदीप गुप्ता जेई चीका नगरपालिका में, एमई राजकुमार शर्मा व मोहित जेई कैथल नगर परिषद, एमई रमेश वर्मा जो कुछ समय के लिए एडिशनल चार्ज के साथ कैथल में रहे वे यमुनानगर नगर निगम में, हवा सिंह जेई जींद, एमई सुमित सिंह हांसी, सचिव कुलदीप मलिक खरखौदा व एमई मुकेश वर्मा भी करनाल नगर निगम में पद पर तैनात हैं।

पांच सालों से लटका है सिटी स्क्वेयर प्रोजेक्ट:-
सिटी स्कवेयर प्रोजेक्ट का करीब पांच सालों से इंतजार है। इसके पूरा होने पर सभी बैंक इसी क्षेत्र में शिफ्ट हो जाएंगे। जिससे शहर की सड़कों पर बैंकों के बाहर खड़े होने वाले वाहनों के कारण लगने वाले जाम से मुक्ति की बात कही जा रही है। यह कब तक संभव हो पाएगा, अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई है।

अभी तक सिटी स्क्वेयर मामले में एफआईआर संबंधी आधिकारिक सूचना नहीं आई है। जैसे ही यह सूचना मिल जाएगी, उसके बाद सिटी स्कवेयर मामले में निर्माण को लेकर नियमानुसार फैसला लिया जाएगा। साथ ही आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार होने वाली कार्रवाई का निर्णय भी तभी लिया जाएगा।
डा. प्रियंका सोनी, डीसी, कैथल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed