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शगुन योजना के लाभार्थियों के नाम की घोषणा रात्रि प्रवास कार्यक्रम में होगी
Kaithal, Deputy Commissioner, Investigation
Updated Fri, 28 Feb 2014 11:33 PM IST
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निवर्तमान जिला उपायुक्त चंद्रशेखर की ओर से लोगों की शिकायतों के बाद रात्रि प्रवास कार्यक्रम में प्रियदर्शनी विवाह शगुन योजना के लाभार्थियों को लाभ देने की योजना को बंद किए जाने के बाद एक बार फिर से उसी तर्ज पर लोगों को योजना का लाभ मिलेगा।
जिला कल्याण विभाग की ओर से लोगों को योजना के तहत लाभ देने में देरी की भी जांच होगी। इस संदर्भ में सीटीएम जांच कर जिला उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपेंगी। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में आई शिकायत के बाद जिला उपायुक्त ने यह निर्देश जारी किए।
कैथल में निवर्तमान जिला उपायुक्त चंद्रशेखर ने विभिन्न विभागों को रात्रि प्रवास कार्यक्रम से जोड़ा था। इसके तहत इंदिरा गांधी विवाह शगुन योजना के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि मिलने में हो रही देरी के कारण इसे रात्रि प्रवास कार्यक्रम से जोड़ दिया गया था।
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इसके तहत जिस गांव में कार्यक्रम होता था, वहां के आसपास के गांवों के लोगों को भी कार्यक्रम में बुलाकर लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाता था। योजना के तहत बीपीएल परिवारों को 31 हजार रुपये और विधवा महिला की बेटियों की शादी में 11 हजार रुपये की कन्यादान राशि दी जाती है।
कई-कई माह तक राशि न मिलने के कारण लोगों की शिकायत पर प्रशासन ने यह कदम उठाया था, लेकिन इसके बाद रात्रि प्रवास कार्यक्रमों में फिर से इसे बंद कर दिया गया।
इसके बाद इस मामले की शिकायत जिला कष्ट निवारण समिति को दी गई थी। शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई मीटिंग में एक बार फिर यह मुद्दा उठा तो अधिकारियों ने डीसी के संज्ञान में लाया कि पहले रात्रि प्रवास कार्यक्रम में यह राशि वितरित की जाती थी।
छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने में देरी की जांच होगी
जिला उपायुक्त एनके सोलंकी ने जिला कल्याण विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत दी जाने वाली सहायता और अनुदान राशि के वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने के आदेश जारी किए।
उन्होंने कहा कि प्रियदर्शनी विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि अब जिला प्रशासन के रात्रि ठहराव कार्यक्रमों में लाभार्थियों को दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित करके उसके प्रमाण-पत्र समारोह में दिए जाएंगे।
इसमें विभाग की अनियमितता की शिकायत की जांच नगराधीश रणजीत कौर करेंगी और अपनी रिपोर्ट जिला उपायुक्त को प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने में देरी क्यों की जा रही है।
आवेदन में पारदर्शिता बरतने के आदेश
डीसी ने आदेश दिए कि जिला कल्याण विभाग की ओर से जो भी स्कीमें जन कल्याण के लिए चलाई जा रही हैं, उनके आवेदनों को वरिष्ठता क्रम में रखा जाए और ऐसे लोगों को लाभ भी अविलंब वरिष्ठता सूची के अनुसार दिया जाए, ताकि गरीब आदमी सहायता राशि का विवाह और अन्य कार्यों में सदुपयोग कर सके।
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जिला कल्याण विभाग की ओर से लोगों को योजना के तहत लाभ देने में देरी की भी जांच होगी। इस संदर्भ में सीटीएम जांच कर जिला उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपेंगी। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में आई शिकायत के बाद जिला उपायुक्त ने यह निर्देश जारी किए।
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कैथल में निवर्तमान जिला उपायुक्त चंद्रशेखर ने विभिन्न विभागों को रात्रि प्रवास कार्यक्रम से जोड़ा था। इसके तहत इंदिरा गांधी विवाह शगुन योजना के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि मिलने में हो रही देरी के कारण इसे रात्रि प्रवास कार्यक्रम से जोड़ दिया गया था।
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इसके तहत जिस गांव में कार्यक्रम होता था, वहां के आसपास के गांवों के लोगों को भी कार्यक्रम में बुलाकर लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाता था। योजना के तहत बीपीएल परिवारों को 31 हजार रुपये और विधवा महिला की बेटियों की शादी में 11 हजार रुपये की कन्यादान राशि दी जाती है।
कई-कई माह तक राशि न मिलने के कारण लोगों की शिकायत पर प्रशासन ने यह कदम उठाया था, लेकिन इसके बाद रात्रि प्रवास कार्यक्रमों में फिर से इसे बंद कर दिया गया।
इसके बाद इस मामले की शिकायत जिला कष्ट निवारण समिति को दी गई थी। शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई मीटिंग में एक बार फिर यह मुद्दा उठा तो अधिकारियों ने डीसी के संज्ञान में लाया कि पहले रात्रि प्रवास कार्यक्रम में यह राशि वितरित की जाती थी।
छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने में देरी की जांच होगी
जिला उपायुक्त एनके सोलंकी ने जिला कल्याण विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत दी जाने वाली सहायता और अनुदान राशि के वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने के आदेश जारी किए।
उन्होंने कहा कि प्रियदर्शनी विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि अब जिला प्रशासन के रात्रि ठहराव कार्यक्रमों में लाभार्थियों को दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित करके उसके प्रमाण-पत्र समारोह में दिए जाएंगे।
इसमें विभाग की अनियमितता की शिकायत की जांच नगराधीश रणजीत कौर करेंगी और अपनी रिपोर्ट जिला उपायुक्त को प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने में देरी क्यों की जा रही है।
आवेदन में पारदर्शिता बरतने के आदेश
डीसी ने आदेश दिए कि जिला कल्याण विभाग की ओर से जो भी स्कीमें जन कल्याण के लिए चलाई जा रही हैं, उनके आवेदनों को वरिष्ठता क्रम में रखा जाए और ऐसे लोगों को लाभ भी अविलंब वरिष्ठता सूची के अनुसार दिया जाए, ताकि गरीब आदमी सहायता राशि का विवाह और अन्य कार्यों में सदुपयोग कर सके।