फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Youth protested against cancellation of police recruitment exam

सिटीएम से बोले युवा, सर प्रश्न पत्र लीक होने पर जिनको ए बी सी भी नहीं आता, वे भी अफसर बन बैठे हैं

Tue, 10 Aug 2021 10:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 10:30 PM IST
विज्ञापन
Youth protested against cancellation of police recruitment exam
जींद। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद हरियाणा पुलिस भर्ती की परीक्षा रद्द कर दी गई है। इससे नाराज परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होेंने नगराधीश दर्शन यादव को मुख्यमंत्री मनोहरलाल के नाम ज्ञापन सौंपा। युवकों ने कहा कि सर प्रश्नपत्र लीक होने पर जिनको ए बी सी भी नहीं आता, वे भी अफसर बन जाते हैं।
विज्ञापन

सीटीएम ने कहा कि प्रशासन परीक्षा पारदर्शी तरीके से करवाने का प्रबंध करता है। युवाओं का ज्ञापन सरकार तक भेज दिया जाएगा। मंगलवार सुबह ही युवा डीएआरडीए के सामने हुड्डा मार्केट में एकत्रित हुए और लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

युवाओं ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 7 और 8 अगस्त को हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा की तारीख तय की थी। 7 अगस्त को पहली शिफ्ट में ही पेपर लीक हो गया। इसके चलते पेपर को रद्द कर दिया गया। इसमें 28 से 30 लोगों के नाम सामने आए हैं। यह बड़ा गिरोह है जो पैसे लेकर पेपर आउट करवाया है। इससे मेधावी विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है। हरियाणा में पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बहुत से परीक्षा प्रतियोगिता के पेपर लीक हुए हैं। नगराधीश ने युवाओं को मुख्यमंत्री के पास युवाओं का मांगपत्र पहुंचाने का आश्वासन दिया और आगे होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करवाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूरा साल मेहनत करते हैं विद्यार्थी
विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरा साल मेहनत करते हैं। लाइब्रेरी में पढ़ते हैं, ताकि वह अच्छे से तैयारी कर सकें। लेकिन पिछले तीन से चार बार प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं। इससे युवाओं में रोष है। पेपर लीक करने वाले बदमाशों पर नकेल कसनी चाहिए, जिससे गिरोह को पकड़ा जा सके। पेपर लीक होने का खामियाजा उन युवाओं को भुगतना पड़ता है जो कोचिंग सेंटरों में हजारों रुपये देते हैं। परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की आवश्यकता है। -राधिका।
ग्रामीण क्षेत्रों से होते हैं ज्यादातर विद्यार्थी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों से होते हैं। क्योंकि उनके पास संसाधनों की कमी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व इंटरनेट की सुविधा अच्छी नहीं होती, ऐसे में यहां के युवा लाइब्रेरी में पढ़ने जाते हैं। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। युवाओं को उम्मीद होती है कि वह अच्छी तैयारी कर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एक अच्छा रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। लेकिन पेपर लीक होने पर उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। -मोहित।

सात और आठ अगस्त को होने वाले कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की खबरें दो-तीन दिन पहले ही सोशल मीडिया पर आ रही थीं। पेपर लीक होने के कारण मेधावी विद्यार्थियों को नुकसान हो रहा है। कई युवा पैसे देकर पेपर लीक करवा लेते हैं और मेरिट लिस्ट में नाम आ जाता है और वह नौकरी प्राप्त कर लेते हैं। जबकि जो जरूरतमंद युवा दिन-रात मेहनत करते हैं। उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती है। पेपर लीक होने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। ऐेसे में पेपर लीक होने पर एचएसएससी व सरकार की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान उठाते हैं। -सचिन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed