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Vinesh Phogat: विनेश फोगाट की दो साल बाद मैट पर वापसी अधर में लटकी, 26 जून तक अयोग्य घोषित; लगे ये गंभीर आरोप

Sun, 10 May 2026 01:07 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, जींद
अमर उजाला नेटवर्क, जींद Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 10 May 2026 01:07 PM IST
सार

भारतीय पहलवान व ओलंपियन विनेश फोगाट 26 जून तक अयोग्य घोषित हो गई हैं। डोपिंग नियमों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रतियोगिता से एक दिन पहले 15 पेज का नोटिस भेजा गया है। विनेश ने कुछ दिन पहले वीडियो जारी कर टूर्नामेंट में खेले जाने से रोकने के आरोप लगाए थे।

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Vinesh Phogat Declared Ineligible Till June 26 Amid Serious Doping Rule Violation and Indiscipline Allegations
विनेश फोगाट(फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय पहलवान व ओलंपियन विनेश फोगाट की दो साल बाद मैट पर वापसी अधर में लटक गई है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने उन्हें रविवार से गोंडा में शुरू होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक दिया है। 
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2024 में हुए पेरिस ओलंपिक में संन्यास लेने के बाद यह वही टूर्नामेंट है जिसके जरिए विनेश कुश्ती में वापसी करने वाली थी। अब टूर्नामेंट से एक दिन पहले डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 
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इसमें अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग व कुश्ती महासंघ के नियमों के उल्लंघन व भारतीय कुश्ती की छवि खराब करने जैसे आरोप लगाए हैं। विनेश के 26 जून, 2026 तक घरेलू से लेकर किसी भी प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर भी रोक लगा दी गई।
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उनसे पूछा गया है कि उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में अयोग्य घोषित किए जाने से पहले वजन की सही जानकारी क्यों नहीं दी? इसके अलावा ओलंपिक ट्रायल के दौरान दो वजन भार वर्गों में हिस्सा लेकर नियम तोड़े। और ट्रायल को बाधित करने का प्रयास भी किया। साथ ही वह डोपिंग टेस्ट देने के लिए उपलब्ध नहीं हुई। सभी आरोपों पर 14 दिन में जवाब देना होगा। 

 

महासंघ ने साफ कहा है कि एंटी डोपिंग नियमों के अनुच्छेद 5.7 के तहत संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को कम से कम छह महीने पहले यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को सूचित करना होता है और इस अवधि में डोप परीक्षण करवाना होता है। विनेश ने यह शर्त पूरी नहीं की। वाडा (विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी) के नियम मानने व पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी विनेश पर ही थी।

विनेश ने इसी सप्ताह वीडियो जारी कर आरोप लगाए थे कि उनको टूर्नामेंट खेलने से रोका जा सकता है। साथ ही खुलासा किया था कि कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली छह पहलवानों में वह एक थीं। नोटिस जारी होने के बाद विनेश की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनके पीए सोनू ने कहा कि विनेश से बात करवाते हैं पर कार्रवाई नहीं।

पहले संन्यास लिया था, तब नहीं पूछा.... अब जवाब देने होंगे: संजय
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि देखना होगा कि वाडा के नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं। अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि उन्होंने संन्यास से वापसी के लिए आवश्यक शर्तें पूरी की हैं। प्रतिस्पर्धा में लौटने के लिए उन्हें अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी करनी होगी। जब संजय सिंह से पूछा गया कि पुराने मुद्दों को अब क्यों उठाया गया और उन्हें कारण बताओ नोटिस का आधार क्यों बनाया गया तो बोले कि उस समय डब्ल्यूएफआई को किनारे कर दिया गया था। तदर्थ समिति कामकाज संभाल रही थी। विनेश ने भी संन्यास ले लिया था, तब ये सवाल पूछने का समय नहीं था। अब जब वह वापसी करना चाहती हैं, तो उन्हें कुछ जवाब देने होंगे।
 

-उनसे पूछा गया है कि अनुशासनहीनता, खेल भावना के विपरीत व्यवहार और महासंघ व खेल के हितों के प्रतिकूल आचरण के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

इन तीन प्रकरण को लेकर मांगा जवाब व लगे आरोप
पेरिस ओलंपिक प्रकरण

विनेश ने 6 अगस्त 2024 को पहला वजन परीक्षण 49.9 किलोग्राम के साथ पास कर लिया था लेकिन अगली सुबह दूसरे अनिवार्य वजन परीक्षण में वह असफल रहीं, जबकि उन्हें पूरा 15 मिनट का समय और कई अवसर दिए गए। वजन सीमा से 100 ग्राम अधिक पाए जाने पर विनेश अयोग्य हो गई। इससे भारत का ओलंपिक पदक चला गया और नकारात्मक प्रचार हुआ।

 

दो भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा
विनेश से 11 मार्च 2024 को एनआईएस पटियाला में आयोजित एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर चयन ट्रायल के दौरान उनके आचरण पर भी जवाब मांगा गया है। वहां उन्होंने 50 किलोग्राम और 53 किलोग्राम दोनों वर्गों में हिस्सा लिया था। उस समय भारत में कुश्ती का संचालन आईओए द्वारा नियुक्त तदर्थ समिति कर रही थी, क्योंकि डब्ल्यूएफआई की गतिविधियां निलंबित थीं। वह केवल एक ही भारवर्ग में भाग ले सकती थी।

 

ट्रायल संचालन में बाधा
महासंघ ने ट्रायल के बाद मिली शिकायतों का भी जिक्र किया। इनमें आरोप था कि विनेश ने 53 किलोग्राम वर्ग में पेरिस ओलंपिक से पहले एक और ट्रायल दिए जाने का लिखित आश्वासन मांगकर प्रतियोगिता शुरू होने में देरी कराई। उन ट्रायल में विनेश 53 किलोग्राम वर्ग में तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर अंजू से हार गई थीं लेकिन 50 किलोग्राम वर्ग का ट्रायल शिवानी को हराकर जीत लिया था। इस देरी से ट्रायल संचालन में बाधा आई और अन्य पहलवान प्रभावित हुए।
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