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स्वास्थ्य अधिकारियों का कारनामा, पहले से ही गर्भवती महिला का कर दिया नलबंदी ऑपरेशन
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नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सकों ने एक महिला का परिवार नियोजन के तहत नलबंदी ऑपरेशन कर दिया जबकि वह महिला पहले ही गर्भवती थी। अब महिला के पति ने अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया तो यह बात सामने आई। अब व्यक्ति इस उलझन में है कि पहले वह चार बच्चों का बाप है तो पांचवें बच्चे का पालन-पोषण कैसे करेगा। व्यक्ति ने मामले की जांच करने व आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है।
गांव कहसून निवासी जसवंत की पत्नी काजल का पांच मई को नागरिक अस्पताल में परिवार नियोजन के तहत नलबंदी ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन से पहले किट द्वारा चिकित्सक यह जांच करते हैं कि कहीं यह महिला पहले से ही गर्भवती तो नहीं। महिला की जांच भी की गई लेकिन इसके बावजूद उसका ऑपरेशन कर दिया। जसवंत ने बताया कि उसकी पत्नी को गर्भवती होने का शक हुआ तो उसने छह अगस्त को अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया। इसमें बताया गया कि उसकी पत्नी चार महीने की गर्भवती है। इससे साफ है कि जब महिला का नलबंदी ऑपरेशन किया गया वह एक महीने की गर्भवती थी। अब जसवंत के सामने समस्या यह है कि वह अपने पांचवें बच्चे का पालन-पोषण कैसे करे।
मजदूरी करके अपने चार बच्चों का पेट पाल रहा जसवंत
जसवंत ने बताया कि मजदूरी करता है। पहले ही उसके पास दो लड़के तथा दो लड़कियां हैं। इन चार बच्चों का पालन-पोषण वह बहुत ही मुश्किल से करता है। अब पांचवें बच्चे का पालन पोषण करना उसके लिए बहुत मुश्किल होगा। जसवंत ने स्वास्थ्य अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच करवाने तथा आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। जसवंत ने कहा कि इस मामले की जांच भी जरूरी है ताकि पता चल सके कि यह लापरवाही किस स्तर पर हुई है।
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शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय की छुट्टी होती है। अभी तक मामला संज्ञान में नहीं आया है। सोमवार को महिला की पूरी रिपोर्ट देखकर ही पता चल सकेगा कि यह गलती किस स्तर पर हुई है। फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता।
-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।
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गांव कहसून निवासी जसवंत की पत्नी काजल का पांच मई को नागरिक अस्पताल में परिवार नियोजन के तहत नलबंदी ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन से पहले किट द्वारा चिकित्सक यह जांच करते हैं कि कहीं यह महिला पहले से ही गर्भवती तो नहीं। महिला की जांच भी की गई लेकिन इसके बावजूद उसका ऑपरेशन कर दिया। जसवंत ने बताया कि उसकी पत्नी को गर्भवती होने का शक हुआ तो उसने छह अगस्त को अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया। इसमें बताया गया कि उसकी पत्नी चार महीने की गर्भवती है। इससे साफ है कि जब महिला का नलबंदी ऑपरेशन किया गया वह एक महीने की गर्भवती थी। अब जसवंत के सामने समस्या यह है कि वह अपने पांचवें बच्चे का पालन-पोषण कैसे करे।
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मजदूरी करके अपने चार बच्चों का पेट पाल रहा जसवंत
जसवंत ने बताया कि मजदूरी करता है। पहले ही उसके पास दो लड़के तथा दो लड़कियां हैं। इन चार बच्चों का पालन-पोषण वह बहुत ही मुश्किल से करता है। अब पांचवें बच्चे का पालन पोषण करना उसके लिए बहुत मुश्किल होगा। जसवंत ने स्वास्थ्य अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच करवाने तथा आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। जसवंत ने कहा कि इस मामले की जांच भी जरूरी है ताकि पता चल सके कि यह लापरवाही किस स्तर पर हुई है।
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शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय की छुट्टी होती है। अभी तक मामला संज्ञान में नहीं आया है। सोमवार को महिला की पूरी रिपोर्ट देखकर ही पता चल सकेगा कि यह गलती किस स्तर पर हुई है। फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता।
-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।