फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Women farmers should become agri-entrepreneurs and adopt sustainable farming methods: Dr. Surendra

महिला किसान बनें कृषि-उद्यमी, अपनाएं टिकाऊ खेती के तरीके : डॉ. सुरेंद्र

Sat, 08 Aug 2026 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
Women farmers should become agri-entrepreneurs and adopt sustainable farming methods: Dr. Surendra
जींद। हमेटी के निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव ने कहा कि महिला किसानों को खेती के साथ-साथ कृषि-उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को आधुनिक व टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने को कहा। यह बात उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में कही।
विज्ञापन

हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (हमेटी), जींद में आयोजित कार्यक्रम में महिला और पुरुष किसानों को सुरक्षित छिड़काव तकनीक, कीटनाशकों के सही उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे करीब 100 किसानों ने भाग लिया।
विज्ञापन

विशेषज्ञ व पूर्व निदेशक डॉ. कर्मचंद ने महिला किसानों को कीटनाशकों के सही इस्तेमाल, फसल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य बचाव से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कीटनाशकों का उपयोग आवश्यकता और वैज्ञानिक सलाह के आधार पर ही किया जाना चाहिए। अधिक मात्रा में रसायनों का प्रयोग फसल लागत बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति, जल स्रोतों और मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के फैसिलिटेटर डॉ. वजीर चौहान ने बताया कि छिड़काव करते समय मास्क, दस्ताने, चश्मे और अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करना बेहद जरूरी है। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर सही समय पर छिड़काव करने और निर्धारित मात्रा में दवाओं का इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर किसान जहरीले रसायनों के दुष्प्रभाव से स्वयं और अपने परिवार को बचा सकते हैं।
खाली डिब्बों के सुरक्षित निस्तारण पर दिया जोर : कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को कीटनाशकों के खाली डिब्बों के सुरक्षित निस्तारण, छिड़काव के बाद खेत में प्रवेश के लिए निर्धारित समय का पालन और रसायनों के सुरक्षित भंडारण के बारे में भी जानकारी दी। किसानों ने फसलों में कीट नियंत्रण, रसायनों के विकल्प और कम लागत में बेहतर उत्पादन से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।

सुरक्षित खेती ही भविष्य की समृद्ध खेती का आधार
हमेटी के निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव ने कहा कि आज खेती में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उन्हें वैज्ञानिक खेती और सुरक्षित कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित खेती ही भविष्य की समृद्ध खेती का आधार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article