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Jind News: किनाना पीएचसी को बिजली सुविधाओं से लैस करने की तैयारी, टेंडर जारी
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जींद। गांव किनाना में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बिजली संबंधी सुविधाओं से लैस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क) की इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से इसके लिए करीब 30.23 लाख रुपये के दो अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं।
इनमें एक टेंडर 9 लाख 76 हजार 459 रुपये और दूसरा 20 लाख 46 हजार 723 रुपये का है। दोनों कार्यों में पीएचसी के लिए डीजी सेट, सोलर पावर प्लांट, स्ट्रीट लाइट और आवश्यक विद्युत उपकरणों से संबंधित काम कराया जाएगा।
पीएचसी जैसे स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की निर्बाध व्यवस्था जरूरी होती है। बिजली जाने पर रोशनी, पंखे, जरूरी उपकरण और अन्य विद्युत सुविधाओं के प्रभावित होने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी हो सकती है।
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खासकर रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने पर मरीजों की जांच, उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दिक्कत बढ़ सकती है। डीजी सेट की व्यवस्था होने से बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र को वैकल्पिक बिजली मिल सकेगी। इससे जरूरी सेवाओं को लंबे समय तक ठप रहने से बचाने में मदद मिलेगी। वहीं सोलर पावर प्लांट से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध होगा।
स्ट्रीट लाइट से रात में परिसर में आवाजाही होगी आसान
पीएचसी परिसर में स्ट्रीट लाइट लगने से रात के समय मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को परिसर में आवाजाही में सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य केंद्र आने वाले लोगों को अंधेरे के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही आवश्यक विद्युत उपकरणों की स्थापना से पीएचसी के रोजमर्रा के संचालन के लिए जरूरी बिजली का ढांचा तैयार हो सकेगा।
बॉक्स
दोनों कार्य पूरे होने के बाद पीएचसी को आवश्यक विद्युत सुविधाओं का आधार मिल सकेगा। इससे स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने पर मरीजों को उपचार के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में भी सुविधा होगी। -डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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इनमें एक टेंडर 9 लाख 76 हजार 459 रुपये और दूसरा 20 लाख 46 हजार 723 रुपये का है। दोनों कार्यों में पीएचसी के लिए डीजी सेट, सोलर पावर प्लांट, स्ट्रीट लाइट और आवश्यक विद्युत उपकरणों से संबंधित काम कराया जाएगा।
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पीएचसी जैसे स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की निर्बाध व्यवस्था जरूरी होती है। बिजली जाने पर रोशनी, पंखे, जरूरी उपकरण और अन्य विद्युत सुविधाओं के प्रभावित होने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी हो सकती है।
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खासकर रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने पर मरीजों की जांच, उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दिक्कत बढ़ सकती है। डीजी सेट की व्यवस्था होने से बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र को वैकल्पिक बिजली मिल सकेगी। इससे जरूरी सेवाओं को लंबे समय तक ठप रहने से बचाने में मदद मिलेगी। वहीं सोलर पावर प्लांट से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध होगा।
स्ट्रीट लाइट से रात में परिसर में आवाजाही होगी आसान
पीएचसी परिसर में स्ट्रीट लाइट लगने से रात के समय मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को परिसर में आवाजाही में सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य केंद्र आने वाले लोगों को अंधेरे के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही आवश्यक विद्युत उपकरणों की स्थापना से पीएचसी के रोजमर्रा के संचालन के लिए जरूरी बिजली का ढांचा तैयार हो सकेगा।
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दोनों कार्य पूरे होने के बाद पीएचसी को आवश्यक विद्युत सुविधाओं का आधार मिल सकेगा। इससे स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने पर मरीजों को उपचार के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में भी सुविधा होगी। -डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।