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Jind News: कलश यात्रा में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, भक्तिमय माहौल
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29जेएनडी20 : श्रीरामायण पाठ महोत्सव की कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। आयोजक
सफीदों। गुरुद्वारा गली स्थित श्री शिव शक्ति कृपा मंदिर मंगलवार को श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। अवसर था सामूहिक संगीतमय श्रीरामायण पाठ महोत्सव के शुभारंभ का। आयोजन की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
पीले वस्त्रों में सिर पर कलश धारण किए महिलाएं भजनों की धुन पर यात्रा में आगे बढ़ती रहीं, जबकि श्रद्धालु जय श्रीराम के उद्घोष करते हुए वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे। कलश यात्रा श्री शिव शक्ति कृपा मंदिर से शुरू होकर गुरुद्वारा गली, रेलवे रोड, पुरानी अनाज मंडी समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी और वापस मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
अयोध्या से पहुंचे व्यास मधरेश दास महाराज के नेतृत्व में निकली यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। समारोह में वेदाचार्य दंडी स्वामी डॉ. निगमबोध तीर्थ महाराज का भी सानिध्य रहा। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी निगमबोध तीर्थ महाराज ने कहा कि श्रीरामायण केवल पूजा-पाठ तक सीमित धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन जीने की दिशा दिखाता है।
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भगवान श्रीराम के जीवन से मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और संस्कारों की सीख मिलती है। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और अपने दायित्वों का पालन करने की प्रेरणा भी रामायण से मिलती है।
व्यास मधरेश दास महाराज ने कहा कि श्रीराम का चरित्र समाज के लिए आदर्श है। रामायण का श्रवण व्यक्ति को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। सामूहिक पाठ से परिवार और समाज में सकारात्मक संस्कारों का वातावरण बनता है। आयोजक समिति के प्रतिनिधि श्रवण गोयल ने बताया कि रामायण पाठ महोत्सव सात अक्तूबर तक प्रतिदिन दोपहर तीन से शाम छह बजे तक चलेगा। आठ अक्तूबर को संकीर्तन भवन में विशाल भंडारा होगा।
फोटो कैप्शन :
29जेएनडी20 : श्रीरामायण पाठ महोत्सव की कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। आयोजक
29जेएनडी 21: कलश यात्रा के दौरान रथ में विराजमान व्यास मधरेश दास महाराज। आयोजक
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पीले वस्त्रों में सिर पर कलश धारण किए महिलाएं भजनों की धुन पर यात्रा में आगे बढ़ती रहीं, जबकि श्रद्धालु जय श्रीराम के उद्घोष करते हुए वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे। कलश यात्रा श्री शिव शक्ति कृपा मंदिर से शुरू होकर गुरुद्वारा गली, रेलवे रोड, पुरानी अनाज मंडी समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी और वापस मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
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अयोध्या से पहुंचे व्यास मधरेश दास महाराज के नेतृत्व में निकली यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। समारोह में वेदाचार्य दंडी स्वामी डॉ. निगमबोध तीर्थ महाराज का भी सानिध्य रहा। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी निगमबोध तीर्थ महाराज ने कहा कि श्रीरामायण केवल पूजा-पाठ तक सीमित धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन जीने की दिशा दिखाता है।
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भगवान श्रीराम के जीवन से मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और संस्कारों की सीख मिलती है। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और अपने दायित्वों का पालन करने की प्रेरणा भी रामायण से मिलती है।
व्यास मधरेश दास महाराज ने कहा कि श्रीराम का चरित्र समाज के लिए आदर्श है। रामायण का श्रवण व्यक्ति को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। सामूहिक पाठ से परिवार और समाज में सकारात्मक संस्कारों का वातावरण बनता है। आयोजक समिति के प्रतिनिधि श्रवण गोयल ने बताया कि रामायण पाठ महोत्सव सात अक्तूबर तक प्रतिदिन दोपहर तीन से शाम छह बजे तक चलेगा। आठ अक्तूबर को संकीर्तन भवन में विशाल भंडारा होगा।
फोटो कैप्शन :
29जेएनडी20 : श्रीरामायण पाठ महोत्सव की कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। आयोजक
29जेएनडी 21: कलश यात्रा के दौरान रथ में विराजमान व्यास मधरेश दास महाराज। आयोजक

29जेएनडी20 : श्रीरामायण पाठ महोत्सव की कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। आयोजक