{"_id":"6171ab630d3a6e7da712399c","slug":"wheat-will-not-be-sown-in-seven-thousand-acres-due-to-waterlogging-jind-news-rtk627707236","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलभराव के चलते सात हजार एकड़ में नहीं होगी गेहूं की बिजाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलभराव के चलते सात हजार एकड़ में नहीं होगी गेहूं की बिजाई
विज्ञापन
करसोला गांव के खेतों में भरा पानी।
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जुलाना। जुलाना क्षेत्र में खेतों से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई है। इसके कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही हैं। किसानों का कहना है कि उनकी आने वाली गेहूं की फसल की बिजाई भी नहीं हो पाएगी। जिससे उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है।
किसानों की मांग है कि उनके खेतों की स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। करसोला गांव में 1200 एकड़, पौली गांव में 1000 एकड़, हथवाला में 500 एकड़, बुढ़ा खेड़ा गांव में लगभग 800 एकड़, शादीपूर में 500 एकड़, नंदगढ़ में 400 एकड़ में गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर खेतों को पार करता हुआ पानी जींद रोहतक मार्ग पर भी आ गया है, जिसके चलते राहगीरों को परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। जुलाना में पिछले दिनों बारिश से जलभराव की समस्या पैदा हो गई थी। जिसके बाद गांव बुढ़ाखेड़ा के ग्रामीणों ने खेतों से पानी निकलाने के लिए पानी का बहाव गांव ब्राह्मणवास की तरह कर दिया था। जिसके बाद अब जींद-रोहतक बाइपास रोड के साइफन से होते हुए यह बारिश का पानी जुलाना के जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर आ गया है। जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर पानी का बहाव इतना है कि हाईवे पर जलभराव हो गया है। यहां से गुजरने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में जल्द ही हाईवे से गुजर रहा यह बारिश का पानी गांव ब्राह्मणवास के खेतों को जलमग्न करने का काम करेगा। जिससे गांव ब्राह्मणवास के किसानों के लिए यह बड़ी परेशानी से कम नहीं होगा। क्योंकि खेतों में किसानों की पकी पकाई कपास, धान और बाजरे की फसलें खड़ी हैं। अगर खेतों में की पानी बढ़ता है तो यह किसानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि बारिश के पानी की निकासी की पुख्ता व्यवस्था की जानी चाहिए। जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जुलाना के नायब तहसीलदार प्रतीक कुमार ने कहा कि जुलाना तहसील के सभी गांवों में पानी निकासी के लिए पंप लगाए गए हैं। प्रशासन द्वारा निकासी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जल्द ही पानी की निकासी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों की मांग है कि उनके खेतों की स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। करसोला गांव में 1200 एकड़, पौली गांव में 1000 एकड़, हथवाला में 500 एकड़, बुढ़ा खेड़ा गांव में लगभग 800 एकड़, शादीपूर में 500 एकड़, नंदगढ़ में 400 एकड़ में गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर खेतों को पार करता हुआ पानी जींद रोहतक मार्ग पर भी आ गया है, जिसके चलते राहगीरों को परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। जुलाना में पिछले दिनों बारिश से जलभराव की समस्या पैदा हो गई थी। जिसके बाद गांव बुढ़ाखेड़ा के ग्रामीणों ने खेतों से पानी निकलाने के लिए पानी का बहाव गांव ब्राह्मणवास की तरह कर दिया था। जिसके बाद अब जींद-रोहतक बाइपास रोड के साइफन से होते हुए यह बारिश का पानी जुलाना के जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर आ गया है। जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर पानी का बहाव इतना है कि हाईवे पर जलभराव हो गया है। यहां से गुजरने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में जल्द ही हाईवे से गुजर रहा यह बारिश का पानी गांव ब्राह्मणवास के खेतों को जलमग्न करने का काम करेगा। जिससे गांव ब्राह्मणवास के किसानों के लिए यह बड़ी परेशानी से कम नहीं होगा। क्योंकि खेतों में किसानों की पकी पकाई कपास, धान और बाजरे की फसलें खड़ी हैं। अगर खेतों में की पानी बढ़ता है तो यह किसानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि बारिश के पानी की निकासी की पुख्ता व्यवस्था की जानी चाहिए। जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
जुलाना के नायब तहसीलदार प्रतीक कुमार ने कहा कि जुलाना तहसील के सभी गांवों में पानी निकासी के लिए पंप लगाए गए हैं। प्रशासन द्वारा निकासी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जल्द ही पानी की निकासी हो जाएगी।
विज्ञापन