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हड़ताल का समाधान वार्ता से करे सरकार : संजीव ढांडा
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26जेएनडी22: मांगों को लेकर सर्वकर्मचारी संघ के साथ पटवारी व सफाई कर्मचारी लघु सचिवालय में सीटीए
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जींद। नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों की 21 दिन से जारी हड़ताल के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और अखिल भारतीय किसान सभा ने बुधवार को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सीटीएम मोनिका के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन, सेवानिवृत्त कर्मचारी और किसान सभा के पदाधिकारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान संजीव ढांडा ने नगरपालिका व अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से हड़ताल का वार्ता के माध्यम से समाधान करने की मांग की।
जिला प्रधान ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने के लिए कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनसे जबरन सफाई का काम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर गिरफ्तार महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं से कर्मचारियों में रोष है। नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
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प्रदर्शन के बाद नियमित और कच्चे कर्मचारियों की लंबित मांगों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि गेस्ट टीचर 23 जून से मुख्यमंत्री आवास पर धरना दे रहे हैं जबकि नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारी 21 दिन से हड़ताल पर हैं। पटवारी और कानूनगो भी नए पोर्टल की खामियों और स्टाफ की कमी को लेकर सात दिन से धरना दे रहे हैं।
इस अवसर पर जिला सचिव सन्नी, राजेश कालीरमन, राजेंद्र, महेंद्र फौजी, देवेंद्र, बलवान नेहरा, मनजीत नेहरा, विक्रम, रमेश्वर भारद्वाज, कमल, अमरजीत, संदीप, धर्मबीर मोर, मंगत राम, दिलबाग मौजूद रहे।
मांगें नहीं मानी तो मंत्रियों के आवास पर प्रदर्शन की दी चेतावनी
संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि हड़ताली कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 31 अगस्त से 3 सितंबर तक विधानसभा सत्र के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास के बाहर विभिन्न यूनियनें प्रदर्शन करेंगी। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो मंत्रियों के आवासों के बाहर रात्रि जागरण किया जाएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
कच्चे कर्मचारियों को हाईकोर्ट के 23 व 31 दिसंबर 2025 के फैसलों के अनुसार नियमित किया जाए।
13 मई के समझौते लागू किए जाएं और गेस्ट टीचरों को पक्का किया जाए।
पुरानी पेंशन योजना बहाल कर राज्य का अलग वेतन आयोग गठित किया जाए।
आठ लाख से अधिक खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा और कर्मचारियों व आश्रितों के लिए इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
बिजली निगमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और नए श्रम कानून व बिजली बिल-2025 रद्द किए जाएं।
वर्ष 2022 से लंबित डीए एरियर का भुगतान किया जाए।
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प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन, सेवानिवृत्त कर्मचारी और किसान सभा के पदाधिकारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान संजीव ढांडा ने नगरपालिका व अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से हड़ताल का वार्ता के माध्यम से समाधान करने की मांग की।
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जिला प्रधान ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने के लिए कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनसे जबरन सफाई का काम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर गिरफ्तार महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं से कर्मचारियों में रोष है। नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
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प्रदर्शन के बाद नियमित और कच्चे कर्मचारियों की लंबित मांगों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि गेस्ट टीचर 23 जून से मुख्यमंत्री आवास पर धरना दे रहे हैं जबकि नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारी 21 दिन से हड़ताल पर हैं। पटवारी और कानूनगो भी नए पोर्टल की खामियों और स्टाफ की कमी को लेकर सात दिन से धरना दे रहे हैं।
इस अवसर पर जिला सचिव सन्नी, राजेश कालीरमन, राजेंद्र, महेंद्र फौजी, देवेंद्र, बलवान नेहरा, मनजीत नेहरा, विक्रम, रमेश्वर भारद्वाज, कमल, अमरजीत, संदीप, धर्मबीर मोर, मंगत राम, दिलबाग मौजूद रहे।
मांगें नहीं मानी तो मंत्रियों के आवास पर प्रदर्शन की दी चेतावनी
संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि हड़ताली कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 31 अगस्त से 3 सितंबर तक विधानसभा सत्र के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास के बाहर विभिन्न यूनियनें प्रदर्शन करेंगी। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो मंत्रियों के आवासों के बाहर रात्रि जागरण किया जाएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
कच्चे कर्मचारियों को हाईकोर्ट के 23 व 31 दिसंबर 2025 के फैसलों के अनुसार नियमित किया जाए।
13 मई के समझौते लागू किए जाएं और गेस्ट टीचरों को पक्का किया जाए।
पुरानी पेंशन योजना बहाल कर राज्य का अलग वेतन आयोग गठित किया जाए।
आठ लाख से अधिक खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा और कर्मचारियों व आश्रितों के लिए इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
बिजली निगमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और नए श्रम कानून व बिजली बिल-2025 रद्द किए जाएं।
वर्ष 2022 से लंबित डीए एरियर का भुगतान किया जाए।