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जुलाना क्षेत्र में हुई 25 एमएम बारिश, गेहूं व सरसों की फसल हुई खराब
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शामलो कलां गांव में बारिश के कारण खराब हुई फसल।
- फोटो : Jind
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जुलाना। जुलाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बाद और रात को हुई बारिश ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया। जुलाना क्षेत्र में शुक्रवार को 25 एमएम बारिश हुई, जिससे गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हुआ। शामलो कलां गांव में 80 प्रतिशत फसल पानी से खराब हो चुकी है। ग्रामीणों ने विधायक अमरजीत ढांडा से स्पेशल गिरदावरी की मांग की है।
शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान पर काली घटा छा गई। शुरुआत में बूंदाबांदी के बाद जोरदार बारिश से पकी हुई फसल जमीन में बिछ गई। शामलो कलां गांव में पिछले दिनों और शुक्रवार शाम को हुई बारिश ने किसानों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। शामलो कलां गांव में करीब दो हजार एकड़ फसल पानी से खराब हो गई है। पूर्व सरपंच सुरजीत मलिक, विक्रम मलिक, अमित, दिलबाद, जसबीर, बिजेंद्र ने कहा कि ढिगाना व पडाना तथा गोसाई खेड़ा गांव के बीच जहां फसल बोई गई थी, वह 95 प्रतिशत खराब हो गया है। यह एरिया गांव के लेवल से नीचा है और भारी बरसात होते ही इस एरिया में चौव्वा ऊपर आ जाता है। चौव्वा व ओलावृष्टि से गेहूं की पकी पकाई फसल खराब हो गई है।
जुलाना विधायक अमरजीत ढांडा ने बताया कि शामलो कलां, गतौली, गढ़वाली, गोसाई खेड़ा सहित दर्जनों गांवों में बारिश से ज्यादा नुकसान है। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर स्पेशल गिरदावरी की मांग की है। मैं सरकार से मांग करूंगा कि जुलाना क्षेत्र में स्पेशल गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा मिले।
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बारिश के बाद पुरानी मंडी में नहीं होती पानी निकासी
उचाना। बारिश के बाद पुरानी मंडी में पानी निकासी नहीं होने की समस्या आज भी ज्यों की त्यों है। शुक्रवार शाम को बारिश के बाद पानी की निकासी चार घंटे बाद भी नहीं हो पाई। पानी निकासी को लेकर ड्रेन बनाई गई है। बिजली गुल होने पर पानी निकासी मोटर नहीं चलती। मार्केटिंग बोर्ड विभाग द्वारा यहां पर मोटर चलाने के लिए जनरेटर भेजा गया है। इस जनरेटर के नहीं चलने के चलते अब भी बिजली गुल होने के बाद पानी की निकासी नहीं हो पाती है।
सुरेश, राजेंद्र, विक्रम, संदीप ने कहा कि बारिश होने पर हर बार पानी की निकासी कई घंटे नहीं हो पाती है। पहले जनरेटर नहीं होने से मार्केट कमेटी प्रशासन पानी निकासी बारिश के साथ-साथ नहीं होने की बात कहता था। अब मार्केटिंग बोर्ड विभाग द्वारा जनरेटर भी यहां पर मोटर बिजली जाने के बाद चलाने के लिए भेजा गया है। बिजली गुल होने के बाद प्रशासन को चाहिए कि जनरेटर चला कर पानी की निकासी करवाए।
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शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान पर काली घटा छा गई। शुरुआत में बूंदाबांदी के बाद जोरदार बारिश से पकी हुई फसल जमीन में बिछ गई। शामलो कलां गांव में पिछले दिनों और शुक्रवार शाम को हुई बारिश ने किसानों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। शामलो कलां गांव में करीब दो हजार एकड़ फसल पानी से खराब हो गई है। पूर्व सरपंच सुरजीत मलिक, विक्रम मलिक, अमित, दिलबाद, जसबीर, बिजेंद्र ने कहा कि ढिगाना व पडाना तथा गोसाई खेड़ा गांव के बीच जहां फसल बोई गई थी, वह 95 प्रतिशत खराब हो गया है। यह एरिया गांव के लेवल से नीचा है और भारी बरसात होते ही इस एरिया में चौव्वा ऊपर आ जाता है। चौव्वा व ओलावृष्टि से गेहूं की पकी पकाई फसल खराब हो गई है।
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जुलाना विधायक अमरजीत ढांडा ने बताया कि शामलो कलां, गतौली, गढ़वाली, गोसाई खेड़ा सहित दर्जनों गांवों में बारिश से ज्यादा नुकसान है। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर स्पेशल गिरदावरी की मांग की है। मैं सरकार से मांग करूंगा कि जुलाना क्षेत्र में स्पेशल गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा मिले।
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बारिश के बाद पुरानी मंडी में नहीं होती पानी निकासी
उचाना। बारिश के बाद पुरानी मंडी में पानी निकासी नहीं होने की समस्या आज भी ज्यों की त्यों है। शुक्रवार शाम को बारिश के बाद पानी की निकासी चार घंटे बाद भी नहीं हो पाई। पानी निकासी को लेकर ड्रेन बनाई गई है। बिजली गुल होने पर पानी निकासी मोटर नहीं चलती। मार्केटिंग बोर्ड विभाग द्वारा यहां पर मोटर चलाने के लिए जनरेटर भेजा गया है। इस जनरेटर के नहीं चलने के चलते अब भी बिजली गुल होने के बाद पानी की निकासी नहीं हो पाती है।
सुरेश, राजेंद्र, विक्रम, संदीप ने कहा कि बारिश होने पर हर बार पानी की निकासी कई घंटे नहीं हो पाती है। पहले जनरेटर नहीं होने से मार्केट कमेटी प्रशासन पानी निकासी बारिश के साथ-साथ नहीं होने की बात कहता था। अब मार्केटिंग बोर्ड विभाग द्वारा जनरेटर भी यहां पर मोटर बिजली जाने के बाद चलाने के लिए भेजा गया है। बिजली गुल होने के बाद प्रशासन को चाहिए कि जनरेटर चला कर पानी की निकासी करवाए।