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देश से जातिवाद खत्म होने के बाद ही होंगे खुशहाल : सुनील बामणिया
Sun, 22 Jun 2025 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 22 Jun 2025 12:03 AM IST
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21जेएनडी14-जातिवाद के खिलाफ लगाए शिविर में रक्तदाताओं को बैज लगाते हुए अधिवक्ता सुनील बामणिया।
जींद। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और जातिवाद के खिलाफ शनिवार को सफीदों रोड पर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास धर्मशाला में रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें 50 युवाओं ने रक्तदान कर सर्व समाज को जातिवाद के खिलाफ मुहिम चलाकर इसके खात्मे का आह्वान किया।
इस दौरान अधिवक्ता सुनील बामनिया ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य भारत देश में जातिवाद का खात्मा करने के लिए आयोजित किया गया था। जब किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को खून चढ़ाया जाता है तो उसे किस जाति, धर्म या समुदाय के व्यक्ति का खून चढ़ेगा। इसकी जांच नहीं होती। इसके अलावा रक्तदान करते समय भी रक्तदाता से यह पूछा जाता कि वह किस जाति, धर्म या समुदाय से संबंध रखता है।
रक्तदान को महादान कहा गया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि रक्त की कोई जाति, धर्म या रंगभेद नहीं होता। आज समाज के बुद्धिजीवी वर्ग और खासकर युवाओं को देश से जातिवाद को खत्म करने का बीड़ा उठाना होगा, तभी सही मायनों में देश खुशहाल बनेगा। अंत में युवाओं ने यातायात नियमों की पालना करने का भी आह्वान किया।
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शिविर में सुरेंद्र चौहान, अधिवक्ता राकेश भुक्कल, संदीप शर्मा, दिलबाग पातलान, रणजीत निर्जन, विक्रम कटारिया, बलबीर पांचाल, रामफल दहिया मौजूद रहे।
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इस दौरान अधिवक्ता सुनील बामनिया ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य भारत देश में जातिवाद का खात्मा करने के लिए आयोजित किया गया था। जब किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को खून चढ़ाया जाता है तो उसे किस जाति, धर्म या समुदाय के व्यक्ति का खून चढ़ेगा। इसकी जांच नहीं होती। इसके अलावा रक्तदान करते समय भी रक्तदाता से यह पूछा जाता कि वह किस जाति, धर्म या समुदाय से संबंध रखता है।
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रक्तदान को महादान कहा गया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि रक्त की कोई जाति, धर्म या रंगभेद नहीं होता। आज समाज के बुद्धिजीवी वर्ग और खासकर युवाओं को देश से जातिवाद को खत्म करने का बीड़ा उठाना होगा, तभी सही मायनों में देश खुशहाल बनेगा। अंत में युवाओं ने यातायात नियमों की पालना करने का भी आह्वान किया।
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शिविर में सुरेंद्र चौहान, अधिवक्ता राकेश भुक्कल, संदीप शर्मा, दिलबाग पातलान, रणजीत निर्जन, विक्रम कटारिया, बलबीर पांचाल, रामफल दहिया मौजूद रहे।