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हल्की बारिश होने से ही शहर में हुआ जलभराव
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शहर में हो बारिश और सड़क पर भरा पानी। संवाद
- फोटो : Jind
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शनिवार शाम और रविवार दोपहर को हुई हल्की बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। पुरानी सब्जीमंडी मोड़, पटियाला चौक, रेलवे रोड, रानी तालाब के पास तथा हांसी रोड पर पानी भरने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा जुलाना क्षेत्र में पहले ही जलभराव की समस्या से जूझ रहे किसानों पर बारिश ने और संकट बढ़ा दिया है।
उचाना, जींद, अलेवा, नरवाना क्षेत्र में बारिश के कारण फसलों को काफी लाभ हुआ है जबकि पिल्लूखेड़ा, सफीदों, जुलाना में बारिश के कारण फसलों को नुकसान की संभावना जताई जा रही है। पिल्लूखेड़ा, सफीदों व जुलाना में पहले भी बारिश अधिक हो चुकी है। इन क्षेत्रों में थोड़ी सी बारिश के कारण ही जलभराव की समस्या हो जाती है। पहले भी इस क्षेत्र के किसान प्रशासन पर समय पर पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं करवाने के आरोप लगा चुके हैं।
रविवार को बारिश के बाद इस क्षेत्र की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। जींद के काफी गांवों, नरवाना, उचाना तथा अलेवा क्षेत्र में बारिश से बाजरा, कपास तथा धान की फसल को काफी लाभ पहुंचा है। इस क्षेत्र में लगभग एक महीना पहले ही अच्छी बारिश हुई थी। उसके बाद एक-दो बार बूंदाबांदी हुई है।
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फसलों को लाभ होगा
फसलों को पानी की जरूरत थी। इसलिए इस बारिश से फसलों को काफी लाभ होगा। कई जगह बाजरा की फसल पककर तैयार हो चुकी है, उसको बारिश से नुकसान की आशंका है। इस बारिश के कारण बाजरे के दाने काले पड़ सकते हैं। खंड कृषि अधिकारी सुभाषचंद्र ने कहा कि जुलाना, पिल्लूखेड़ा तथा सफीदों में बारिश के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है जबकि जींद, नरवाना, उचाना तथा अलेवा क्षेत्र में बारिश से फसलों को लाभ हुआ है।
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उचाना, जींद, अलेवा, नरवाना क्षेत्र में बारिश के कारण फसलों को काफी लाभ हुआ है जबकि पिल्लूखेड़ा, सफीदों, जुलाना में बारिश के कारण फसलों को नुकसान की संभावना जताई जा रही है। पिल्लूखेड़ा, सफीदों व जुलाना में पहले भी बारिश अधिक हो चुकी है। इन क्षेत्रों में थोड़ी सी बारिश के कारण ही जलभराव की समस्या हो जाती है। पहले भी इस क्षेत्र के किसान प्रशासन पर समय पर पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं करवाने के आरोप लगा चुके हैं।
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रविवार को बारिश के बाद इस क्षेत्र की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। जींद के काफी गांवों, नरवाना, उचाना तथा अलेवा क्षेत्र में बारिश से बाजरा, कपास तथा धान की फसल को काफी लाभ पहुंचा है। इस क्षेत्र में लगभग एक महीना पहले ही अच्छी बारिश हुई थी। उसके बाद एक-दो बार बूंदाबांदी हुई है।
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फसलों को लाभ होगा
फसलों को पानी की जरूरत थी। इसलिए इस बारिश से फसलों को काफी लाभ होगा। कई जगह बाजरा की फसल पककर तैयार हो चुकी है, उसको बारिश से नुकसान की आशंका है। इस बारिश के कारण बाजरे के दाने काले पड़ सकते हैं। खंड कृषि अधिकारी सुभाषचंद्र ने कहा कि जुलाना, पिल्लूखेड़ा तथा सफीदों में बारिश के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है जबकि जींद, नरवाना, उचाना तथा अलेवा क्षेत्र में बारिश से फसलों को लाभ हुआ है।