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Jind News: क्लस्टर जींद में कचरा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा
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19जेएनडी28: शहर के सफीदों रोड पर लगा कचरे का ढेर। संवाद
- फोटो : केसीए
जींद। जिले के शहरी क्षेत्रों में बढ़ती कचरे की समस्या के स्थाई समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। क्लस्टर जींद के अंतर्गत आने वाले नगर परिषद जींद, नरवाना, सफीदों, उचाना और जुलाना में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले नगर पालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए एजेंसी चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह योजना लागू होने के बाद पांचों शहरों में कचरा प्रबंधन की एक समान और आधुनिक व्यवस्था स्थापित होगी। परियोजना के तहत सभी शहरी निकायों से निकलने वाले कचरे का एकीकृत रूप से संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण किया जाएगा।
वर्तमान में अलग-अलग स्तर पर हो रहे कचरा प्रबंधन के कारण कई बार कचरे का समय पर निपटान नहीं हो पाता। इससे गंदगी, दुर्गंध और पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ती हैं। नई प्रणाली से इन समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण संभव होगा।
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योजना के तहत सबसे पहले कचरे का सेग्रीगेशन (सूखा-गीला अलग करना) किया जाएगा। घरों और बाजारों से एकत्रित कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिसमें गीला कचरा (जैविक) और सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज, धातु आदि) शामिल होगा। इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी और पुन उपयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।
गीले कचरे को जैविक खाद में बदला जाएगा
सूखे कचरे को रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के तहत विभिन्न उद्योगों में पुन: उपयोग के लिए भेजा जाएगा। प्लास्टिक, कागज और धातु जैसे पदार्थों को दोबारा उपयोग में लाने से न केवल कचरे की मात्रा कम होगी बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की बचत भी होगी। वहीं गीले कचरे को कंपोस्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से जैविक खाद में बदला जाएगा जिसका उपयोग कृषि और बागवानी में किया जा सकेगा। आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) के माध्यम से ऐसी एजेंसी का चयन किया जाएगा। जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर इन सभी प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सके। इसके तहत कचरे से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा जिससे यह परियोजना आर्थिक रूप से भी लाभकारी बन सके।
शहर में गंदगी और अवैध डंपिंग की समस्या कम होगी
इस नई व्यवस्था से आमजन को कई लाभ मिलेंगे। शहर में गंदगी और अवैध डंपिंग की समस्या कम होगी। इससे बीमारियों का खतरा घटेगा और लोगों को स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण मिलेगा। साथ ही, कचरे से खाद और ऊर्जा बनने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और नगर निकायों पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा।
वर्जन
योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद क्लस्टर जींद स्वच्छता के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में उभरेगा। प्रशासन ने इच्छुक एजेंसियों से निर्धारित समयावधि में प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा जिससे आने वाले समय में जिले के शहरों की सूरत और व्यवस्था दोनों बदलती नजर आएंगी। -ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद।
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यह योजना लागू होने के बाद पांचों शहरों में कचरा प्रबंधन की एक समान और आधुनिक व्यवस्था स्थापित होगी। परियोजना के तहत सभी शहरी निकायों से निकलने वाले कचरे का एकीकृत रूप से संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण किया जाएगा।
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वर्तमान में अलग-अलग स्तर पर हो रहे कचरा प्रबंधन के कारण कई बार कचरे का समय पर निपटान नहीं हो पाता। इससे गंदगी, दुर्गंध और पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ती हैं। नई प्रणाली से इन समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण संभव होगा।
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योजना के तहत सबसे पहले कचरे का सेग्रीगेशन (सूखा-गीला अलग करना) किया जाएगा। घरों और बाजारों से एकत्रित कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिसमें गीला कचरा (जैविक) और सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज, धातु आदि) शामिल होगा। इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी और पुन उपयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।
गीले कचरे को जैविक खाद में बदला जाएगा
सूखे कचरे को रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के तहत विभिन्न उद्योगों में पुन: उपयोग के लिए भेजा जाएगा। प्लास्टिक, कागज और धातु जैसे पदार्थों को दोबारा उपयोग में लाने से न केवल कचरे की मात्रा कम होगी बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की बचत भी होगी। वहीं गीले कचरे को कंपोस्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से जैविक खाद में बदला जाएगा जिसका उपयोग कृषि और बागवानी में किया जा सकेगा। आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) के माध्यम से ऐसी एजेंसी का चयन किया जाएगा। जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर इन सभी प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सके। इसके तहत कचरे से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा जिससे यह परियोजना आर्थिक रूप से भी लाभकारी बन सके।
शहर में गंदगी और अवैध डंपिंग की समस्या कम होगी
इस नई व्यवस्था से आमजन को कई लाभ मिलेंगे। शहर में गंदगी और अवैध डंपिंग की समस्या कम होगी। इससे बीमारियों का खतरा घटेगा और लोगों को स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण मिलेगा। साथ ही, कचरे से खाद और ऊर्जा बनने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और नगर निकायों पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा।
वर्जन
योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद क्लस्टर जींद स्वच्छता के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में उभरेगा। प्रशासन ने इच्छुक एजेंसियों से निर्धारित समयावधि में प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा जिससे आने वाले समय में जिले के शहरों की सूरत और व्यवस्था दोनों बदलती नजर आएंगी। -ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद।