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छुटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण रहा मतदान
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जिले में छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव को लेकर लोगों में जहां उत्साह दिखाई दिया, वहीं कई मतदान केंद्रों पर फर्जी वोट के नाम पर बूथ एजेंटों के मध्य विवाद भी हुआ। जिले में जिन मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी होने का आरोप लगाया गया वहां पर मतदाताओं और बूथ एजेंटों के बीच कहासुनी भी हुई। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए तनाव वाले मतदान केंद्रों पर पुलिस को तैनात कर दिया गया।
जींद के डीईओ कार्यालय के साथ सरकारी स्कूल के बूथ पर भी फर्जी वोट को लेकर हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने मामले को शीघ्र ही निपटा लिया। इसके अतिरिक्त डूमरखां कलां व खुर्द में हुए विवाद को डीसी डॉ. आदित्य दाहिया और एसएसपी अश्विन शैणवी ने पुलिस बल के साथ मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और विवाद को शांत करवाया। छातर गांव के बूथ नंबर 31 पर ईवीएम के देरी से चलने पर मतदान देरी से शुरू हुआ। घसो कलां के बूथ नंबर 64 पर भी मतदान देरी से शुरू होने पर मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा। मोहनगढ़ छापड़ा में ईवीएम नहीं चलने पर करीब एक घंटे तक मतदान नहीं हो पाया। यहां पर नई ईवीएम रखी गई, इसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। उचाना खुर्द, करसिंधु, शाहपुर, बधाना में भी मतदान को लेकर जेजेपी और भाजपा कार्यकर्ताओं में तनातनी हुई।
उचाना कलां सीट पर दुष्यंत और प्रेमलता में मुकाबला
जिले में सबसे अधिक 15 उम्मीदवारों वाली उचाना कलां सीट हॉट सीट रही। मतदाताओं ने सभी उम्मीदवारों की किस्मत को ईवीएम में बंद कर दिया है। इस बार भी 2014 की तरह भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता और जेजेपी उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला के बीच मुकाबला है। 2014 में दुष्यंत चौटाला इनेलो पार्टी से उम्मीदवार थे। इस बार वह अपनी पार्टी जननायक जनता पार्टी से उम्मीदवार हैं। यहां पर मुख्य रूप से मुकाबला इन दोनों के बीच है। 2014 में भाजपा की तरफ से प्रेमलता ने जीत दर्ज कर जिले में भाजपा का खाता खोला था। हलके के 65 गांवों में दो लाख पांच हजार 503 मतदाता हैं। इसमें पुरुषों की संख्या एक लाख 11 हजार 881 है तो महिलाओं की संख्या 93 हजार 622 है।
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मतदान केंद्रों पर पहुंचते रहे उम्मीदवार
डूमरखा कलां गांव के राजकीय स्कूल में बने मतदान केंद्र के बूथ नंबर एक पर पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता, सांसद बृजेंद्र सिंह, अपनी पुत्रवधू जसप्रीत कौर के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे। बीरेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश में प्रचंड बहुमत से दोबारा से भाजपा की सरकार बनने का दावा करते हुए उचाना की जीत को इस बार 2014 में मिली जीत से दोगुना होने का दावा भी किया। बूथों पर मौजूद कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए विभिन्न पार्टियों के नेता पहुंच रहे थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता, सांसद बृजेंद्र सिंह, जेजेपी उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला सहित अन्य पार्टियों के अलावा आजाद उम्मीदवार बूथों पर पहुंचे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से चुनाव की जानकारी लेने के साथ अधिक से अधिक मतदान करवाने का आह्वान किया।
नाकों पर वाहनों की ली तलाशी
पुलिस द्वारा बनाए गए नाकों पर वाहनों की जांच भी की गई। मतदान की पर्चियों को लेकर भी लोगों को परेशानी हुई। घरों में पर्चियां न पहुंचने से मतदान केंद्रों के बाहर अपनी पर्ची बनवाते मतदाता नजर आए। डूमरखा कलां, छातर, करसिंधु, डूमरखां खुर्द, उचाना मंडी, बुडायन, उचाना खुर्द सहित विभिन्न गांवों में मतदाताओं की लंबी लाइनें नजर आईं। महिला संतोष, बाला, रजनी ने कहा कि पांच साल में मत डालने का समय आता है ऐसे में वे पहले मत डालेगी उसके बाद खेत में काम पर जाएंगी। पहली बार मतदान करने वाले मतदाता मतदान के बाद सेल्फी लेते नजर आए। यहां लाइनों में लगने से लेकर मतदान करने के बाद सेल्फी अपने मोबाइलों से लेकर मतदान की अपील अपने फेसबुक अकाउंट से मतदाता करते नजर आए। पहली बार वोट डालने वाली अमित, मोनू, राहुल ने कहा कि पहली बार वो अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। मतदाता की छवि, उसकी सोच को देखकर मतदान किया है। उचाना कलां गांव में उचाना कलां गांव में 97 साल के स्वर्णदत्त ने अपने मत का प्रयोग किया तो छातर गांव में 78 साल की जगनी बुखार होने के बाद भी अपने पोतों के साथ मतदान करने पहुंची। उन्होंने कहा कि मतदान का प्रयोग जरूर करना चाहिए। हम अपने मत से अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। जब से उनके मत बने है तब से मतदान कर रहे है।
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जींद के डीईओ कार्यालय के साथ सरकारी स्कूल के बूथ पर भी फर्जी वोट को लेकर हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने मामले को शीघ्र ही निपटा लिया। इसके अतिरिक्त डूमरखां कलां व खुर्द में हुए विवाद को डीसी डॉ. आदित्य दाहिया और एसएसपी अश्विन शैणवी ने पुलिस बल के साथ मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और विवाद को शांत करवाया। छातर गांव के बूथ नंबर 31 पर ईवीएम के देरी से चलने पर मतदान देरी से शुरू हुआ। घसो कलां के बूथ नंबर 64 पर भी मतदान देरी से शुरू होने पर मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा। मोहनगढ़ छापड़ा में ईवीएम नहीं चलने पर करीब एक घंटे तक मतदान नहीं हो पाया। यहां पर नई ईवीएम रखी गई, इसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। उचाना खुर्द, करसिंधु, शाहपुर, बधाना में भी मतदान को लेकर जेजेपी और भाजपा कार्यकर्ताओं में तनातनी हुई।
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उचाना कलां सीट पर दुष्यंत और प्रेमलता में मुकाबला
जिले में सबसे अधिक 15 उम्मीदवारों वाली उचाना कलां सीट हॉट सीट रही। मतदाताओं ने सभी उम्मीदवारों की किस्मत को ईवीएम में बंद कर दिया है। इस बार भी 2014 की तरह भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता और जेजेपी उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला के बीच मुकाबला है। 2014 में दुष्यंत चौटाला इनेलो पार्टी से उम्मीदवार थे। इस बार वह अपनी पार्टी जननायक जनता पार्टी से उम्मीदवार हैं। यहां पर मुख्य रूप से मुकाबला इन दोनों के बीच है। 2014 में भाजपा की तरफ से प्रेमलता ने जीत दर्ज कर जिले में भाजपा का खाता खोला था। हलके के 65 गांवों में दो लाख पांच हजार 503 मतदाता हैं। इसमें पुरुषों की संख्या एक लाख 11 हजार 881 है तो महिलाओं की संख्या 93 हजार 622 है।
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मतदान केंद्रों पर पहुंचते रहे उम्मीदवार
डूमरखा कलां गांव के राजकीय स्कूल में बने मतदान केंद्र के बूथ नंबर एक पर पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता, सांसद बृजेंद्र सिंह, अपनी पुत्रवधू जसप्रीत कौर के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे। बीरेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश में प्रचंड बहुमत से दोबारा से भाजपा की सरकार बनने का दावा करते हुए उचाना की जीत को इस बार 2014 में मिली जीत से दोगुना होने का दावा भी किया। बूथों पर मौजूद कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए विभिन्न पार्टियों के नेता पहुंच रहे थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता, सांसद बृजेंद्र सिंह, जेजेपी उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला सहित अन्य पार्टियों के अलावा आजाद उम्मीदवार बूथों पर पहुंचे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से चुनाव की जानकारी लेने के साथ अधिक से अधिक मतदान करवाने का आह्वान किया।
नाकों पर वाहनों की ली तलाशी
पुलिस द्वारा बनाए गए नाकों पर वाहनों की जांच भी की गई। मतदान की पर्चियों को लेकर भी लोगों को परेशानी हुई। घरों में पर्चियां न पहुंचने से मतदान केंद्रों के बाहर अपनी पर्ची बनवाते मतदाता नजर आए। डूमरखा कलां, छातर, करसिंधु, डूमरखां खुर्द, उचाना मंडी, बुडायन, उचाना खुर्द सहित विभिन्न गांवों में मतदाताओं की लंबी लाइनें नजर आईं। महिला संतोष, बाला, रजनी ने कहा कि पांच साल में मत डालने का समय आता है ऐसे में वे पहले मत डालेगी उसके बाद खेत में काम पर जाएंगी। पहली बार मतदान करने वाले मतदाता मतदान के बाद सेल्फी लेते नजर आए। यहां लाइनों में लगने से लेकर मतदान करने के बाद सेल्फी अपने मोबाइलों से लेकर मतदान की अपील अपने फेसबुक अकाउंट से मतदाता करते नजर आए। पहली बार वोट डालने वाली अमित, मोनू, राहुल ने कहा कि पहली बार वो अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। मतदाता की छवि, उसकी सोच को देखकर मतदान किया है। उचाना कलां गांव में उचाना कलां गांव में 97 साल के स्वर्णदत्त ने अपने मत का प्रयोग किया तो छातर गांव में 78 साल की जगनी बुखार होने के बाद भी अपने पोतों के साथ मतदान करने पहुंची। उन्होंने कहा कि मतदान का प्रयोग जरूर करना चाहिए। हम अपने मत से अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। जब से उनके मत बने है तब से मतदान कर रहे है।