जींद। राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत अलेवा के राजकीय महाविद्यालय का चल रहा सात दिवसीय विशेष शिविर सोमवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन की शुरुआत प्रार्थना, योगासन और एनएसएस गीत के साथ हुई। गतिविधियों की रूपरेखा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने प्रस्तुत की। इस दौरान डॉ. सोनू ने स्वयंसेवकों को जीवन में अनुशासन के महत्व के बारे में बताया। इसके बाद स्वयंसेवकों ने गांव का भ्रमण किया, जहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, मतदाता जागरूकता और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जागरूक किया। सरपंच विनोद ने समाजसेवा और अनुशासन के पथ पर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने गांव के बुजुर्गों से संवाद किया। उनकी समस्याओं को सुना और उनके अनुभवों से प्रेरणा ली। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उप प्राचार्य रमेश दलाल ने शिरकत की। उन्होंने स्वयंसेवकों को अनुशासन प्रिय बनने, समाजसेवा की भावना को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी गई, जिसमें नृत्य, नाटक और गीतों ने सभी का मन मोह लिया। बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा काजल ने सात दिवसीय शिविर की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शिविर के दौरान की गई गतिविधियों और उनके प्रभावों के बारे में बताया। इसके उपरांत, सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवकों का सम्मान किया गया। आरती, अंजलि और काजल को बेस्ट एनएसएस वॉलंटियर अवार्ड से नवाजा गया। इसके अलावा, ग्रुप कमांडर कुलदीप शर्मा और अलीशा, पांच ग्रुप लीडर्स को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।