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Jind News: गांव से गुजर रहे ओवरलोड डंपरों को ग्रामीमों ने रोका
Mon, 17 Jun 2024 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 17 Jun 2024 01:02 AM IST
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16जेएनडी25-गांव बहादुरगढ़ की फाटक के पास डंपर को रोके हुए ग्रामीण। संवाद
सफीदों। बहादुरगढ़ के रेलवे फाटक के पास रविवार सुबह ग्रामीणों ने गांव से होकर गुजर रहे ओवरलोड मिट्टी से भरे डंपरों को अवरोधक डालकर रोक दिया। उनका आरोप है कि ओवरलोड डंपरों की वजह से गांव की गलियां तथा लिंक सड़कें टूटटने के अलावा अवैध खनन हो रहा है। सूचना पाकर डायल 112 पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव के खेतों से काफी समय से अवैध खनन किया जा रहा है। इस कार्य के लिए बड़े-बड़े डंपरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये डंपर ओवरलोड होकर चलते हैं। इनके ऊपर कोई तिरपाल नहीं डाला जाता है। इससे मिट्टी पूरे गांव में पैल गई है। धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
ओवरलोड डंपरों के कारण गांव की तमाम गलियां टूट गई हैं। गांव में कई स्थान पर पानी सप्लाई की लाइन भी टूट गई है। घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। इसके अलावा हाल ही में नई बनी मलार-बहादुरगढ़ तथा सिल्लाखेड़ी-रोझला सड़कों को भी इन ओवरलोड डंपरों ने तोड़ दिया है।
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ग्रामीणों का कहना था कि खेत से दो से तीन फीट मिट्टी उठाने की इजाजत है, लेकिन सभी नियमों को ताक पर रखकर पांच से छह फीट मिट्टी का खनन कर रहे हैं। जब वे इन डंपर चालकों को आराम से चलाने व मिट्टी के ऊपर तिरपाल डालने के लिए कहते हैं तो वे उन्हें गालियां देते हैं। इन डंपरों के कारण उनका व उनके परिवारों विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने साफ किया कि वे अब उनके जीवन को संकट में झोंकने वाले इन ओवरलोड डंपरों को गांव में नहीं चलने देंगे।
यदि खेतों से मिट्टी उठाई भी जानी है तो उन्हें हल्के वाहनों से उठाया जाए। ग्रामीणों ने इस मामले में प्रशासन से दखल देने की गुहार लगाई है और इन डंपरों पर रोक लगाने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव के खेतों से काफी समय से अवैध खनन किया जा रहा है। इस कार्य के लिए बड़े-बड़े डंपरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये डंपर ओवरलोड होकर चलते हैं। इनके ऊपर कोई तिरपाल नहीं डाला जाता है। इससे मिट्टी पूरे गांव में पैल गई है। धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
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ओवरलोड डंपरों के कारण गांव की तमाम गलियां टूट गई हैं। गांव में कई स्थान पर पानी सप्लाई की लाइन भी टूट गई है। घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। इसके अलावा हाल ही में नई बनी मलार-बहादुरगढ़ तथा सिल्लाखेड़ी-रोझला सड़कों को भी इन ओवरलोड डंपरों ने तोड़ दिया है।
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ग्रामीणों का कहना था कि खेत से दो से तीन फीट मिट्टी उठाने की इजाजत है, लेकिन सभी नियमों को ताक पर रखकर पांच से छह फीट मिट्टी का खनन कर रहे हैं। जब वे इन डंपर चालकों को आराम से चलाने व मिट्टी के ऊपर तिरपाल डालने के लिए कहते हैं तो वे उन्हें गालियां देते हैं। इन डंपरों के कारण उनका व उनके परिवारों विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने साफ किया कि वे अब उनके जीवन को संकट में झोंकने वाले इन ओवरलोड डंपरों को गांव में नहीं चलने देंगे।
यदि खेतों से मिट्टी उठाई भी जानी है तो उन्हें हल्के वाहनों से उठाया जाए। ग्रामीणों ने इस मामले में प्रशासन से दखल देने की गुहार लगाई है और इन डंपरों पर रोक लगाने की मांग की है।

16जेएनडी25-गांव बहादुरगढ़ की फाटक के पास डंपर को रोके हुए ग्रामीण। संवाद