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Jind News: कुरड़ की फिरनी पर अवैध कब्जों के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन
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फोटो कैप्शन 5एसएफडीएम1गांव कुरड़ के ग्रामीण फिरनी पर अवैध कब्जों को लेकर रोष व्यक्त करते हुए। स
सफीदों। गांव कुरड़ की मुख्य फिरनी पर बढ़ते अवैध कब्जों के विरोध में रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूटा। किसान नेता नवीन कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और रोष प्रदर्शन कर प्रशासन से फिरनी को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पहले एसडीएम से मिलकर शिकायत करेंगे और समाधान न होने पर मुख्यमंत्री विंडो पर मामला उठाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहरी हिस्से में बनी मुख्य फिरनी मूल रूप से करीब 33 फीट चौड़ी है लेकिन वर्षों से हुए अवैध कब्जों के कारण इसकी चौड़ाई घटकर करीब 20 फीट रह गई है।
आरोप है कि कुछ लोगों ने फिरनी की सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान बना लिए हैं, जबकि कई जगह पांच-पांच फीट तक रैंप बनाकर रास्ते को और संकरा कर दिया गया है। इससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।
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ग्रामीण शीलू, राकेश, रणधीर, टीकाराम, राममेहर सिंह, जैकी और नरेंद्र ने बताया कि संकरी हो चुकी फिरनी से बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि कई बार वाहन अनियंत्रित होकर फिरनी पर पलट चुके हैं। हालांकि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन भविष्य में गंभीर दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिरनी की पैमाइश कराकर सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार फिरनी की पैमाइश कराकर सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं। साथ ही रास्ते की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पहले एसडीएम से मिलकर शिकायत करेंगे और समाधान न होने पर मुख्यमंत्री विंडो पर मामला उठाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहरी हिस्से में बनी मुख्य फिरनी मूल रूप से करीब 33 फीट चौड़ी है लेकिन वर्षों से हुए अवैध कब्जों के कारण इसकी चौड़ाई घटकर करीब 20 फीट रह गई है।
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आरोप है कि कुछ लोगों ने फिरनी की सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान बना लिए हैं, जबकि कई जगह पांच-पांच फीट तक रैंप बनाकर रास्ते को और संकरा कर दिया गया है। इससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।
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ग्रामीण शीलू, राकेश, रणधीर, टीकाराम, राममेहर सिंह, जैकी और नरेंद्र ने बताया कि संकरी हो चुकी फिरनी से बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि कई बार वाहन अनियंत्रित होकर फिरनी पर पलट चुके हैं। हालांकि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन भविष्य में गंभीर दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिरनी की पैमाइश कराकर सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार फिरनी की पैमाइश कराकर सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं। साथ ही रास्ते की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।