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Jind News: आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीण व किसानों का पावर हाउस पर धरना
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22 सफीदों 4गांव हाट के पावर हाउस में धरने पर बैठे हुए ग्रामीण व किसान। संवाद
सफीदों। एडवोकेट प्रवीण कुमार के साथ मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान नवीन मलिक की अध्यक्षता में ग्रामीणों और किसानों का पावर हाउस पर धरना जारी रहा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो क्षेत्र की बिजली काट दी जाएगी और कोई कड़ा फैसला लिया जाएगा।
गांव हाट के 33 केवी बिजली घर में 16 सितंबर की रात एडवोकेट प्रवीण कुमार के साथ मारपीट हुई थी। आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। इससे ग्रामीण व किसान नाराज हैं।
जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार और मजदूर नेता राधेश्याम समेत कई ग्रामीण व किसान शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सोमवार को सदर थाना प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने प्रदर्शनकारियों से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो दिन का समय मांगा। जो मंगलवार को समाप्त हो गया।
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मजदूर नेता राधेश्याम के नेतृत्व में संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए 11 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया था। उन्होंने कहा कि समय पूरा होते ही समिति कोई भी कड़ा फैसला ले सकती है। थाना प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने कहा कि पुलिस की दो टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने में लगी हुई है जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह हैं पूरा मामला
एडवोकेट प्रवीण 16 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे उनके घर की बिजली आपूर्ति में खराबी आ गई थी। शिकायत दर्ज कराने के लिए वह हाट स्थित 33 केवी बिजली घर पहुंचे और शिकायत रजिस्टर मांगा। प्रवीण का आरोप है कि वहां तैनात लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कर्मचारियों ने आरटीआई और सीएम विंडो के माध्यम से अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने का हवाला देते हुए धमकाया। मारपीट के दौरान सिर और हाथों पर चोटें लगी हैं और मोबाइल से वीडियो बनाकर कथित तौर पर शिकायतें वापस लेने की बात कहलवाई गई। प्रवीण ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने और जिंदा जलाने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एसडीओ ग्रामीण प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
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गांव हाट के 33 केवी बिजली घर में 16 सितंबर की रात एडवोकेट प्रवीण कुमार के साथ मारपीट हुई थी। आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। इससे ग्रामीण व किसान नाराज हैं।
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जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार और मजदूर नेता राधेश्याम समेत कई ग्रामीण व किसान शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सोमवार को सदर थाना प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने प्रदर्शनकारियों से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो दिन का समय मांगा। जो मंगलवार को समाप्त हो गया।
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मजदूर नेता राधेश्याम के नेतृत्व में संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए 11 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया था। उन्होंने कहा कि समय पूरा होते ही समिति कोई भी कड़ा फैसला ले सकती है। थाना प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने कहा कि पुलिस की दो टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने में लगी हुई है जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह हैं पूरा मामला
एडवोकेट प्रवीण 16 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे उनके घर की बिजली आपूर्ति में खराबी आ गई थी। शिकायत दर्ज कराने के लिए वह हाट स्थित 33 केवी बिजली घर पहुंचे और शिकायत रजिस्टर मांगा। प्रवीण का आरोप है कि वहां तैनात लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कर्मचारियों ने आरटीआई और सीएम विंडो के माध्यम से अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने का हवाला देते हुए धमकाया। मारपीट के दौरान सिर और हाथों पर चोटें लगी हैं और मोबाइल से वीडियो बनाकर कथित तौर पर शिकायतें वापस लेने की बात कहलवाई गई। प्रवीण ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने और जिंदा जलाने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एसडीओ ग्रामीण प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।