{"_id":"659460e10da1255ab6004957","slug":"vikas-rana-won-gold-medal-in-cross-country-skiing-jind-news-c-199-1-sroh1009-11124-2024-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: क्राॅस कंट्री स्कीइंग में विकास राणा ने जीता स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: क्राॅस कंट्री स्कीइंग में विकास राणा ने जीता स्वर्ण पदक
Wed, 03 Jan 2024 12:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 03 Jan 2024 12:45 AM IST
विज्ञापन
02जेएनडी36: इंटरनैशनल चैंपियनशीप में जीते स्वर्ण पदक के साथ विकास राणा। स्वयं।
जींद। बिना सरकारी संसाधनों के सहयोग से भारत को इंटरनेशनल चैंपियनशिप में क्रॉस कंट्री स्कीइंग में स्वर्ण पदक दिलाने वाली जिले की बेटी विकास राणा बनी। अब तक भारत में किसी महिला ने यह पदक नहीं जीता था। जर्मन में आयोजित हुई इंटरनेशनल चैंपियनशिप में विकास राणा ने भाग लेकर इस पदक को क्रॉस कंट्री स्कीइंग में प्राप्त किया। राणा ने पांच किलोमीटर की इस दौड़ को 26 मिनट में पूरा किया। जिसके बाद इस पदक को देश के नाम किया।
विकास राणा ने जिले के सुदकैन खुर्द गांव एक किसान परिवार की बेटी है। इससे पहले भी विकास राणा ने देश के लिए कई अन्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अब इस प्रतियोगिता में विकास राणा ने आर्थिक हालात से लड़ते हुए देश का नाम रोशन किया। हालांकि विकास राणा के परिवार की आर्थिक हालात कमजोर होने के कारण उनको इस चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए कर्ज तक का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और देश की शान बढ़ाने के लिए विपरीत हालात से लड़ते हुए जर्मनी पहुंची। जहां पर उन्होंने क्राॅस कंट्री स्कीइंग में भाग लेकर देश का नाम स्वर्ण पदक पर लिखवाने का काम किया। राणा पहले भी कई इन प्रतियोगिताओं के लिए आर्थिक हालात से लड़ी थी। इसी से सीख लेकर राणा ने अपने लक्ष्य को भेदना सीखा। अब राणा के जींद पहुंचने पर विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन कर देश का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखवाने वाली बेटी को सम्मानित करेंगे।
विज्ञापन
विकास राणा ने जिले के सुदकैन खुर्द गांव एक किसान परिवार की बेटी है। इससे पहले भी विकास राणा ने देश के लिए कई अन्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अब इस प्रतियोगिता में विकास राणा ने आर्थिक हालात से लड़ते हुए देश का नाम रोशन किया। हालांकि विकास राणा के परिवार की आर्थिक हालात कमजोर होने के कारण उनको इस चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए कर्ज तक का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और देश की शान बढ़ाने के लिए विपरीत हालात से लड़ते हुए जर्मनी पहुंची। जहां पर उन्होंने क्राॅस कंट्री स्कीइंग में भाग लेकर देश का नाम स्वर्ण पदक पर लिखवाने का काम किया। राणा पहले भी कई इन प्रतियोगिताओं के लिए आर्थिक हालात से लड़ी थी। इसी से सीख लेकर राणा ने अपने लक्ष्य को भेदना सीखा। अब राणा के जींद पहुंचने पर विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन कर देश का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखवाने वाली बेटी को सम्मानित करेंगे।
विज्ञापन