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Jind News: राम-भरत मिलाप देखकर भावुक हुए दर्शक
Tue, 08 Oct 2024 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 08 Oct 2024 01:40 AM IST
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नरवाना। पुरानी अनाज मंडी में श्रीरामा भारतीय कला केंद्र की ओर से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला के छठे दिन भरत मिलाप का दृश्य देख दर्शक भावुक हो गए। इनसे पहले कैकेयी महल, कौशल्या महल, निखादराज और अंत में चित्रकूट का मंचन किया गया। रात में मंच पर बाबा गैबी साहब हम करां वंदना थारी की आरती कलाकारों ने की। रामलीला में अंतिम दृश्य सूर्पनखा के नाक काटने का दिखा गया।
रामलीला मंचन में दिखाया गया कि भरत अपनी माता के महलों में आते हैं और वन में जाने की आज्ञा मांगते हैं। उसके बाद वह वन की ओर रवाना हो जाते हैं। वह ढूंढ़ते-ढूंढ़ते भगवान राम के पास पहुंच जाते हैं। उनका राम के साथ मिलाप होता है। इसके बाद भरत भगवान राम की खड़ाऊं लेकर वहां से अयोध्या आ जाते हैं। उस खड़ाऊं को सिंहासन पर रख देते हैं। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण वनों में आगे की और चलते हैं और उनकी मुलाकात अगस्त ऋषि से होती है। यहां वह अगस्त ऋषि से आशीर्वाद लेते हैं और आगे की राह पूछते हैं। इसके बाद अगस्त ऋषि उन्हें विश्राम के लिए पंचवटी में रुकने की बात कहता है। रामलीला के मंचन में राम की भूमिका अमन वर्मा, लक्ष्मण की भूमिका रामप्रकाश, सीता की भूमिका प्रिंस धीमान, भरत की भूमिका प्रमोद सिंगला, कौशल्य की सचिन शर्मा, कैकेयी की हरीश गुप्ता ने निभाई।
इस अवसर पर प्रधान भारतभूषण गर्ग, पीसीसी सदस्य एडवोकेट सुशील कौशिक, खजांची बाता, कुलदीप बडनपुर, अचल मित्तल, रामकुमार गर्ग, वेद अरोड़ा, सत्यवान गोस्वामी, विकास मित्तल, संजय रोहिल्ला व विनोद चितारा मौजूद थे।
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वहीं जींद में सैनी रामलीला में भी सूर्पनखा के नाक काटने का मंचन दिखा गया। सूर्पनखा ने वन में लक्ष्मण के साथ घर बसाने की सोचा, लेकिन लक्ष्मण ने उसके ज्यादा बोलने तथा बार-बार दबाव बनाने के कारण उसकी नाक काट दी।
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रामलीला मंचन में दिखाया गया कि भरत अपनी माता के महलों में आते हैं और वन में जाने की आज्ञा मांगते हैं। उसके बाद वह वन की ओर रवाना हो जाते हैं। वह ढूंढ़ते-ढूंढ़ते भगवान राम के पास पहुंच जाते हैं। उनका राम के साथ मिलाप होता है। इसके बाद भरत भगवान राम की खड़ाऊं लेकर वहां से अयोध्या आ जाते हैं। उस खड़ाऊं को सिंहासन पर रख देते हैं। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण वनों में आगे की और चलते हैं और उनकी मुलाकात अगस्त ऋषि से होती है। यहां वह अगस्त ऋषि से आशीर्वाद लेते हैं और आगे की राह पूछते हैं। इसके बाद अगस्त ऋषि उन्हें विश्राम के लिए पंचवटी में रुकने की बात कहता है। रामलीला के मंचन में राम की भूमिका अमन वर्मा, लक्ष्मण की भूमिका रामप्रकाश, सीता की भूमिका प्रिंस धीमान, भरत की भूमिका प्रमोद सिंगला, कौशल्य की सचिन शर्मा, कैकेयी की हरीश गुप्ता ने निभाई।
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इस अवसर पर प्रधान भारतभूषण गर्ग, पीसीसी सदस्य एडवोकेट सुशील कौशिक, खजांची बाता, कुलदीप बडनपुर, अचल मित्तल, रामकुमार गर्ग, वेद अरोड़ा, सत्यवान गोस्वामी, विकास मित्तल, संजय रोहिल्ला व विनोद चितारा मौजूद थे।
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वहीं जींद में सैनी रामलीला में भी सूर्पनखा के नाक काटने का मंचन दिखा गया। सूर्पनखा ने वन में लक्ष्मण के साथ घर बसाने की सोचा, लेकिन लक्ष्मण ने उसके ज्यादा बोलने तथा बार-बार दबाव बनाने के कारण उसकी नाक काट दी।