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Jind News: मार्केट फीस बढ़ोतरी के विरोध में आज बंद रहेगी सब्जी मंडी
Wed, 20 Dec 2023 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 20 Dec 2023 12:35 AM IST
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19जेएनडी07 : सब्जीमंडी में सुबह के समय लगी भीड़। संवाद
जींद। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा मार्केट फीस बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार को आढ़तियों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इसके चलते सब्जी मंडी बंद रहेगी। सब्जी मंडी में सब्जियों व फलों की कोई खरीद फरोख्त नहीं होगी। इससे सब्जी उत्पादक किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आढ़तियों का कहना है कि अगर सरकार ने बढ़ी फीस को वापस नहीं लिया तो लाइसेंस सरेंडर करना उनकी मजबूरी होगी। सब्जी मंडी आढ़तियों की हड़ताल से मार्केट कमेटी राजस्व का नुकसान होगा, वहीं सब्जी उत्पादक किसानों के साथ-साथ सब्जी की रेहड़ी, फड़ी का काम करने वालों व आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
40 प्रतिशत फीस में बढ़ोतरी से नाराजगी
आढ़तियों का कहना है कि वर्ष 2014 से 2020 तक कोई मार्केट फीस नहीं थी। वर्ष 2020 में सरकार ने आढ़तियों से एक फिसदी मार्केट फीस तथा एक फीसदी हरियाणा ग्रामीण विकास निधि के लिए लेना तय किया था। उस समय कारण कोविड बताया गया था। अब सरकार ने एक अक्तूबर से मार्केट फीस में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी है। 13 दिसंबर को मार्केट फीस खत्म करने को लेकर हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक से आढ़तियों का प्रतिनिधि मंडल मिला गया था लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। एक अप्रैल 2024 से सब्जी मंडी के आढ़तियों से एडवांस फीस भरवाने व हर साल दस फीसदी बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की गई है। जो सरासर गलत है।
हर साल सवा करोड़ का आ रहा राजस्व
सब्जी मंडी से हर साल मार्केट कमेटी को सवा करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। औसत रूप से हर रोज मार्केट कमेटी को 50 से 60 हजार रुपये का राजस्व मिलता है। आढ़तियों द्वारा सब्जी मंडी बंद करने से सरकार को तो राजस्व का चूना लगेगा ही, साथ में सब्जी उत्पादक किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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आसपास के गांव से किसान आते हैं सब्जी बेचने
शहर व आसपास के दर्जनभर गांवों के किसान सब्जी मंडी में अपनी सब्जी बेचने आते हैं। कुछ किसान ऐसे भी हैं, जो मजदूरी पर सब्जी तुड़वाते हैं। सब्जी मंडी बंद होने के कारण किसान सब्जी मंडी में अपनी फसल नहीं ला पाएंगे। जो मजदूरी सब्जी उत्पादक किसानों से जुड़े हैं, उन्हें भी काम नहीं मिल पाएगा।
आढ़ती एसोसिएशन प्रधान मोहित गुंबर ने बताया कि मार्केट फीस बढ़ाने के विरोध में विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक से मिले थे लेकिन उन्होंने आढ़तियों की कोई बात नहीं सुनी। इस पर 20 दिसंबर को सब्जी मंडी बंद करने की चेतावनी दी गई है। सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो सब्जी मंडियों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। मार्केट कमेटी के सचिव संजीव जांगड़ा ने बताया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मार्केट फीस को लेकर नई स्लैब बनाई है।
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40 प्रतिशत फीस में बढ़ोतरी से नाराजगी
आढ़तियों का कहना है कि वर्ष 2014 से 2020 तक कोई मार्केट फीस नहीं थी। वर्ष 2020 में सरकार ने आढ़तियों से एक फिसदी मार्केट फीस तथा एक फीसदी हरियाणा ग्रामीण विकास निधि के लिए लेना तय किया था। उस समय कारण कोविड बताया गया था। अब सरकार ने एक अक्तूबर से मार्केट फीस में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी है। 13 दिसंबर को मार्केट फीस खत्म करने को लेकर हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक से आढ़तियों का प्रतिनिधि मंडल मिला गया था लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। एक अप्रैल 2024 से सब्जी मंडी के आढ़तियों से एडवांस फीस भरवाने व हर साल दस फीसदी बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की गई है। जो सरासर गलत है।
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हर साल सवा करोड़ का आ रहा राजस्व
सब्जी मंडी से हर साल मार्केट कमेटी को सवा करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। औसत रूप से हर रोज मार्केट कमेटी को 50 से 60 हजार रुपये का राजस्व मिलता है। आढ़तियों द्वारा सब्जी मंडी बंद करने से सरकार को तो राजस्व का चूना लगेगा ही, साथ में सब्जी उत्पादक किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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आसपास के गांव से किसान आते हैं सब्जी बेचने
शहर व आसपास के दर्जनभर गांवों के किसान सब्जी मंडी में अपनी सब्जी बेचने आते हैं। कुछ किसान ऐसे भी हैं, जो मजदूरी पर सब्जी तुड़वाते हैं। सब्जी मंडी बंद होने के कारण किसान सब्जी मंडी में अपनी फसल नहीं ला पाएंगे। जो मजदूरी सब्जी उत्पादक किसानों से जुड़े हैं, उन्हें भी काम नहीं मिल पाएगा।
आढ़ती एसोसिएशन प्रधान मोहित गुंबर ने बताया कि मार्केट फीस बढ़ाने के विरोध में विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक से मिले थे लेकिन उन्होंने आढ़तियों की कोई बात नहीं सुनी। इस पर 20 दिसंबर को सब्जी मंडी बंद करने की चेतावनी दी गई है। सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो सब्जी मंडियों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। मार्केट कमेटी के सचिव संजीव जांगड़ा ने बताया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मार्केट फीस को लेकर नई स्लैब बनाई है।