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स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण में लग जाएगा डेढ़ महीना
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जींद। कोरोना का टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है लेकिन अभी गति धीमी चल रही है। तीन दिन में अब तक सिर्फ 449 स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को वैक्सीन लग पाई है यानि औसतन रोजाना सिर्फ 150 लोगों को। अगर इसी गति से टीकाकरण जारी रहा तो सूची में शामिल सरकारी व निजी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े 7 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने में करीब डेढ़ महीना बीत जाएगा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्य में तेजी जाने पर विचार किया है। शुक्रवार से विभाग टीकाकरण के लिए सेंटर बढ़ाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। पहले दिन 300 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है, इनमें से केवल 156 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। सोमवार को केवल नागरिक अस्पताल में ही 170 लोगों को वैक्सीन लगा दी। अब मंगलवार को फिर से 300 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य था लेकिन सिर्फ 123 लोग ही पहुंचे। इनमें जींद में 56, नरवाना में 25 तथा सफीदों में 42 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। इस हिसाब से अब तक तीन दिन केवल 449 लोगों ही वैक्सीन लग पाई। जिले में बच्चों को छोड़कर लगभग डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं, जिनको नियमानुसार वैक्सीन लगाई जानी है। इस प्रकार इन डेढ़ लाख लोगों को वैक्सीन लगाने में ही वर्षों लग जाएंगे क्योंकि एक व्यक्ति को 28 दिन बाद दूसरी डोज लगनी है।
सेंट्रलाइजेशन मैसेज भेजना बनी चुनौती
अभियान में सबसे बड़ी खामी यह है कि इसमें सेंट्रलाइजेशन मैसेज भेजने पड़ते हैं। इनमें से काफी लोगों को मैसेज नहीं पहुंच पाते। बिना मैसेज के वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती। जिन लोगों के पास मैसेज जाते हैं, उनमें से कुछ बीमार हो जाते हैं और कुछ अन्य जरूरी कार्य के कारण नहीं पहुंच पाते। इस कारण जिन लोगों को वैक्सीन के लिए संदेश भेजे जाते हैं, वह सभी को नहीं लग पाती।
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प्रतिदिन 300 लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए मैसेज भेजे जाते हैं। इनमें से कुछ तबीयत खराब होने तो कुछ जरूरी कार्य के चलते टीकाकरण के लिए नहीं पहुंच पा रहे। बुधवार को छुट्टी है। वीरवार को शेड्यूल बनाकर शुक्रवार से सेंटर बढ़ाए जाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। - डॉ. नवनीत सिंह, टीकाकरण अधिकारी।
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स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। पहले दिन 300 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है, इनमें से केवल 156 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। सोमवार को केवल नागरिक अस्पताल में ही 170 लोगों को वैक्सीन लगा दी। अब मंगलवार को फिर से 300 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य था लेकिन सिर्फ 123 लोग ही पहुंचे। इनमें जींद में 56, नरवाना में 25 तथा सफीदों में 42 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। इस हिसाब से अब तक तीन दिन केवल 449 लोगों ही वैक्सीन लग पाई। जिले में बच्चों को छोड़कर लगभग डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं, जिनको नियमानुसार वैक्सीन लगाई जानी है। इस प्रकार इन डेढ़ लाख लोगों को वैक्सीन लगाने में ही वर्षों लग जाएंगे क्योंकि एक व्यक्ति को 28 दिन बाद दूसरी डोज लगनी है।
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सेंट्रलाइजेशन मैसेज भेजना बनी चुनौती
अभियान में सबसे बड़ी खामी यह है कि इसमें सेंट्रलाइजेशन मैसेज भेजने पड़ते हैं। इनमें से काफी लोगों को मैसेज नहीं पहुंच पाते। बिना मैसेज के वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती। जिन लोगों के पास मैसेज जाते हैं, उनमें से कुछ बीमार हो जाते हैं और कुछ अन्य जरूरी कार्य के कारण नहीं पहुंच पाते। इस कारण जिन लोगों को वैक्सीन के लिए संदेश भेजे जाते हैं, वह सभी को नहीं लग पाती।
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प्रतिदिन 300 लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए मैसेज भेजे जाते हैं। इनमें से कुछ तबीयत खराब होने तो कुछ जरूरी कार्य के चलते टीकाकरण के लिए नहीं पहुंच पा रहे। बुधवार को छुट्टी है। वीरवार को शेड्यूल बनाकर शुक्रवार से सेंटर बढ़ाए जाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। - डॉ. नवनीत सिंह, टीकाकरण अधिकारी।