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आफत बना ऑनलाइन एडमिशन
Jind
Updated Tue, 17 Jun 2014 01:04 AM IST
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उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा राज्यभर के महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कराने की योजना शुरुआती दौर में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। आनन फानन में शुरू की गई ऑनलाइन एडमिशन योजना विद्यार्थियों के लिए राहत कम आफत ज्यादा बन गई।
ऑनलाइन आवेदन जमा करवाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई वेबसाइट सोमवार को पूरे दिन बाधित रही। इसके कारण राजकीय महाविद्यालय में एक भी फॉर्म जमा नहीं हो सका।
अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया अभ्यर्थियों को रास नहीं आ रही है। विभाग ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से आवेदन जमा करने की प्रक्रिया को सुलभ बनाने का दावा कर रहा है। वहीं विभाग की तरफ से जारी की गई वेबसाइट जवाब दे रही है।
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ऑनलाइन आवेदन से भले ही विश्वविद्यालय को फायदा हो कि वहां डाटा एकत्रित करने में दिक्कत नहीं होगी, लेकिन यह विद्यार्थियों पर भारी पड़ रहा है। विद्यार्थियों पर आर्थिक मार तो पड़ रही रही है, इसके साथ उन्हें धक्के भी खाने पड़ रहे हैं। बिजली के लगने वाले कटों के कारण कंप्यूटर सेंटर पर भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की मांग है कि यदि ऑनलाइन आवेदन विश्वविद्यालय कराता है तो, इसकी सुविधा भी दी जाए।
राजकीय महाविद्यालय जींद की प्रथम वर्ष के लिए निर्धारित सीटें
बीए प्रथम - 500 सीट
बीए इंग्लिश (ऑनर्स) - 40 सीट
बीए प्रथम भूगोल (ऑनर्स) - 40सीट
बीएससी - 60 सीट
बीएससी मेडिकल - 60 सीट
बीएससी कंप्यूटर साइंस - 60 सीट
बीकॉम - 300 सीट
बीसीए - 60 सीट
बायोटेक (बीएससी) - 30 सीट
एमए (इकोनॉमिक्स) - 60 सीट
एमए इंग्लिश - 60 सीट
एमए हिंदी - 60 सीट
एमकॉम - 60 सीट
पीजीडीसीए - 60 सीट
बराड़ खेड़ा मनीष ने कहा कि वह कॉलेज में बीए प्रथम के लिए आवेदन जमा कराने आया है। कॉलेज में कहीं भी आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में कहीं भी कोई नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया है। विभाग द्वारा दावा किया गया था कि विद्यालय में नि:शुल्क ऑनलाइन आवेदन भरे जाएंगे लेकिन यहां आवेदन जमा करवाने के लिए 30 रुपये वसूल किए जा रहे हैं।
बराड़ खेड़ा निवासी अनिल ने कहा कि उसे बीए प्रथम वर्ष के लिए आवेदन जमा कराना है। महाविद्यालय में नि:शुल्क की बजाए आवेदन के लिए पैसे लिये जा रहे हैं। मौके पर फॉर्म जमा न होने के कारण सभी विद्यार्थियों से कागजात लिये जा रहे हैं और आवेदन प्रति कल देने के लिए कहा गया है।
मोहनगढ़ छापड़ा निवासी नवदीप ने कहा कि ऑनलाइन से बेहतर तो प्रॉस्पेक्ट्स के माध्यम से आवेदन जमा करवाने की प्रक्रिया सही है। प्रॉस्पेक्ट्स के द्वारा फार्म को भरने में आसानी रहती है और गलती होने की संभावना भी नहीं रहती है। सुबह से ही आवेदन जमा करने के लिए जितने भी अभ्यार्थी आ रहे हैं उनसे कंप्यूटर ऑपरेटर यही बोल रहे हैं कि सरवर काम नहीं कर रहा है। इसलिए सभी के कागजात और फोटो एकत्रित करके रात को फार्म भरने के लिए बोल रहे हैं।
गांव अनूपगढ़ निवासी अंकित ने बताया कि विभाग द्वारा समाचार पत्रों में महाविद्यालय में नि:शुल्क आवेदन करने के बारे में सूचना दी गई है। लेकिन कॉलेज में विद्यालय की तरफ से नि:शुल्क आवेदन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। निजी कंप्यूटर संचालक महाविद्यालय के पुस्तकालय और कैंटीन में फार्म भर रहे हैं।
दावा दस का चालू एक भी नहीं
राजकीय कॉलेज द्वारा ऑनलाइन आवेदन के लिए दस कंप्यूटर उपलब्ध कराने का दावा किया, लेकिन कॉलेज में एक भी जगह मुफ्त कंप्यूटर से आवेदन नहीं होते मिले। हां पुस्तकालय और कैंटीन में करीब दस कंप्यूटर पर विद्यार्थियों से 30 रुपये लेकर आवेदन पत्र जा रहे हैं।
आवेदन करने के लिए महाविद्यालय की तरफ से नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस वर्ष महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के लिए लगभग 6000, द्वितीय और अंतिम वर्ष के लिए लगभग 2000 अभ्यर्थी आवेदन करेंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए निजी कंप्यूटर संचालकों से बातचीत की गई है और न्यूनतम मूल्य पर आवेदन भरने के लिए उन्हें महाविद्यालय में बुलाया गया है। राज्य भर में आवेदन जमा किए जा रहे हैं जिससे विभाग द्वारा जारी की गई वेबसाइट व्यस्त चल रही है। इसी कारण आवेदन करने में तकनीकी समस्या आ रही है।
डॉ. वीपी श्योराण, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय जींद।
जुलाना में सुबह से ही ब्रॉडबैंड सरवर डाउन होने के कारण कॉलेज में डाटा कार्ड से आवेदन भरे जा रहे हैं। शुरुआती दौर होने के कारण अधिकतर अभ्यर्थियों को एडमिशन तारीख का पता नहीं है। अगले एक-दो दिन में आवेदन के लिए अभ्यर्थी आने शुरू हो जाएंगे। सोमवार को महाविद्यालय में केवल तीन-चार अभ्यर्थियों के ही फार्म भरे गए हैं। कई अभ्यर्थियों के पास पूरे कागजात नहीं थे। उन्हें आवेदन संबंधी प्रक्रिया में बताया गया है। तकनीकी कमी के कारण एकाध आवेदन भरने में परेशानी हो रही है। इस बारे में विभाग से बात की जाएगी।
बलजीत सिंह, प्राचार्य राजकीय कॉलेज जुलाना।
ऑनलाइन आवेदन जमा करवाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई वेबसाइट सोमवार को पूरे दिन बाधित रही। इसके कारण राजकीय महाविद्यालय में एक भी फॉर्म जमा नहीं हो सका।
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अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया अभ्यर्थियों को रास नहीं आ रही है। विभाग ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से आवेदन जमा करने की प्रक्रिया को सुलभ बनाने का दावा कर रहा है। वहीं विभाग की तरफ से जारी की गई वेबसाइट जवाब दे रही है।
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ऑनलाइन आवेदन से भले ही विश्वविद्यालय को फायदा हो कि वहां डाटा एकत्रित करने में दिक्कत नहीं होगी, लेकिन यह विद्यार्थियों पर भारी पड़ रहा है। विद्यार्थियों पर आर्थिक मार तो पड़ रही रही है, इसके साथ उन्हें धक्के भी खाने पड़ रहे हैं। बिजली के लगने वाले कटों के कारण कंप्यूटर सेंटर पर भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की मांग है कि यदि ऑनलाइन आवेदन विश्वविद्यालय कराता है तो, इसकी सुविधा भी दी जाए।
राजकीय महाविद्यालय जींद की प्रथम वर्ष के लिए निर्धारित सीटें
बीए प्रथम - 500 सीट
बीए इंग्लिश (ऑनर्स) - 40 सीट
बीए प्रथम भूगोल (ऑनर्स) - 40सीट
बीएससी - 60 सीट
बीएससी मेडिकल - 60 सीट
बीएससी कंप्यूटर साइंस - 60 सीट
बीकॉम - 300 सीट
बीसीए - 60 सीट
बायोटेक (बीएससी) - 30 सीट
एमए (इकोनॉमिक्स) - 60 सीट
एमए इंग्लिश - 60 सीट
एमए हिंदी - 60 सीट
एमकॉम - 60 सीट
पीजीडीसीए - 60 सीट
बराड़ खेड़ा मनीष ने कहा कि वह कॉलेज में बीए प्रथम के लिए आवेदन जमा कराने आया है। कॉलेज में कहीं भी आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में कहीं भी कोई नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया है। विभाग द्वारा दावा किया गया था कि विद्यालय में नि:शुल्क ऑनलाइन आवेदन भरे जाएंगे लेकिन यहां आवेदन जमा करवाने के लिए 30 रुपये वसूल किए जा रहे हैं।
बराड़ खेड़ा निवासी अनिल ने कहा कि उसे बीए प्रथम वर्ष के लिए आवेदन जमा कराना है। महाविद्यालय में नि:शुल्क की बजाए आवेदन के लिए पैसे लिये जा रहे हैं। मौके पर फॉर्म जमा न होने के कारण सभी विद्यार्थियों से कागजात लिये जा रहे हैं और आवेदन प्रति कल देने के लिए कहा गया है।
मोहनगढ़ छापड़ा निवासी नवदीप ने कहा कि ऑनलाइन से बेहतर तो प्रॉस्पेक्ट्स के माध्यम से आवेदन जमा करवाने की प्रक्रिया सही है। प्रॉस्पेक्ट्स के द्वारा फार्म को भरने में आसानी रहती है और गलती होने की संभावना भी नहीं रहती है। सुबह से ही आवेदन जमा करने के लिए जितने भी अभ्यार्थी आ रहे हैं उनसे कंप्यूटर ऑपरेटर यही बोल रहे हैं कि सरवर काम नहीं कर रहा है। इसलिए सभी के कागजात और फोटो एकत्रित करके रात को फार्म भरने के लिए बोल रहे हैं।
गांव अनूपगढ़ निवासी अंकित ने बताया कि विभाग द्वारा समाचार पत्रों में महाविद्यालय में नि:शुल्क आवेदन करने के बारे में सूचना दी गई है। लेकिन कॉलेज में विद्यालय की तरफ से नि:शुल्क आवेदन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। निजी कंप्यूटर संचालक महाविद्यालय के पुस्तकालय और कैंटीन में फार्म भर रहे हैं।
दावा दस का चालू एक भी नहीं
राजकीय कॉलेज द्वारा ऑनलाइन आवेदन के लिए दस कंप्यूटर उपलब्ध कराने का दावा किया, लेकिन कॉलेज में एक भी जगह मुफ्त कंप्यूटर से आवेदन नहीं होते मिले। हां पुस्तकालय और कैंटीन में करीब दस कंप्यूटर पर विद्यार्थियों से 30 रुपये लेकर आवेदन पत्र जा रहे हैं।
आवेदन करने के लिए महाविद्यालय की तरफ से नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस वर्ष महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के लिए लगभग 6000, द्वितीय और अंतिम वर्ष के लिए लगभग 2000 अभ्यर्थी आवेदन करेंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए निजी कंप्यूटर संचालकों से बातचीत की गई है और न्यूनतम मूल्य पर आवेदन भरने के लिए उन्हें महाविद्यालय में बुलाया गया है। राज्य भर में आवेदन जमा किए जा रहे हैं जिससे विभाग द्वारा जारी की गई वेबसाइट व्यस्त चल रही है। इसी कारण आवेदन करने में तकनीकी समस्या आ रही है।
डॉ. वीपी श्योराण, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय जींद।
जुलाना में सुबह से ही ब्रॉडबैंड सरवर डाउन होने के कारण कॉलेज में डाटा कार्ड से आवेदन भरे जा रहे हैं। शुरुआती दौर होने के कारण अधिकतर अभ्यर्थियों को एडमिशन तारीख का पता नहीं है। अगले एक-दो दिन में आवेदन के लिए अभ्यर्थी आने शुरू हो जाएंगे। सोमवार को महाविद्यालय में केवल तीन-चार अभ्यर्थियों के ही फार्म भरे गए हैं। कई अभ्यर्थियों के पास पूरे कागजात नहीं थे। उन्हें आवेदन संबंधी प्रक्रिया में बताया गया है। तकनीकी कमी के कारण एकाध आवेदन भरने में परेशानी हो रही है। इस बारे में विभाग से बात की जाएगी।
बलजीत सिंह, प्राचार्य राजकीय कॉलेज जुलाना।