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खाते हुए अपडेट, अटकी हुई पेंशन आएगी अगले महीने
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जिला समाज विभाग कार्यालय में दस्तावेज जमा करवाने वालों की लगी भीड़। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। जिला के जिन निराश्रितों ने अपने आधार कार्ड, दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र और विधवाओं ने अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र जिला समाज कल्याण विभाग कार्यालय में जमा करवा दिए हैं। उन निराश्रितों और विधवा महिलाओं की अटकी हुई पेंशन अक्तूबर महीने में आ जाएगी, क्योंकि जिला समाज कल्याण विभाग ने छुट्टी के दिन रविवार को कार्यालय में शिविर लगाया।
शिविर में उन्होंने 320 खाते अपडेट दिए। उन खातों से संबंधित कागजातों को अपलोड किया। अब 609 मामले ऐसे रह गए हैं, जिनके आधार कार्ड, दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र या पति की मृत्य प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाए हैं। कागजात जमा होते ही उन मामलों को भी अपडेट कर दिया जाएगा और उनकी भी रूकी हुई पेंशन शुरू हो जाएगी।
समाज कल्याण विभाग कार्यालय ने दो सप्ताह पहले नोटिफिकेशन जारी किया था कि विभाग ने अपने पोर्टल पर एक विकल्प दिया है, वहां पर कागजात अपलोड किए जा सकते हैं। कई महीनों से अटकी हुई पेंशन को दोबारा शुरू करवाने के लिए जिला कार्यालय में निराश्रितों के लिए दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र और विधवा मामले में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र की प्रति जमा करवानी होगी। इसके अलावा अटल सेवा केंद्र पर विभाग के पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड भी किए जा सकते हैं। उन्होंने विभाग कार्यालय या फिर अटल सेवा केंद्र पर बार-बार धक्के खाने की जरूरत नहीं है। अगस्त महीने में निदेशालय ने जिला कार्यालय के पास 950 निराश्रितों और विधवा महिलाओं की सूची भेजी थी। निदेशालय ने कार्यालय कर्मचारियों को आदेश दिए थे कि पेंशनभोगियों के दस्तावेजों की जांच करवाई जाए। कहीं यह फर्जी तरीके से पेंशन तो नहीं ले रहे। इस पर जिला कार्यालय के कर्मचारियों ने इन 950 पेंशन पात्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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3 महीने पहले 4576 लोगों की आई थी सूची
जिन महिलाओं ने अपने पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी कर ली। इसके अलावा दंपति की सालाना आय दो लाख से ऊपर मिली। वहीं कुछ लोग फर्जी कागजातों के सहारे बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रहे थे। उन पर कार्रवाई करने के लिए निदेशालय ने पूरे प्रदेश से 20 हजार से ज्यादा लोगों की पेंशन रोक दी थी। इसके कारण जिले में भी हजारों लोगों की पेंशन अटक गई थी। पेंशन अटकने के कारण निश्रारित, विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग बार-बार विभाग कार्यालय के चक्कर काटने लगे थे। फिर निदेशालय ने 4576 लोगों की सूची भेजी, जिन पर फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ लेने का शक था। इसके बाद कर्मचारियों ने इन पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच की गई थी। उसके बाद ही पेंशन दोबारा शुरू हो पाई थी।
विभाग ने रविवार को शिविर लगाकर 320 के लगभग केसों के खाते अपडेट किए गए। उनकी अटकी हुई पेंशन अगले महीने आ जाएगी। अब तक जिसने भी अपने कागजात जमा नहीं करवाए हैं। वह अपना मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र जल्द जमा करवाएं, ताकि उनकी पेंशन भी दोबारा से चालू करवाई जा सके।
सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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शिविर में उन्होंने 320 खाते अपडेट दिए। उन खातों से संबंधित कागजातों को अपलोड किया। अब 609 मामले ऐसे रह गए हैं, जिनके आधार कार्ड, दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र या पति की मृत्य प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाए हैं। कागजात जमा होते ही उन मामलों को भी अपडेट कर दिया जाएगा और उनकी भी रूकी हुई पेंशन शुरू हो जाएगी।
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समाज कल्याण विभाग कार्यालय ने दो सप्ताह पहले नोटिफिकेशन जारी किया था कि विभाग ने अपने पोर्टल पर एक विकल्प दिया है, वहां पर कागजात अपलोड किए जा सकते हैं। कई महीनों से अटकी हुई पेंशन को दोबारा शुरू करवाने के लिए जिला कार्यालय में निराश्रितों के लिए दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र और विधवा मामले में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र की प्रति जमा करवानी होगी। इसके अलावा अटल सेवा केंद्र पर विभाग के पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड भी किए जा सकते हैं। उन्होंने विभाग कार्यालय या फिर अटल सेवा केंद्र पर बार-बार धक्के खाने की जरूरत नहीं है। अगस्त महीने में निदेशालय ने जिला कार्यालय के पास 950 निराश्रितों और विधवा महिलाओं की सूची भेजी थी। निदेशालय ने कार्यालय कर्मचारियों को आदेश दिए थे कि पेंशनभोगियों के दस्तावेजों की जांच करवाई जाए। कहीं यह फर्जी तरीके से पेंशन तो नहीं ले रहे। इस पर जिला कार्यालय के कर्मचारियों ने इन 950 पेंशन पात्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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3 महीने पहले 4576 लोगों की आई थी सूची
जिन महिलाओं ने अपने पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी कर ली। इसके अलावा दंपति की सालाना आय दो लाख से ऊपर मिली। वहीं कुछ लोग फर्जी कागजातों के सहारे बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रहे थे। उन पर कार्रवाई करने के लिए निदेशालय ने पूरे प्रदेश से 20 हजार से ज्यादा लोगों की पेंशन रोक दी थी। इसके कारण जिले में भी हजारों लोगों की पेंशन अटक गई थी। पेंशन अटकने के कारण निश्रारित, विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग बार-बार विभाग कार्यालय के चक्कर काटने लगे थे। फिर निदेशालय ने 4576 लोगों की सूची भेजी, जिन पर फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ लेने का शक था। इसके बाद कर्मचारियों ने इन पेंशनपात्रों के दस्तावेजों की जांच की गई थी। उसके बाद ही पेंशन दोबारा शुरू हो पाई थी।
विभाग ने रविवार को शिविर लगाकर 320 के लगभग केसों के खाते अपडेट किए गए। उनकी अटकी हुई पेंशन अगले महीने आ जाएगी। अब तक जिसने भी अपने कागजात जमा नहीं करवाए हैं। वह अपना मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र जल्द जमा करवाएं, ताकि उनकी पेंशन भी दोबारा से चालू करवाई जा सके।
सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी।