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Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Until arrangements are made, new cows will not be able to leave in Nandishala.

व्यवस्थाएं हो जाने तक नंदीशाला में नए गोवंश नहीं छोड़ सकेंगे

Tue, 19 Oct 2021 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 11:39 PM IST
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Until arrangements are made, new cows will not be able to leave in Nandishala.
एसडीएम कार्यालय में बैठक करते अधिकारी व गोभक्त। संवाद - फोटो : Jind
जींद। नंदीशाला में बेसहारा पशुओं को छोड़ने को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया है। मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में गोभक्तों, नंदीशाला संचालन समिति और प्रशासन के बीच बैठक हुई। इसमें नंदीशाला संचालन समिति व गोभक्तों ने कहा कि जब तक यहां रह रहे गोवंश के लिए उचित व्यवस्था नहीं हो जाती, नए गोवंश नहीं छोड़ने दिया जाएगा। इस पर एसडीएम दलबीर सिंह ने कहा कि रोहतक के पहरावर व गुरुग्राम गोशाला की तर्ज पर नगर परिषद फंड से प्रति गोवंश का भुगतान किया जाए। इसके लिए सरकार को डीएमसी के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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गौरतलब है कि शहर की सड़कों से गोवंश को हटाने के लिए करीब चार साल पहले अभियान शुरू हुआ था। इसके लिए जयंती देवी मंदिर के सामने अस्थायी नंदीशाला भी बनाई गई। गोभक्तों का आरोप है कि नंदीशाला में चारे व अन्य की उचित व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण यहां आए दिन गोवंशों की मौत हो रही है। करीब एक सप्ताह पहले कुछ गोभक्त रात को घायल गोवंश को छोड़ने गए थे। यहां देखा तो 10-11 गोवंश मरे पड़े थे और कुछ को कुत्ते नोच रहे थे। जयति-जयति हिंदू महान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल प्रताप चौहान ने कहा कि नंदीशाला में चारे की उतनी कमी भी नहीं है, लेकिन यहां उचित प्रबंधन नहीं होने से चारा सही प्रकार से मिल नहीं रहा है। कुछ पशुओं को सूखा तूड़ा मिल रहा है और इससे पशु मर रहे हैं।
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मिट्टी के लिए नहीं हुआ भुगतान
बैठक में नंदीशाला संचालन समिति के अध्यक्ष स्वामी राघवानंद ने कहा कि पिछले दिनों नंदीशाला में मिट्टी गिरवाई गई थी। उसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इस पर नगर परिषद के एमई भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मिट्टी की बात किसी और से हुई थी और कुछ भुगतान हो चुका है। करीब दो लाख रुपये का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा।
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दो नंदीशालाओं में हैं करीब तीन हजार गोवंश
फिलहाल बीड़ बड़ावन व जयंती देवी मंदिर के पास दो नंदीशाला चल रही हैं। इनमें करीब तीन हजार पशु हैं। वहीं सड़कों पर करीब दो हजार बेसहारा पशु घूम रहे हैं। नगर परिषद का ठेकेदार नियमित रूप से गोवंशों को नंदीशाला में भेज रहा है। इनको अब नंदीशाला में भेजा जाएगा या नहीं, यह समय ही बताएगा।
कार्यकारी अधिकारी जुटाएंगे दस्तावेज
बैठक में डीएमसी मेजर गायत्री अहलावत ने कहा कि रोहतक के पहरावर गोशाला में प्रति पशु भुगतान किया जाता है। ऐसे में जींद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी उन दस्तावेजों को जुटाएं, ताकि जींद में भी इसी प्रकार की व्यवस्था की जा सके।

नंदीशाला में नहीं पहुंचते चिकित्सक
बैठक में गोसेवकों ने कहा कि नंदीशाला में प्रशासन द्वारा पशु चिकित्सक तो तैनात किए गए हैं, लेकिन यह पहुंचते नहीं। सिर्फ हाजिरी लगाते हैं। इस पर एसडीएम दलबीर सिंह ने व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
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